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mayank yadav .....156.8 km ph speeding man

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21 वर्षीय रफ्तार के सौदागर मयंक यादव को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुना जाना था, लेकिन हैमस्ट्रिंग की चोट की वजह से यह मौका हाथ से चला गया। मयंक यादव ने दिल्ली सर्किट में अपनी बाउंसर से कई बल्लेबाजों को घायल किया है। मयंक यादव ने IPL के मंच पर धमाकेदार शुरुआत करते हुए अपनी तूफानी गति से क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए अपना पहला मैच खेल रहे 21 वर्षीय खिलाड़ी ने 155.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर दर्शकों को चौंका दिया। 24 में से 9 की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। उन्होंने जॉनी बेयरस्टो, जितेश शर्मा और प्रभसिमरन सिंह के विकेट लिए। जैसे ही मयंक को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया, डेल स्टेन और ब्रेट ली जैसे जाने-माने क्रिकेट दिग्गज सोशल मीडिया पर उनकी प्रचंड गति की सराहना करते हुए प्रशंसा के स्वर में शामिल हो गए। मयंक दिल्ली के पंजाबी बाग के रहने वाले हैं और प्रतिष्ठित सॉनेट क्लब में ट्रेनिंग करते हैं। मयंक यादव के IPL डेब्यू पर कई लोगों को यह पता चला था कि वह पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के क्रिकेट सर्किट के प्रशंसकों के बीच ए...

वो वैश्या नहीं थी-----------------------💐 बात उस समय की है जब मैं जिला जामताड़ा मे इंटरमिडियट मे था | मै जब डेली शाम को अपने कोचिंग को जाता तो रोज आते-जाते मुझे एक बूढ़ी भिखारन महिला मिलती जो रेलवे स्टेशन पर भीख माँगती, जिसे मैं डेली देखता था |

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वो वैश्या नहीं थी- ----------------------💐 बात उस समय की है जब मैं जिला जामताड़ा मे इंटरमिडियट मे था | मै जब डेली शाम को अपने कोचिंग को जाता तो रोज आते-जाते मुझे एक बूढ़ी भिखारन महिला मिलती जो रेलवे स्टेशन पर भीख माँगती, जिसे मैं डेली देखता था | हालांकि महिला बुजुर्ग थीं और कपड़े फटे पुराने होते थे मगर देखने मे ऐसा लगता था जैसे जब ये जवान रही होंगी तो बेहद खूबसूरत रही होंगी | मै जब प्रति दिन रेलवे फाटक पार करके कोचिंग से लौटता तो रोज देखता कि शाम को दो व्यक्ति आकर उस महिला से पैसे ले लेते थे | वह बूढ़ी महिला उन दोनों व्यक्तियों को देखते ही डरने लगती थी | मैंने सोचा- 'हो सकता है इनका भीख मांगना ही इनका पेशा हो और ये दोनों जो इससे पैसा ले लेते है इनके कोई रिस्तेदार हों | और हाँ, मुझे कभी-कभी उस भिखारन महिला को देखकर ऐसा महसूस भी होता था कि शायद वह महिला मुझसे कुछ कहना चाह रही हो | एक दिन मुझसे नही रहा गया | मेरे मन में उस महिला की दुर्दशा देखकर दया उठी और उसके तथा उन दो व्यक्तियों, जो रोज उससे पैसा लेकर चले जाते थे, उन सब के बारे में विस्तार से जानने की जिज्ञासा हुई और एक दिन मै चुपके...