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Showing posts from August, 2021

किसी ने दार्शनिक *ओशो रजनीश* से पूछा, आप भारतीय संस्कृति का इतना विरोध क्यों करते हो ?

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किसी ने दार्शनिक *ओशो रजनीश* से पूछा,     आप भारतीय संस्कृति का इतना विरोध क्यों करते हो ? ओशो का जवाब था! भारत एक बुनियादी भूल में पड़ा रहा है, इसने विज्ञान का तिरस्कार किया उसका फल भोग रहा है, *विज्ञान के तिरस्कार के कारण तुम दो हजार साल गुलाम रहे हो,* तुम्हारी स्वतंत्रता दूसरों की कृपा पर निर्भर है... इतना बड़ा देश, १३० करोड़ लोगों का देश, कुल ३.५% लोगों का गुलाम बन कर रह गया है, चुल्लु भर पानी में डूब मरो,    *तुम अंग्रेजों के कारण गुलाम नहीं हुए, तुम्हारे तथाकथित ऋषि मुनियों के कारण तुम गुलाम हुए हो...यह तुम्हारे तथाकथित ऋषि मुनियों की कृपा है कि उन्होंने तुम्हें उलटी बातें सिखायी (पूजा पाठ करना)....* *तुम इतने नपुसंक क्यों हो, तुम्हारे पास वैज्ञानिक साधन नहीं थे,* *तुम मूढताओं से भरे हुए लोग हो.* जरूर मेरी बात जहर की तरह लगेगी लेकिन मेरी मजबूरी है,मैं भारत वासीयों को सत्य से वाकिफ कराना चाहता हूँ। *धर्म की बकवास है तुम्हारे पास और तुम्हारी बकवास कभी कुछ काम न आई-*     *दो हजार साल में तुम्हें किन किन ने गुलाम बनाया,* जरा सोचो तो. जो आया उसी ने तुम्हें...

जनता के लोकप्रिय राजा कृष्ण ने वर्ण को कर्म के हिसाब से ही बनाया था। खुद खेतिहर-पशुपालक समुदाय के थे। अपने लोगों को नीचे क्यों रखते?

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जनता के लोकप्रिय राजा कृष्ण ने वर्ण को कर्म के हिसाब से ही बनाया था। खुद खेतिहर-पशुपालक समुदाय के थे। अपने लोगों को नीचे क्यों रखते?  लेकिन आगे चलकर, धर्म ग्रंथों के व्याख्याता होने का अनुचित लाभ उठाकर ब्राह्मणों ने खुद को सबसे ऊपर रखने और विशेषाधिकार की ज़िद कर दी।  उनकी माँग थी कि वे धरती पर देवता के अवतार यानी भूदेव हैं, इसलिए उन्हें अपराध करने पर भी सजा न हो और वे लगान वग़ैरह कुछ नहीं देंगे।  इस बात पर, उनका क्षत्रियों के साथ संघर्ष हो गया। जिन्होंने दबदबा मान लिया वे क्षत्रिय बने रहे। लेकिन उनको ब्राह्मणों की श्रेष्ठता माननी पड़ी।  जो विरोध में डटे, उनका उपनयन (जनेऊ) बंद कर दिया गया, वे शूद्र कहलाए। ओबीसी की जातियाँ हमेशा वर्ण क्रम में नीचे नहीं रही हैं। ये क्षत्रिय मेहनतकश जातियाँ है।  नंद, मौर्य, पाल, शाक्य, वाडियार, अहीर, निषाद, चोल ये सब राजा ही तो थे। बल्कि ज़्यादातर राजा यही लोग थे। इन जातियों को बाद में नीचे गिराया गया। इन्होंने ब्राह्मण वर्चस्व को स्वीकार नहीं किया। इसलिए इनका जनेऊ संस्कार बंद कर दिया गया।  पहले तीन ही वर्ण हुआ करते थे। ब्राह्म...

