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Showing posts from May, 2023

वो ख्वाब में मिलता है तो मुस्कुराता बहुत हैजब जागते हुए सोचता हूं तो अलग दिखता है#अलमस्त

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वो आता है ख़्वाबों में, रोज़ मिलने मुझसे____ फिर सुबह होते ही,मुलाक़ात खत्म! -जोगन❤️ बड़ा मिठा नशा है तेरी याद का" "दिन गुजरता गया और हम आदी होते गए वो ख्वाब में मिलता है तो मुस्कुराता बहुत है जब जागते हुए सोचता हूं तो अलग दिखता है #अलमस्त हैं दलीलें तेरे ख़िलाफ़ मगर  सोचता हूँ तेरी हिमायत में.!

अपने गांव के विवाह एक बार जरूर पढ़े पहले गाँव मे न टेंट हाऊस थे और न कैटरिंग, थी तो बस सामाजिकता।

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अपने गांव के विवाह एक बार जरूर पढ़े    पहले गाँव मे न टेंट हाऊस थे और न कैटरिंग, थी तो बस सामाजिकता। गांव में जब कोई शादी ब्याह होते तो बारात के लिए घर घर से चारपाई आ जाती थी, हर घर से थलिया, लोटा, कलछुल, कड़ाही इकट्ठा हो जाते थे, और गाँव की ही महिलाएं एकत्र हो कर खाना बना देती थीं। औरते ही मिलकर दुलहिन तैयार कर देती थीं और हर रसम का गीत गारी वगैरह भी खुद ही गा डालती थी। तब DJ जैसी चीज नही होती थी और न ही कोई आरकेस्ट्रा वाले फूहड़ गाने। गांव के सभी बुजुर्ग एवं विद्वान लोग पूरे दिन काम करने के लिए इकट्ठे रहते थे। हंसी ठिठोली चलती रहती और समारोह का कामकाज भी। शादी ब्याह मे गांव के लोग बारातियों के खाने से पहले खाना नहीं खाते थे क्योंकि यह घरातियों की इज्ज़त का सवाल होता था। गांव की महिलाएं गीत गाती जाती और अपना काम करती रहती। सच कहु तो उस समय गांव मे सामाजिकता के साथ समरसता होती थी। खाना परसने के लिए गाँव के लड़के सदैव इज्जत सम्हाल लेते थे। कोई बड़े घर की शादी होती तो एक कॉमन गाना बजता था-मैं सेहरा बांधके आऊंगा मेरा वादा है और दूल्हे राजा भी उस दिन खुद को किसी युवराज...

कहावत है? धोबी का कुत्ता घर का न घाट का,ज्यादातर लौग मजाक मजाक मै कह जाते है,सभी ने सुनी भी होगी।

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कहावत है?             धोबी का कुत्ता घर का न घाट का,ज्यादातर लौग मजाक मजाक मै कह जाते है,सभी ने सुनी भी होगी।        गाडगे जी वो नाम है जो सत्य का साथ देते थे वो भी आग की तरह,जैसे आग लगने पर गन्दगी साफ हो जाती है और आग पवित्र ही वनी रहती है आग मै कोई परिवर्तन नही होता            जव तिलक ने शिक्षा नेतागिरी नौकरी मै शुद्रो और स्त्रीयाँ का विरोघ किया था,कहाँ था तेली तमोली,कुर्मी आदी जातीयो का क्या काम है शिक्षा राजनीति मै क्या संसद मै हल चलायेगे। तव गाडगे जी ने तिलक का विरोघ किया था और वो सफल भी हुऐ। उनका साथ खडे होने वाले थे अम्बेडर जी,अम्बेडर जी गाडगे जी के मित्र थे, और दोनो ने एक दूसरे का साथ जीवन भर दिया। गाडगे जी ने अम्बेडर जी का कभी भी विरोघ नही किया,न ही अम्बेडर जी ने कभी गाडगे जी का विरोघ किया। दोनो ने साथ साथ अंघविश्वास पर चोट की थी।         लेकिन अभी अभी नये नये गाडगे भक्त पेदा हुऐ है जो अम्बेडर को जमकर कोष रहे गाली दे रहे है। कह रहे है कानून काँफी पेष्ट है। वो न तो गाडगे वादी है न...

