वो ख्वाब में मिलता है तो मुस्कुराता बहुत हैजब जागते हुए सोचता हूं तो अलग दिखता है#अलमस्त
वो आता है ख़्वाबों में, रोज़ मिलने मुझसे____
फिर सुबह होते ही,मुलाक़ात खत्म!
-जोगन❤️
बड़ा मिठा नशा है तेरी याद का"
"दिन गुजरता गया और हम आदी होते गए
वो ख्वाब में मिलता है तो मुस्कुराता बहुत है
जब जागते हुए सोचता हूं तो अलग दिखता है
#अलमस्त
हैं दलीलें तेरे ख़िलाफ़ मगर
सोचता हूँ तेरी हिमायत में.!
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