एक_व्यक्ति_बोल_रहा_है_मेरी_आपकी#पोस्ट_से_भावनाएं आहत होती है उससे में कहना चाहता हूँ की आपकी इतनी #कमजोर है जो सच से आहत होती है तो मुझे ब्लाक कर दो नहीं तो तुम्हारी भावनाये हर रोज आहत होगी,

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#एक_व्यक्ति_बोल_रहा_है_मेरी_आपकी #पोस्ट_से_भावनाएं आहत होती है उससे में कहना चाहता हूँ की आपकी इतनी #कमजोर  है जो सच से आहत होती है तो मुझे ब्लाक कर दो नहीं तो तुम्हारी भावनाये हर रोज आहत होगी,  क्योंकि सच्चाई लिखना में बन्द नहीं करुगाँ अंधविश्वास पाखंड #भेदभाव_छुआछूत के खिलाफ लिखता रहुगाँ  👇👇👇👇👇 1977 की बात है,#मद्रास_हाईकोर्ट में एक याचिका आई जिसमें कहा गया था कि तमिलनाडु में पेरियार की मूर्तियों के नीचे जो बातें लिखी हुई हैं, वे आपत्तिजनक हैं और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं इसलिए उन्हें हटाया जाना चाहिए। याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि #रामास्वामी_पेरियार जो कहते थे, उस पर विश्वास रखते थे इसलिए उन के शब्दों को उन की मूर्तियों के पैडेस्टर पर लिखवाना गलत नहीं है। पेरियार की मूर्तियों के नीचे लिखा था- ‘ईश्वर नहीं है और ईश्वर बिलकुल नहीं है। जिस ने ईश्वर को रचा वह बेवकूफ है, जो ईश्वर का प्रचार करता है वह दुष्ट है और जो ईश्वर की पूजा करता है वह बर्बर है।’ ग्रेट पेरियार नायकर के ईश्वर से सवाल : 1. क्या तुम कायर हो जो हमेशा छिपे रहते हो, कभी क...

अंग्रेज_शूद्रों_के_लिए_भाग्यविधाता_साबित_हुए #क्या_आप_जानते_हो?

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#अंग्रेज_शूद्रों_के_लिए_भाग्यविधाता_साबित_हुए            #क्या_आप_जानते_हो?    #नरबलि -:  जो कि  शूद्रों की दी जाती थी। अंग्रेजों ने इसे रोकने के लिए 1830 में #कानून बनाया था।   #ब्राह्मण_जज_पर_रोक -:  सन 1919 ईस्वी में अंग्रेजों ने ब्राह्मणों के जज बनने पर रोक लगा दी थी अंग्रेजों ने कहा था कि इनका चरित्र न्यायिक नहीं होता है।   #शासन_में_ब्राह्मण -:  को शासन व्यवस्था पर ब्राह्मणों का 100% कब्जा था। अंग्रेजों ने इन्हें 2.5% पर लाकर खड़ा कर दिया था।    #सम्पत्ति_का_अधिकार-:  अंग्रेजों ने अधिनियम 11 के तहत शूद्रों को 1795 ईस्वी में संपत्ति रखने का अधिकार दिया था।   #देवदासी_प्रथा-:  अंग्रेजों ने ही बंद कराई, इस प्रथा में यह होता था कि शूद्र समाज की लडकियाँ #मंदिरों_में_देवदासी के रूप में रहती थीं,पंडा-पुजारी उनके साथ छोटी उम्र में बलात्कार करना शुरू कर देते थे और उनसे जो बच्चा पैदा होता था , उसे हरिजन कहते थे।  #नववधू_शुद्धिकरण_प्रथा-:  सन 1819 से पहले किसी शूद्र की शादी होती थी, तो ब्...

