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Showing posts from March, 2024

मंदबुद्धि #तुम_वो_ब्राम्हण हो जिसको यदुकुल शिरोमणि भगवान द्वारकाधीश ने तीन मुठ्ठी चावल के बदले तीनो लोक दान में दिए था..#तुम_वो_ब्राम्हण हो जो कृष्ण से चने चुरा के खाए थे...#तुम_वो_ब्राम्हण हो जो मंदिर से दान पेटी हटा दिए जाऐ तो कटोरे में कोई एक चवन्नी भी ना दे।#तुम_वह_ब्राह्मण हो जो #यदुवंश की कीर्ति का गुणगान करके अपना #उदर भरते हो।#तुम_वह_ब्राह्मण हो जिन्होंने 21 बार क्षत्रियों का नाश नहीं किया नहीं बल्कि #यदुवंशी #हेहयवंशी परम प्रतापी राजा #सहस्त्रबाहु से 21 बार रावण को जेल से छुड़ाने हेतु युद्ध किया वही #सहस्त्रबाहु जिन्होंने अपनी भुजाओं में तुम्हारे दादा #पंडित #रावण को 1 साल तक भुजाओं में दबा के रखा था।Note: ये जवाब सिर्फ स्वाति मिश्रा के जैसे विचार रखने वालों के लिए है।।जय जय यदुवंश जय मां विंध्यवासिनी जय श्री कृष्णा जय सहस्त्रबाहुजय यादव जय माधव

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मंदबुद्धि  #तुम_वो_ब्राम्हण हो जिसको यदुकुल शिरोमणि भगवान द्वारकाधीश ने  तीन मुठ्ठी चावल के बदले तीनो लोक दान में दिए था.. #तुम_वो_ब्राम्हण हो जो कृष्ण से चने चुरा के खाए थे... #तुम_वो_ब्राम्हण हो जो मंदिर से दान पेटी हटा दिए जाऐ तो कटोरे में कोई एक चवन्नी भी ना दे। #तुम_वह_ब्राह्मण हो जो #यदुवंश की कीर्ति का गुणगान करके अपना #उदर भरते हो। #तुम_वह_ब्राह्मण हो जिन्होंने 21 बार क्षत्रियों का नाश नहीं किया  नहीं बल्कि #यदुवंशी #हेहयवंशी परम प्रतापी राजा #सहस्त्रबाहु से  21 बार रावण को जेल से छुड़ाने हेतु युद्ध किया वही #सहस्त्रबाहु जिन्होंने अपनी भुजाओं में तुम्हारे दादा #पंडित #रावण को 1 साल तक भुजाओं में दबा के रखा था। Note: ये जवाब सिर्फ स्वाति मिश्रा के जैसे विचार रखने वालों के लिए है।। जय जय यदुवंश  जय मां विंध्यवासिनी  जय श्री कृष्णा  जय सहस्त्रबाहु जय यादव जय माधव

कातिल ने भी क्या वक्त चुना19 रमज़ान 2021 -मोहम्मद शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल 24 रमज़ान 2023 -अतीक अहमद , पुलिस कस्टडी18 रमज़ान 2024 -मुख्तार अंसारी , बांदा जेल अल्लाह सभी को मग़फिरत फरमाए।

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कातिल ने भी क्या वक्त चुना 19 रमज़ान 2021 -मोहम्मद शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल  24 रमज़ान 2023 -अतीक अहमद , पुलिस कस्टडी 18 रमज़ान 2024 -मुख्तार अंसारी , बांदा जेल                   अल्लाह सभी को मग़फिरत फरमाए। यह सही है कि यह तीनों कोई साधू-संत नहीं थे , दबंग थे , बाहुबली थे मगर यह भी सच है कि इन्होंने किसी गरीब को नहीं मारा ना सताया , इनकी लड़ाई उनके दौर के बाहुबलियों से ही थी , यह कलेजे वाले थे , इस लड़ाई में जीते‌ , फिर चाहे कृष्णानंद राय हों या ब्रिजेश सिंह हों या विरेन्द्र ठाकुर हों या राजू पाल। यद्यपि कानून की नजर मे यह सब अपराध हो सकता है मगर यह भी सच है कि कानून तो सत्ता की आंखों से देखता है , कानून की अपनी आंखों पर पट्टी बधी रहती है। यह अपने क्षेत्र में लोकप्रिय थे , सभी हिन्दू मुस्लिम गरीब जनता के चहेते थे , इन्होंने कभी किसी गरीब की लड़की का कुलदीप सिंह सेंगर की तरह बलात्कार नहीं किया , उस लड़की के परिवार को खत्म नहीं किया , इन लोगों ने कभी स्वामी चिन्मयानंद की तरह किसी गरीब की लड़की से नग्न होकर...

