ये हैं बांके चमार...जब एक आना की दो गाएं मिलती थी, तब इन पर 50,000 का ईनाम अंग्रेजों ने घोषित किया था। 1857 की क्रांति में जौनपुर क्रांति के मुखिया जिन्हे रूपये की लालच में मुखबिर ने पकड़वा दिया, अपने 16 साथियों समेत फां'सी पर लटक गए थे और लोग कहते हैं कि आजादी चरखे से मिली थी...हद है।।मां भारती के वीर सपूत को शत-शत नमन 🙏#कॉपी
ये हैं बांके चमार... जब एक आना की दो गाएं मिलती थी, तब इन पर 50,000 का ईनाम अंग्रेजों ने घोषित किया था। 1857 की क्रांति में जौनपुर क्रांति के मुखिया जिन्हे रूपये की लालच में मुखबिर ने पकड़वा दिया, अपने 16 साथियों समेत फां'सी पर लटक गए थे और लोग कहते हैं कि आजादी चरखे से मिली थी...हद है।। मां भारती के वीर सपूत को शत-शत नमन 🙏#कॉपी