विपक्ष_की_मोर्चाबंदी__सोनिया_गांधी_की_वर्चुअल_मीटिंग_मे_एलजेडी_सहित_जुड़े_विपक्ष_के_18_दल

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#विपक्ष_की_मोर्चाबंदी__सोनिया_गांधी_की_वर्चुअल_मीटिंग_मे_एलजेडी_सहित_जुड़े_विपक्ष_के_18_दल.. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को 18 विपक्षी  दलों के नेताओ संग वर्चुअल मीटिंग की।इसमें 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी व सभी मे एकजुट हो भाजपा का मुकाबला करने की बात कही गई।बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ एक कोर ग्रुप बनाए जाने का सुझाव दिया। मीटिंग में कांग्रेस की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी और और राहुल गांधी जी भी शामिल हुए।दूसरी पार्टियों से फारुख अब्दुल्ला तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एनसीपी के शरद पवार एलजेडी के शरद यादव  कम्युनिस्ट के सीताराम येचुरी सहित कई बड़े नेता भी शामिल हुए।मीटिंग में सोनिया गांधी ने बोलते हुए कहा कि आखिर में हमारा लक्ष्य 2024 लोकसभा चुनाव ही है। हमे ऐसी सरकार बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा जो आजादी के आंदोलन के मूल्यों में विश्वास करती हो। सोनिया ने कहा पेगसास जासूसी मामले में सरकार  ने चर्चा करने में इच्छा...

क्रान्तिकारी जय भीम.. 🇪🇺मैं उन नमक हरामों से पूछना चाहता हूँजो कावड़ उठाकर पत्थर के लिंग और योनि को पूजने में व्यस्त है।

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क्रान्तिकारी जय भीम.. 🇪🇺 मैं उन नमक हरामों से पूछना चाहता हूँ जो कावड़ उठाकर पत्थर के लिंग और योनि को पूजने में व्यस्त है।  पिछले 5000 सालों में कौन सा भोलानाथ तुम्हे बचाने आया..  किस शिवशंकर ने तुम्हारी गुलामी की जंजीरे काटी..  किस नीलकंठ ने तुम्हारे गले में पड़ी थूक की हंडिया खोली..  किस महादेव ने तुम्हारे पिछवाड़े बंधी झाड़ू खोली..  आज जिस 'ओम नमः शिवाय' का जाप आज आप सब कर रहे हो इस को सुनने मात्र पर भी आपके कानो में पिघला हुआ सीशा डाल दिया जाता था और इसको जपने मात्र पर ही आपकी जुबान काट ली जाती थी जानवरो से बदतर जिंदगी थी आपकी उस रामराज में जिसकी परिकल्पना में आज कावड़ उठा कर हरिद्वार की दौड़ आप लगा रहे हो। आपके बेड़िया काटने कोई भोला नही आया आपकी बेड़िया बाबा साहब अम्बेडकर ने काटी !!  और कहा था..  कि सभी दबे कुचले, दलित शोषित, पिछडो का एक ही तीर्थ है और वो है भारतीय संसद उस तक पहुचने के रास्ते मे आप सभी के लिए खोल रहा हूँ तोड़ दो बेड़िया और पहुँच जाओ संसद..  लेकिन तुम तो ठहरे जाहिल, लतखोर व मानसिक गुलाम जो तुम पहुँच रहे हो हरिद्वार ? तुम्हे क्या ? तु...