थोड़ा सा समय निकालिए.. यकीन मानिए चौक जाएंगे.. पिछले 4-6 सालों में हुए चुनाव परिणामों को, एक साथ समग्र रूप से कुछ इस तरह भी देखिएगा

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थोड़ा सा समय निकालिए.. यकीन मानिए चौक जाएंगे.. पिछले 4-6 सालों में हुए चुनाव परिणामों को, एक साथ समग्र रूप से कुछ इस तरह भी देखिएगा .  1-पंजाब हारे.. 2-दिल्ली हारे ... 3-मध्य प्रदेश हारे.. 4-राजस्थान हारे... 5-छत्तीसगढ़ हारे.. 6-बिहार हारे... 7- झारखंड हारे.. 8-तमिलनाडु हारे..  9-तेलंगाना हारे..  10-हिमाचल हारे... 11-महाराष्ट्र हारे .. 12-पश्चिम बंगाल हारे.. 13-आंध्रप्रदेश हारे.. 14- केरल हारे 15- उड़ीसा हारे 16- मेघालय हारे 17- नागालैंड हारे 18- मिजोरम हारे 19- सिक्किम हारे 20-कर्नाटक ..?? सूची थोड़ी चौंकाने वाली लगी ना.??  दरअसल क्या है कि विपक्ष शासित राज्यों की खबरें कभी दिखाई ही नहीं जाती.. इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर कुछ ऐसा भ्रम फैला हुआ है मानो हर जगह साहब ही जीत रहे हो... जबकि हकीकत, गोदी मीडिया, भक्तों, आईटी सेल द्वारा फैलाए गए भ्रम से अलग कुछ और ही है..  यह बात अलग है कि कई राज्यों में हारने के बावजूद.. खरीदे गए विधायकों के दम पर सरकारें बना ली...  यदि आपको इसमें कुछ भी अनैतिक नहीं लगता तो कोई बात नहीं.. अपनी स्वतंत्र सोच समझ बुद्धि को ता...

अनुकरणीय विवाह-प्रो लक्ष्मण यादव जी द्वारा अंतर्जातीय विवाहोपरांत प्रीतिभोज कार्यक्रम 04 जून 2023 को.......

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अनुकरणीय विवाह- प्रो लक्ष्मण यादव जी द्वारा अंतर्जातीय विवाहोपरांत प्रीतिभोज कार्यक्रम 04 जून 2023 को....... #########################         व्यक्ति विचारों को जब अपने व्यक्तिगत जीवन मे चरितार्थ करता है तो वह न केवल अनुकरणीय होता है बल्कि समाज मे एक मील का पत्थर बन सदियों तक अपनी गाथा को अमर बना जाता है।        दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डा लक्ष्मण यादव जी को कौन नही जानता है क्योकि प्रो लक्ष्मण यादव जी देश भर में बहुजन मिशन के ऐसे कारकुन हैं जो सामाजिक समता के लिए देश भर में विख्यात हैं और शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ अम्बेडकरिज्म/बुद्धिज्म के प्रचार-प्रसार में पूरी तल्लीनता से सन्नद्ध हैं।        व्हाट्सएप पर प्रो लक्ष्मण यादव जी द्वारा प्रेषित विवाहोपरांत आमंत्रण पत्र में प्रो लक्ष्मण यादव जी का विवाहोपरांत प्रतिभोज 04 जून 2023 को उनके आजमगढ़ जनपद के  बैठौली गांव के आवास पर आयोजित किया गया है।       प्रो लक्ष्मण यादव जी की पत्नी माननीया प्रिया चौहान जी मूलतः हरियाणा की मूल निवासी हैं जिनका...

