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Showing posts from December, 2017

*सूर्य संवेदना पुष्पे:, दीप्ति कारुण्यगंधने|* *लब्ध्वा शुभम् नववर्षेअस्मिन् कुर्यात्सर्वस्य मंगलम् ||* ```जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदना करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है, उसी तरह यह नूतन वर्ष आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो।``` _*नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !*_ krishna gopal yadav advocate high court lucknow bench and vice president all india yadav sena Krishnagopaladvocate.blogsop.com

कभी तो आओ कभी तो बैठो कभी तो देखो कभी तो पूछो, तुम्हारी बस्ती में हम फ़क़ीरों का हाल क्यूँ सोगवार सा है! # krishnagopaladvocate.blogspot.com

मंज़र धुंधला हो सकता है, मंज़िल नहीं.. दौर बुरा हो सकता है, ज़िंदगी नहीं... 💐💐💐

A good life is when you assume nothing, Do more, Need less, Smile often, Dream big, Laugh a lot and realize how blessed you are.. Gud Mrng, Wsh u a blsd day 🙏🏻 krishnagopaladvocate.blogspot.com

All the problems Are stuck between " Mind " & " Matter " If you don't " Mind " It doesn't " Matter " 💐🙏💐

Success occurs when your dreams get bigger than your excuses. (सफलता तब आती है जब आपके सपने आपके बहानों से बड़े हो जाते हैं।)

इन सड़कों की तरह हजारों किलोमीटर लम्बा है हमारी दोस्ती का सफर कभी न खत्म होने वाला बस तुम इस सफर में कहीं थक मत जाना साथ छूट जाएगा...!! 🌹

*काजल लागे किरकरी* *सुरमा सहा ना जाए* *जिन नैनं में मित्र बसे* *दूजा कौन समाये* *प्रीत न कीजिये पंछी जैसी* *जल सूखे उड़ जाऐ* *प्रीत तो कीजिये मछली जैसी* *जल सूखे मर जाय *🌹राधे राधे🌹*

भगवान पर विश्वास बिलकुल ऊस बच्चे की तरह करो, जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्युकी वो जानता है की आप उसे गिरने नहीं दोगे..!

“जीत” किसके लिए, ‘हार’ किसके लिए ‘ज़िंदगी भर’ ये ‘तकरार’ किसके लिए… जो भी ‘आया’ है वो ‘जायेगा’ एक दिन फिर ये इतना “अहंकार” किसके लिए… ए बुरे वक़्त ! ज़रा “अदब” से पेश आ !! “वक़्त” ही कितना लगता है “वक़्त” बदलने में………

I like the religion that teaches liberty, equality, and fraternity. (मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई-चारा सीखाये।) Krishnagopaladvocate.blogspot.com

कोई "हालात" को नहीं समझता, तो कोई "जज़्बात" को नहीं समझता। ये तो बस अपनी-अपनी "समझ" है. कोई "कोरा कागज़" भी पढ़ लेता है, तो कोई पूरी "किताब" नहीं समझता।.

मंज़िलों से गुमराह कर देते है कुछ लोग... हर किसी से रास्ता पूछना अच्छी बात नहीं..! Krishnagopaladvocate.blogspot.com

मनचाहा बोलने के लिए, अनचाहा सुनने की ताकत होनी चाहिए मैं दीपक हूँ, मेरी दुश्मनी तो सिर्फ़ अंधेरे से हैं हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं हवा से कह दो कि खुद को, आजमा के दिखाए बहुत दीपक बुझाती हैं ,एक जला के दिखाए Krishnagopaladvocate.blogspot.com

"मैंने चाय बेची है" ये उपलब्धि ऐसे बताई जाती है जैसे इनकी चाय पीकर ही देश आज़ाद हुआ है..जैसे इन्होंने अंग्रेजो को जहर वाली चाय बेचीं हो..जैसे गुजरात की जनता इनकी चाय से पलति हो..जैसे इनकी चाय बिना देश आजाद ही नही हुवा हो..अरे मोदी जी किया क्या है और करना क्या है वो बताओ ना..

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"मैंने चाय बेची है" ये उपलब्धि ऐसे बताई जाती है जैसे इनकी चाय पीकर ही देश आज़ाद हुआ है..जैसे इन्होंने अंग्रेजो को जहर वाली चाय बेचीं हो..जैसे गुजरात की जनता इनकी चाय से पलति हो..जैसे इनकी चाय बिना देश आजाद ही नही हुवा हो..अरे मोदी जी किया क्या है और करना क्या है वो बताओ ना..

*"तारीफ़" और "ख़ुशामद" में,* *एक बड़ा फ़र्क़ है ...* *"तारीफ़,आदमी के काम की होती है,* *और ....* *"ख़ुशामद, काम के आदमी की"*. Krishnagopaladvocate.blogspot.com

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#ठोकरें खाता हूँ पर #शान से चलता हूँ.. मैं खुले #आसमान के नीचे सीना तान के चलता हूँ.. मुश्किलें तो सच है #जिंदगी का आने दो- आने दो.. उठूंगा, गिरूंगा फिर उठूंगा और... आखिर में "जीतूंगा मैं" यह ठान के चलता हूँ

My best friend is the one who brings out the best in me.  (मेरा सबसे अच्छा दोस्त वह है जो मुझे सबसे बेहतर बना दे।) krishnagopaladvocate.blogspot.com

Wherever you go becomes a part of you somehow Krishnagopaladvocate.blogspot.com

*आंखों में गर हो गुरूर तो इंसान को इंसान नहीं दिखता,* *जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही मकान नहीं दिखता।* Krishnagopaladvocate.blogspot.com