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Showing posts from June, 2023

यदि कोई तथाकथित ऊंची जाति वाला किसी तथाकथित छोटी जाति वाले के यहां धोखे से कुछ खा पी लेता है

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यदि कोई तथाकथित ऊंची जाति वाला किसी तथाकथित छोटी जाति वाले के यहां धोखे से कुछ खा पी लेता है  तो वह यह नहीं कहता कि मेरी जाति भ्रष्ट हो गई वह कहता है मेरा धर्म भ्रष्ट हो गया इसका अर्थ है जाति ही धर्म है या फिर आपके धर्म का मतलब ही जाति है चूंकि जाति में किसी को शामिल नहीं किया जा सकता इसका मतलब है आपके धर्म में भी कोई शामिल नहीं हो सकता कोई मुसलमान बनना चाहे वह बन सकता है  कोई ईसाई बनना चाहे वह बन सकता है  कोई सिक्ख बनना चाहे वह बन सकता है लेकिन कोई हिंदू बनना चाहे तो वह नहीं बन सकता क्योंकि कोई भी हिंदू बिना जाति का नहीं हो सकता हर हिंदू की एक जाति होना जरूरी है क्योंकि आपकी जाति में कोई शामिल नहीं हो सकता इसलिए आपके धर्म में भी कोई शामिल नहीं हो सकता जिस धर्म में कोई शामिल नहीं हो सकता उसका संकट में पड़ना बिल्कुल सुनिश्चित है भारत में क्योंकि विभिन्न जातियां साथ साथ रहती हैं इसलिए उनके बीच प्रेम वगैरह होना सामान्य बात है लेकिन इन अलग-अलग जातियों के बीच प्रेम होने का अर्थ है आपका धर्म भ्रष्ट हो जाना  इसलिए भारत में स्त्री का प्रेम करना धर्म विरुद्ध माना ...

एक वृद्ध व्यक्ति ट्रेन में सफर कर रहा था, संयोग से वह कोच खाली था। तभी 8-10 लड़के उस कोच में आये और बैठ कर मस्ती करने लगे।

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एक वृद्ध व्यक्ति ट्रेन में सफर कर रहा था,  संयोग से वह कोच खाली था।  तभी 8-10 लड़के उस कोच में आये  और बैठ कर मस्ती करने लगे। एक ने कहा - "चलो, जंजीर खीचते है".  दूसरे ने कहा - "यहां लिखा है 500 रु जुर्माना ओर 6 माह की कैद." तीसरे ने कहा - "इतने लोग है चंदा कर के 500 रु जमा कर देंगे." चन्दा इकट्ठा किया गया तो 500 की जगह 1200 रु जमा हो गए.  जिसमे 200 के तीन नोट,  2 नोट पचास के, बांकी सब 100 के थे चंदा पहले लड़के के जेब मे रख दिया गया। तीसरे ने कहा, "जंजीर खीचते है,  अगर कोई पूछता है,  तो कह देंगे वृद्ध ने खीचा है।  पैसे भी नही देने पड़ेंगे तब।" वृद्ध ने हाथ जोड़ के कहा, "बच्चो,  मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है,  मुझे क्यो फंसा रहे हो?" लेकिन नही ।  जंजीर खीची गई।  टीटीई आया, 2 सिपाही के साथ,  तो सभी लड़कों ने एक स्वर से कहा,  "वृद्ध ने जंजीर खीची है।" टी टी वृद्ध से बोला, "शर्म नही आती  इस उम्र में ऐसी हरकत करते हुए?" वृद्ध ने हाथ जोड़ कर कहा,  "साहब" मैंने जंजीर खींची है,...

03 जून 1924 जन्मदिन-वैचारिकी पर अडिग रहने वाला ही होगा "करुणानिधि".....#########################

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03 जून 1924 जन्मदिन- वैचारिकी पर अडिग रहने वाला ही होगा "करुणानिधि"..... #########################         "करुणानिधि" कोई यूं ही नहीं बन जायेगा,इसके लिए वैचारिकी की भट्ठी में तपना होगा जैसा दक्षिण भारत के सोशल जस्टिश के हीरो करुणानिधि जी ने तप कर हम सबके सामने उदाहरण प्रस्तुत करने का ऐतिहासिक काम किया है।        पेरियार रामासामी नायकर जी की विरासत व वैचारिकी को पूरे मजबूती के साथ आगे बढ़ाने वाले करुणानिधि जी ने अपना संस्मरण सुनाते हुये अपने विवाह के बारे में जो बताया है वह नई पीढ़ी के लिए एक सबक है कि विचार व जीवन साथी में यदि कोई चुनना पड़े तो विचार को चुनना चाहिए।     करुनानिधि जी के जीवन संघर्ष का यह उदाहरण जो 1944 का है,वे बताते हैं कि उनका जिस लड़की से प्रेम था उसके माता-पिता ने विवाह करने में यह शर्त रख दी थी कि उन्हें विवाह मनुवादी पद्धति से मंगलसूत्र पहनाकर मंत्रोच्चारण के साथ करनी होगी।करुनानिधि जी उस समय तक वैज्ञानिक धारा के प्रचारक बन चुके थे लिहाजा उन्हें अपने प्यार व व...