पूरा पढ़ना पढ़े लिखे हों तो.. 🙏 🙏 *ब्राह्मण और आदिवासी का विवाद* 🙅🏻‍♂🤷🏻‍♂

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पूरा पढ़ना पढ़े लिखे हों तो.. 🙏 🙏  *ब्राह्मण और आदिवासी का विवाद* 🙅🏻‍♂🤷🏻‍♂ 🙅🏻‍♂ *ब्राह्मण*-  जय श्रीराम... 🤷🏻‍♂ *आदीवासी*-   जय जोहार ... 🙅🏻‍♂ *ब्राह्मण*-  अरे..तुम्हे एक दिन जय श्रीराम बोलना ही होगा..तुम्हारा नारा नहीं चलेगा। 🤷🏻‍♂ *आदीवासी*-  क्यो नहीं चलेगा..?  पिछले 70 सालसे हमारे बाबासाहब के संविधान से भारत देश चल रहा है तो हमारा ही नारा चल रहा है और आगे भी चलेगा।  🙅🏻‍♂ *ब्राह्मण*-  (हा..हा..हा) अरे! अज्ञानी..  हमारे पूर्वज 5000 साल से पूरे भारत पर राज कर रहे है, तुम  सिर्फ 70 साल की बात कर रहे हो।  1925 से हमने ब्राह्मण राष्ट्र को बनाने की शुरूआत की है जो ब्राह्मण राष्ट्र 2025 को हम इस संविधान को तोड़ कर बनाऐंगे..। तुम देखते रह जाओगे... 🤷🏻‍♂ *आदीवासी*- (गुस्से में आकार) ऐसे कैसे हम चुप बैठेंगे..अगर भारत के संविधान को कोई हाथ भी लगायगा तो हम उसका हाथ तोड देंगे..।। 🙅🏻‍♂ *ब्राह्मण*-  अरे बावले.. अभी तो संविधान हमारे ही हाथ मे है, तू हाथ लगाने की बात कर रहा है...।।  जिस दिन राज्यसभा पर कब्जा हो जा...

1990 तक सवर्ण समाज को कोई खास दिक्कत नही थी - पूरे भारत पर उन्ही का शासन था !

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1990 तक सवर्ण समाज  को कोई खास दिक्कत नही थी - पूरे भारत पर उन्ही का शासन था ! देवताओं के खास  पुत्रों को असल दिक्कत 1990 के बाद शुरू हुई - 1990 में श्रमिक वर्ग OBC SC ST में चेतना जागृत होने की भयंकर बाढ़ आयी ! 👉1989 में मुलायम सिंह यादव भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए.  👉1990 में लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री बने.  👉मंडल आयोग की सिफारिशों पर OBC आरक्षण पूरे देश में लागू हुआ.  👉पंजाब उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश में पिछड़े दलित शोषित  वर्गों की आवाज बनकर बहुजन समाज पार्टी का उदय हुआ ! 👉देवताओं के पुत्रों को बुखार आ गया  . जब तक मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के पूर्वज भैंस चरा रहे थे और बहन मायावती के पूर्वज मरी हुई गाय फेंक रहे थे देवताओं के पुत्रों को कोई दिक्कत नही थी.  मुस्लिम आक्रमणकारियों के हमले और अंग्रेजों की गुलामी के बावजूद इनके लिए सब शुभ था सब ठीक था. भारत में खुशहाली थी ! क्यूकि मुस्लिमो और अंग्रेजो से यह अपना सब कुछ ठीक ठाक करके चलते थे।  कारण तब भारत की बहुसंख्यक आबादी दीनहीन थी, गरीबी के कारण...

पत्थरों को ही महत्व देता है और आज पत्थर ही बन कर रह गया -

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जागो और जगाओ मंदिर का घँटा भूल जाओ जय भीम नमो बुद्धाय जय भारत जय संविधान  नई नवेली दुल्हन जब ससुराल में आई तो उसकी सास बोली : बींदणी कल माता के मन्दिर में  चलना है। बहू ने पूछा : सासु माँ एक  तो ' माँ ' जिसने मुझ जन्म  दिया और एक ' आप ' हो और कोन सी माँ है ? सास बडी खुश हुई कि मेरी  बहू तो बहुत सीधी है । सास ने कहा - बेटा पास के मन्दिर में दुर्गा माता है सब औरतें जायेंगी हम भी चलेंगे । सुबह होने पर दोनों एक साथ मन्दिर जाती है । आगे सास पीछे बहू । जैसे ही मन्दिर आया तो बहू ने मन्दिर में गाय की मूर्ति को देखकर कहा : माँ जी देखो ये गाय का बछड़ा दूध पी रहा है , मैं बाल्टी लाती हूँ और दूध निकालते है । सास ने अपने सिर पर हाथ पीटा कि बहू तो " पागल " है और बोली :- बेटा ये स्टेच्यू है और ये दूध नही दे सकती। चलो आगे । मन्दिर में जैसे ही प्रवेश किया तो एक शेर की मूर्ति दिखाई दी । फिर बहू ने कहा - माँ आगे मत जाओ ये शेर खा जायेगा सास को चिंता हुई की मेरे बेटे का तो भाग्य फूट गया । और बोली - बेटा पत्थर का शेर कैसे खायेगा ? चलो अंदर चलो मन्दिर में, और सास बोली - ...