जुगनू और सांप ये कहानी नही आज की सच्चाई है 🌹

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जुगनू और सांप ये कहानी नही आज की सच्चाई है 🌹 हम सब जानते हैं कि जुगनू जब तक जिंदा रहता है, तब तक चमकता है, रौशनी फैलाता है। एक दिन एक साँप एक जुगनू का पीछा करने लगा।  सांप को पीछा करते देख जुगनू घबरा गया, उसे थोड़ा अजीब भी लगा। डर की वजह से जुगनू तेज़ी से उड़ने लगा। यह देखकर सांप भी तेज़ी से उसकी तरफ बढ़ने लगा।  एक समय जुगनू को लगा कि सांप उसका पीछा नहीं छोड़ेगा और उसे खा जायेगा। स्थिति को भांपकर, जुगनू रुक गया।  जुगनू ने सांप से कहा: "क्या मैं आपसे तीन प्रश्न पूछ सकता हूँ?" साँप ने कहा: हाँ, बिलकुल।  जुगनू: क्या आप जिस तरह के जीव खाते हो, मैं उनमें से एक हूँ? साँप ने कहा: नहीं। जुगनू ने दूसरा प्रश्न पुछा: क्या मैंने तुम्हारा कुछ नुकसान किया है? साँप ने कहा: नहीं।  जुगनू ने तीसरा और आखरी प्रश्न पुछा: फिर तुम मुझे क्यों निगलना चाहते हो? साँप ने उत्तर दिया: क्योंकि मैं तुम्हें चमकते हुए नहीं देख सकता। इस कहानी से ये बात स्पष्ट है कि आपको जीवन में ऐसे लोग मिलेंगे जिनका आपसे कोई संबंध नहीं, जिनका आपने कुछ नहीं बिगाड़ा लेकिन वो आपको चमकते हुए नहीं देख सकते...

जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारीजातिगत जनगणना, हक हमारा आरक्षण बढ़ाना होगा, बेईमानी पर रोक लगाना होगा।

सुनिए साथियों। मल्लाह,धानुक, कानू, केवर्त, नोनिया, बिन्द, बेलदार, बरई, तमोली (चौरसिया), तेली, दांगी, कुल्हैया, हलुवाई,कहार, कमकर, कुशवाहा, यादव, कुर्मी, कलवार, सोनार, रोनियार,सूढी, कसेरा, केशरवानी, ठठेरा,कोस्ता,  गद्दी, घटवार, चनउ, जदुपतिया, जोगी, नालबंद,  परथा, मोदक/मायरा,  पनसारी, मोदी,  , कमलापुरी वैश्यल, माहुरीवैश्यर, बंगी वैश्य, बर्नवाल, अग्रहरि, पोद्दार, कसौधन, गंधबनिक, बाथम, गोलदार, कमलापुरी वायल,  रौतिया, शिवहरी, सूत्रधार, सुकियार,  भाट/भट/ब्रह्मभट्ट/राजभट, जट,मडरिया,दोनवार, सुरजापुरी, मलिक,राजवंशी, छीपी, गोस्वामी, सन्यासी, अतिथ, गोसाई, जति,  ईटफरोश, गदहेडी, सैंथवार, कपरिया,  कलन्दर, कोछ, केवट, कादर, कोरा, कोरकू, खटवा,  खतौरी, खंगर, खटिक, खेलटा, गोड़ी, गंगई, गंगोता, गंधर्व, गुलगुलिया, चांय, चपोता,  टिकुलहार, ढेकारू, तमरिया, तुरहा, तियर, धामिन, धीमर, धनवार,  नाई, नामशुद्र, पाण्डी, पाल, प्रधान, पिनगनिया, पहिरा, बारी,  सेखड़ा, बागदी, भुईयार, भार, भास्कर, माली, मांगर, मदार,  मझवार, मारकन्डे, मोरियारी, मलार, मौलिक, राजधोब...

NCRB रिपोर्ट के अनुसार पिछ्ले 5 सालों 2016, 2017, 2018, 2019, 2020, में 41621 महिला लापता है! क्या BJP सरकार इसका जबाव देगी?

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