1990 तक सवर्ण समाज को कोई खास दिक्कत नही थी - पूरे भारत पर उन्ही का शासन था !

1990 तक सवर्ण समाज  को कोई खास दिक्कत नही थी - पूरे भारत पर उन्ही का शासन था !

देवताओं के खास  पुत्रों को असल दिक्कत 1990 के बाद शुरू हुई - 1990 में श्रमिक वर्ग OBC SC ST में चेतना जागृत होने की भयंकर बाढ़ आयी !

👉1989 में मुलायम सिंह यादव भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए. 
👉1990 में लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री बने. 
👉मंडल आयोग की सिफारिशों पर OBC आरक्षण पूरे देश में लागू हुआ. 
👉पंजाब उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश में पिछड़े दलित शोषित  वर्गों की आवाज बनकर बहुजन समाज पार्टी का उदय हुआ !

👉देवताओं के पुत्रों को बुखार आ गया  . जब तक मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के पूर्वज भैंस चरा रहे थे और बहन मायावती के पूर्वज मरी हुई गाय फेंक रहे थे देवताओं के पुत्रों को कोई दिक्कत नही थी. 
मुस्लिम आक्रमणकारियों के हमले और अंग्रेजों की गुलामी के बावजूद इनके लिए सब शुभ था सब ठीक था. भारत में खुशहाली थी ! क्यूकि मुस्लिमो और अंग्रेजो से यह अपना सब कुछ ठीक ठाक करके चलते थे। 

कारण तब भारत की बहुसंख्यक आबादी दीनहीन थी, गरीबी के कारण बेहाल थे, टूटे फूटे घर थे, फटे पुराने कपड़े पहनते थे, हर जाति अपने जातीय पेशे से जुड़ी थी, असंगठित थे. देवताओं के पुत्रों को चुनौती नही देते थे !

जैसे ही हम अपना खोया हुआ अधिकार वापस हासिल करने लगे. देवताओं के पुत्रों को दिक्कत शुरू हो गयी, वे हिंसा पर उतारू हो गए. 
जिस समाज ने अपने वोट की ताकत से अपने जाति के नेताओं को शीर्ष स्थान पर पहुंचाया उस समाज को देवताओं के पुत्रों ने हिन्दू बनाकर मंदिर मस्जिद के विवाद में अग्रिम पंक्ति पर बर्बाद होने के लिए खड़ा कर दिया !
🖋🖋 यह लेख किसी के भी हो पर सत्य और विचारणीय हैं

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