सम्राट असोक महान मौर्य ने सिर्फ 84,000 स्तूप चैत्य ही नही बनाया, उन्होंने 52 ,00,000 लाख स्क्वायर किलोमीटर भारत का क्षेत्रफल भी बनाया जिसे अखंड भारत कहा जाता था नालंदा तक्षशिला विक्रमशिला जैसे कई विश्वविद्यालय बनावाए थे जिससे विदेश से लोग शिक्षा ग्रहण करने भारत आते थे !ईसा पूर्व भारत में 500 BC से बौद्ध सभ्यता थी कोई भी भारत पर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नही करता था.!सिकंदर आया लेकिन सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य से डर कर भाग गया. सम्राट असोक महान के दौर में भारत पर हमला करना तो छोड़ो, विदेशी राजाओं को यह डर सताए रहता था कहीं सम्राट असोक महान उनके साम्राज्य पर आक्रमण ना कर देंसेंट्रल एशिया पूरा गंधारा, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, नेपाल, म्यांमार, सब भारत का अभिन्न अंग थे.!इसलिए कहा जाता है 👇था सूर्य चमकता मौर्यो का घनघोर बदरिया डरती थी था शेर गरजता सीमाओ पर बिजली भी आहें भरती थी जय सम्राट............................🦁#Great #Samrat #Ashoka#picturechallenge #SamratAshok #highlights #viralposts2024 #trendingpost2024

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सम्राट असोक महान मौर्य ने सिर्फ 84,000 स्तूप चैत्य ही नही बनाया, उन्होंने  52 ,00,000 लाख स्क्वायर किलोमीटर भारत का क्षेत्रफल भी बनाया जिसे अखंड भारत कहा जाता था  नालंदा तक्षशिला विक्रमशिला जैसे कई विश्वविद्यालय बनावाए  थे जिससे विदेश से लोग शिक्षा ग्रहण करने भारत आते थे ! ईसा पूर्व भारत में 500 BC से बौद्ध सभ्यता थी कोई भी भारत पर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नही करता था.! सिकंदर आया लेकिन सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य से डर कर भाग गया. सम्राट असोक महान के दौर में भारत पर हमला करना तो छोड़ो, विदेशी राजाओं को यह डर सताए रहता था कहीं सम्राट असोक महान उनके साम्राज्य पर आक्रमण ना कर दें सेंट्रल एशिया पूरा गंधारा, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, नेपाल, म्यांमार, सब भारत का अभिन्न अंग थे.! इसलिए कहा जाता है 👇 था सूर्य चमकता मौर्यो का घनघोर बदरिया डरती थी  था शेर गरजता सीमाओ पर बिजली भी आहें भरती थी  जय सम्राट............................🦁 #Great #Samrat #Ashoka #picturechallenge  #SamratAshok  #highlights  #viralposts2024  #trendingpost2024

यह कैसा मृत्युभोज है ???जिस भोजन को रोते हुए बनाया जाता है,जिस भोजन को खाने के लिए रोते हुए बुलाया जाता हैं,

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यह कैसा मृत्युभोज है ??? जिस भोजन को रोते हुए बनाया जाता है, जिस भोजन को खाने के लिए रोते हुए   बुलाया जाता हैं, जिस भोजन को आँसू बहाते हुए   खाया जाता हैं,                  उस भोजन को       मृत्युभोज कहा जाता है,        जिस परिवार मे विपदा आई हो उसके साथ इस संकट की घड़ी मे जरूर खडे़ हो और तन,मन,और धन से सहयोग करे और मृतक भोज का बहिस्कार करे । भोजन तभी करना चाहिए जब खिलाने वाले का मन प्रसन्न हो, खाने वाले का मन प्रसन्न हो, लेकिन जब खिलाने वाले एवं खाने वालों दोनो के दिल में दर्द हो, वेदना हो l तो ऐसी स्थिति में कदापि भोजन नहीं करना चाहिए।  मृत्यु भोज हमारे ऊपर एक कलंक है इसे हम सबको मिलकर खत्म कर देना चाहिये  ।।।

