किसी ने दार्शनिक *ओशो रजनीश* से पूछा, आप भारतीय संस्कृति का इतना विरोध क्यों करते हो ?
किसी ने दार्शनिक *ओशो रजनीश* से पूछा, आप भारतीय संस्कृति का इतना विरोध क्यों करते हो ? ओशो का जवाब था! भारत एक बुनियादी भूल में पड़ा रहा है, इसने विज्ञान का तिरस्कार किया उसका फल भोग रहा है, *विज्ञान के तिरस्कार के कारण तुम दो हजार साल गुलाम रहे हो,* तुम्हारी स्वतंत्रता दूसरों की कृपा पर निर्भर है... इतना बड़ा देश, १३० करोड़ लोगों का देश, कुल ३.५% लोगों का गुलाम बन कर रह गया है, चुल्लु भर पानी में डूब मरो, *तुम अंग्रेजों के कारण गुलाम नहीं हुए, तुम्हारे तथाकथित ऋषि मुनियों के कारण तुम गुलाम हुए हो...यह तुम्हारे तथाकथित ऋषि मुनियों की कृपा है कि उन्होंने तुम्हें उलटी बातें सिखायी (पूजा पाठ करना)....* *तुम इतने नपुसंक क्यों हो, तुम्हारे पास वैज्ञानिक साधन नहीं थे,* *तुम मूढताओं से भरे हुए लोग हो.* जरूर मेरी बात जहर की तरह लगेगी लेकिन मेरी मजबूरी है,मैं भारत वासीयों को सत्य से वाकिफ कराना चाहता हूँ। *धर्म की बकवास है तुम्हारे पास और तुम्हारी बकवास कभी कुछ काम न आई-* *दो हजार साल में तुम्हें किन किन ने गुलाम बनाया,* जरा सोचो तो. जो आया उसी ने तुम्हें...