मधेपुरा के महाराज महानायक महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रास बिहारी लाल मंडल के घर 25 अगस्त 1918 को जन्मे महानायक स्वंत्रता सेनानी डा बी. पी. मंडल साहब। विद्यार्थी जीवन से समानता के लिए आंदोलन किया, 1965 में पामा गांव की घटना जिसमे ओबीसी और दलित पर बर्बर अत्याचार हुआ था,

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मधेपुरा के महाराज महानायक महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रास बिहारी लाल मंडल के घर 25 अगस्त 1918 को जन्मे महानायक स्वंत्रता सेनानी डा बी. पी. मंडल साहब। विद्यार्थी जीवन से समानता के लिए आंदोलन किया, 1965 में पामा गांव की घटना जिसमे ओबीसी और दलित पर बर्बर अत्याचार हुआ था, को लेकर बिहार विधान सभा में कांग्रेस खिलाफ गरजते हुए कांग्रेस से त्याग पत्र दे दिया। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग बिहार प्रदेश के अध्यक्ष हुए। 1964 में पेरियार के आत्म सम्मान आंदोलन में लाखो की मदद की और उसे उत्तर भारत लेकर आए। आत्म सम्मान आंदोलन से समर्थन में राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, बंगाल, हरियाणा, कश्मीर, आदि राज्यों में सभाएं की भाषण दिया। बिहार पिछड़ा वर्ग संघ के आर्थिक आधार और सामाजिक समर्थक थे। 1968 में कांग्रेस और संसोपा से अलग एक ओबीसी सरकार का गठन बाबू जगदेव प्रसाद के साथ मिलकर किया। जिसमें 90% बहुजन थे। 1979 में दुनिया के विचारो के हिसाब से सर्वमान्य ओबीसी वर्ग का निर्माण किया। जिससे देश की 60 फीसदी को न्याय मिला। मंडल के विचारो के अनुसार ओबीसी में क्रिमिलेयर नहीं होना चाहिए।  कुछ लोग बिना मंडल और मंडल अनुशं...

दैनिक भास्कर और अभय दुबे की आज की बकलोली।

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दैनिक भास्कर और अभय दुबे की आज की बकलोली।  लिख रहे हैं कि यादव, कुर्मी, शाक्य, लोधी को आरक्षण का “संख्या से अधिक” लाभ मिल रहा है। अभय दुबे को बिना जाति जनगणना के ही पता चल गया कि यादव, शाक्य, कुर्मी, लोधी में किसकी “संख्या” कितनी है और किसे ज़्यादा लाभ मिल रहा है। उन्हें तो ये भी पता होगा कि EWS में ज़्यादा कौन खा रहा है।  ये है हिंदी क्षेत्र के बुद्धिजीवियों के ज्ञान का स्तर! सब कुछ अंदाज़े पर। सब कुछ मन की बात!  हिंदी के बुद्धिजीवियों की समस्या ये है कि उनका संसार नर्मदा से उत्तर और भागलपुर से पश्चिम में ही है। इनको वोक्कालिगा, थेवर, इझवा, कुरुबा कुछ नहीं पता। यादव कुर्मी शाक्य के अलावा इनको ओबीसी दिखता ही नहीं है। कुछ पता ही नहीं। पढ़ते कम और लिखते-बोलते ज़्यादा हैं।  अब अगर सब पता चल ही गया है तो फिर डरना क्यों है? सरकार रोहिणी कमीशन से रिपोर्ट माँगकर उसे लागू क्यों नहीं करती? 2011 की सामाजिक आर्थिक जाति गणना के आँकड़े जारी हों। अति पिछड़ों को न्याय देने में देरी क्यों।  हम जैसे लोग तो हमेशा कह रहे हैं कि आरक्षण का तमिलनाडु और कर्पूरी ठाकुर फ़ॉर्...