एक बार किसी के घर में में मिट्टी हुई हो और उसे बधाई देकर देखना या जिसके घर में मिट्टी हुई हो वो दूसरों को बधाई दे और हर्षोल्लास से एक दूसरेको गले लगाए। क्या कोई ऐसा कर सकता है ?नहीं कर सकता क्योंकि वो दुखों के समंदर में डूबा रहता है।फिर ये कौन से वीर हैं जो एक नारी को जलाकर खुशी जाहिर करते हैं?शायद इसीलिए ये एक दूसरे के अवीर {कायर}लगा उन्हें सिद्ध करते हैं।आर्यों द्वारा मूल निवासी भारतीयों के उत्सवों में किस प्रकार कुरीतियों को जबरन घुसेड़ा गया है जबकि फाल्गुन माह में ये उत्सव महीने भर मनाया जाता था।

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एक बार किसी के घर में में मिट्टी हुई हो और उसे बधाई देकर देखना या जिसके घर में मिट्टी हुई हो वो दूसरों को बधाई दे और हर्षोल्लास से एक दूसरेको गले लगाए।  क्या कोई ऐसा कर सकता है ? नहीं कर सकता क्योंकि वो दुखों के समंदर में डूबा रहता है। फिर ये कौन से वीर हैं जो एक नारी को जलाकर खुशी जाहिर करते हैं? शायद इसीलिए ये एक दूसरे के अवीर {कायर}लगा उन्हें सिद्ध करते हैं। आर्यों द्वारा मूल निवासी भारतीयों के उत्सवों में किस प्रकार कुरीतियों को जबरन घुसेड़ा गया है जबकि फाल्गुन माह में ये उत्सव महीने भर मनाया जाता था।

दुनिया में एकमात्र संबंध ऐसा है, जिसमे न जाति देखी जाती है न धर्म, न अमीर न गरीब, न ऊंच न नीच.. और वो संबंध है -"#अवैध_संबंध"बुरी लगने को बात बुरी लग सकती है.. पर शत प्रतिशत सत्य है... जिन जातियों के हाथ का छुआ पानी नही पीना चाहते उन जातियों की सुंदर कन्याएं अगर सोने के लिए मिलें तो हाथ का छुआ पानी तो दूर,पैर के तलवे भी चाट लेंगे लड़की के... जिस धर्म के लोगों से बेपनाह नफरत हो, बंद कमरे में उस धर्म की लड़की के चरणों में बिछ जायेंगे...जाति पात , धर्म अधर्म, छुआछूत ये सब तो समाज में दिखाने और शोषण करने , रौब गांठने की चीजें हैं..! ऐसे पुरुष प्रधान समाज को लानत है कुजात संस्कृति जमात का नाश होना चाहिए

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दुनिया में एकमात्र संबंध ऐसा है, जिसमे न जाति देखी जाती है न धर्म, न अमीर न गरीब, न ऊंच न नीच.. और वो संबंध है - "#अवैध_संबंध" बुरी लगने को बात बुरी लग सकती है.. पर शत प्रतिशत सत्य है...  जिन जातियों के हाथ का छुआ पानी नही पीना चाहते उन जातियों की सुंदर कन्याएं अगर सोने के लिए मिलें तो हाथ का छुआ पानी तो दूर,पैर के तलवे भी चाट लेंगे लड़की के...  जिस धर्म के लोगों से बेपनाह नफरत हो, बंद कमरे में उस धर्म की लड़की के चरणों में बिछ जायेंगे... जाति पात , धर्म अधर्म, छुआछूत ये सब तो समाज में दिखाने और शोषण करने , रौब  गांठने की चीजें हैं..!      ऐसे पुरुष प्रधान समाज को लानत है          कुजात संस्कृति जमात का नाश होना चाहिए

आजकल की स्त्रियों को कैसा पति/दामाद acचाहिए??बहुत जटिल प्रश्न है ।।आज की आधुनिक स्त्री और उनके मां बाप को ऐसा पति /दामाद चाहिए जो.....1) सुबह 10 बजे तक पत्नी को सोने दे2) अपनी 95% सैलरी पत्नी के हाथ में दे3 )जो अपने माता पिता को घर से बाहर कर दे या खुद अकेले कहीं और रहने लगे..4) जो दिन में तीन बार पत्नी के लिए सुबह चाय बनाये5) जो हफ्ते में कम से कम एक बार अच्छे से रेस्टोरेंट में खाना खिलाने और फ़िल्म दिखाने ले जाए6) जो पत्नी के माता पिता के चरण स्पर्श करे(हिन्दू धर्म में दामाद के चरण स्पर्श किये जाते है)7) जो पत्नी को किट्टी पार्टी करने से रात को 1 बजे तक ले जाएं।सैर सपाटा करायें8) जो घर में एक नौकरानी लगाकर रखे9) जो एक रुपया दहेज़ न मांगे लेकिन हर महीने कुछ पैसा पत्नी के माँ बाप को अवश्य दे..10) जो पत्नी के पैर दुखने पर चरण भी दबा दे..11) और जो पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत भी करे….12) बीवी अगर कमासुत हो तो उसके सैलरी पर पति का कोई भी ह़क न हो,कोई सवाल नहीं करें13) मोबाइल पर पत्नी मैके वालों से कितनी-कितनी देर बात करें कोई रोक-टोक नहीं होना चाहिए...14) अपने पति और ससुराल की हर एक बात साझा करना है और जैसा वो बताएगी वैसा करना है.!......... ...... ......... ...... ......... ...... ..... ..... .....इन्हीं सब कारणों से लोगों के शादीशुदा जीवन में आग लग रहीं हैं।🙏🌹#repostchallenge

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आजकल की स्त्रियों को कैसा पति/दामाद  चाहिए?? बहुत जटिल प्रश्न है ।। आज की आधुनिक स्त्री और उनके  मां बाप को ऐसा पति /दामाद चाहिए जो..... 1) सुबह 10 बजे तक पत्नी को सोने दे 2) अपनी 95% सैलरी पत्नी के हाथ में दे 3 )जो अपने माता पिता को घर से बाहर कर दे या खुद अकेले कहीं और रहने लगे.. 4) जो दिन में तीन बार पत्नी के लिए सुबह चाय बनाये 5) जो हफ्ते में कम से कम एक बार अच्छे से रेस्टोरेंट में खाना खिलाने और फ़िल्म दिखाने ले जाए 6) जो पत्नी के माता पिता के चरण स्पर्श करे(हिन्दू धर्म में दामाद के चरण स्पर्श किये जाते है) 7) जो पत्नी को किट्टी पार्टी करने से रात को 1 बजे तक ले जाएं।सैर सपाटा करायें 8) जो घर में एक नौकरानी लगाकर रखे 9) जो एक रुपया दहेज़ न मांगे लेकिन हर महीने कुछ पैसा पत्नी के माँ बाप को अवश्य दे.. 10) जो पत्नी के पैर दुखने पर  चरण भी दबा दे.. 11) और जो पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत भी करे…. 12) बीवी अगर कमासुत हो तो उसके सैलरी पर पति का कोई भी ह़क न हो,कोई सवाल नहीं करें 13) मोबाइल पर  पत्नी मैके वालों से कितनी-कितनी देर बात करें कोई रोक-टोक नहीं होना चाहिए... 1...

विदेशी ब्राम्हण यज्ञ मे पांच प्रकार की बलि देते थे!- उसमे- नरबलि -महत्वपूर्ण -बलि था- !नरबलि! बलियों की यादि मे प्रथम स्तान पर था !साथियो इसका मतलब यह हुवा की ब्राम्हण लोग यज्ञ का बहाना कर के मनुष्य को भी खाते थे !

विदेशी ब्राम्हण यज्ञ मे पांच प्रकार की बलि देते थे! - उसमे- नरबलि -महत्वपूर्ण -बलि था- ! नरबलि! बलियों की यादि मे प्रथम स्तान पर था ! साथियो इसका मतलब यह हुवा की ब्राम्हण लोग यज्ञ का बहाना कर के  मनुष्य को भी खाते थे ! खाने लायक मनुष्य ब्राम्हण नही होना चाहिय ! खाने लायक मनुष्य व्यापारी या फिर किसान होना  चाहिये ! तत्कालीन -मनुष्य -बलिका -मूल्यांकन -साधारण -क्रय हेतु -एक _हजार -गाय -के -बराबर -था ! नरबलि# यज्ञ# महेंगा #और क्रूर होने के साथ साथ वीभत्स भी था ! ब्राम्हण अपने हाथ से नरबलि देते थे !नरबलि देने  का मुख्य नियम था की बलि चढ़ाने वाला बलि दिये गये इंसान को खाना अनिवार्य था ! इसका मतलब यह हुवा बलि देने वाले ब्राम्हण बलि चढ़ाय हुये मनुष्य को खाते थे ! नरबलि के बाद अश्वबली ! अश्व्बली देने से पहेले ब्राम्हणों की महिलाये घोड़े के साथ सम्भोग करती थी !ब्राम्हण कहेते है राक्षस नरभक्षी थे लेकिन यह झुठ है !लेकिन ब्राम्हण नरभक्षी थे यह सच है !  इसका सबूत उन्होने ही  यज्ञ के रूप मे  सबके सामने लाया!!!!!!         साथियो और जानकारी के लिये brआम्बेड...