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Showing posts from January, 2024
कैसा लगा मित्रों?बोला था न बिहार की राजनीति के बारे में बिहार से बाहर बैठे नोएडा नर्तकी संघ नहीं बताएगा।उसे खुद अक्ल है। अंजना ओम कश्यप, अमीश देवगन, रूहबिका लियाकत, चित्रा त्रिपाठी नोएडा में AC में बैठ लबड़- लबड़ ही कर सकती है। लेकिन बिहार ने रणनीति के तहत थोड़ा सा हिचकोला क्या मारा BJP का हिंदू मुस्लिम वाला मुद्दा ही गौण हो गया।राम के नाम का इस्तेमाल कर 3 दिन से जिस मीडिया में भर दिन छाया था बिहार ने उड़ती चिड़िया को हल्दी लगा दिया है।लालू जी हर बार बीजेपी को धूल चटा देते हैं। लालू जी राजनीति के भीष्म पितामह हैं।तेजस्वी यादव जी भी अब तो चिड़ियां को हल्दी लगा देते हैं। BJP का बिहार में 15 सालों तक पैर जमाना मुश्किल है।नीतीश जी तेजस्वी जी एकसाथ हैं बीजेपी वाले का सारा मुद्दा ही गौण कर दिए हैं दोनों ने। खबर है कि सुशील मोदी और गिरिराज सिंह सर्फ खा लिए हैं ऐसा मजाक देख।
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कैसा लगा मित्रों? बोला था न बिहार की राजनीति के बारे में बिहार से बाहर बैठे नोएडा नर्तकी संघ नहीं बताएगा। उसे खुद अक्ल है। अंजना ओम कश्यप, अमीश देवगन, रूहबिका लियाकत, चित्रा त्रिपाठी नोएडा में AC में बैठ लबड़- लबड़ ही कर सकती है। लेकिन बिहार ने रणनीति के तहत थोड़ा सा हिचकोला क्या मारा BJP का हिंदू मुस्लिम वाला मुद्दा ही गौण हो गया। राम के नाम का इस्तेमाल कर 3 दिन से जिस मीडिया में भर दिन छाया था बिहार ने उड़ती चिड़िया को हल्दी लगा दिया है। लालू जी हर बार बीजेपी को धूल चटा देते हैं। लालू जी राजनीति के भीष्म पितामह हैं। तेजस्वी यादव जी भी अब तो चिड़ियां को हल्दी लगा देते हैं। BJP का बिहार में 15 सालों तक पैर जमाना मुश्किल है। नीतीश जी तेजस्वी जी एकसाथ हैं बीजेपी वाले का सारा मुद्दा ही गौण कर दिए हैं दोनों ने। खबर है कि सुशील मोदी और गिरिराज सिंह सर्फ खा लिए हैं ऐसा मजाक देख। #BiharPolitics #NitishKumar बिहार के DNA में राजनीति है भाई साब! बिहार के राजनैतिक हालात पर जितने भी बिहार से बैठे पत्रकार हैं सारे फर्जी और नकली मनगढ़ंत खबर चला रहे हैं। बिहार के राजनीति को नो...
प्यार एक पूंजीवादी विचारधारा है। लड़कियों के सपने में आईएएस/आईपीएस ही आते हैं.. चक्की पर काम करने वाले मजदूर नही।पहली लड़की को पहचान रहे हैं जो अपने करियर के लिए विवाह की रात में भाग गई थी..मजे की बात देखिये लड़का उस फिल्म में आईएएस इसलिए बना क्योंकि उसको बदला लेना था। उसको देश दुनिया समाज से कोई लेना देना नही था, वरना वो क्लर्क की नौकरी में भी खुश था।मोटिवेशन तो ऐसा पागल किया है कि पढ़े लिखे लड़के राह चलते मदारी से भी प्रेरित हो जाते हैं। फिर ये तो फ़िल्म थी..अब ऐसा लग रहा सब आईपीएस बन जाएंगे लेकिन उनको साथ देने वाली चाहिए।साथ छोड़ देगी कोई तो ज्यादा ऊंची पोस्ट मिल जाएगी।पर बिना दिल टूटे कुछ होने वाला नही है..😐अब कोचिंग इंस्टीट्यूटों की आवश्यकता नही है। बस प्यार मोहब्बत सिखाया जाए.. सब सेल्फ स्टडी से ही कॉम्पटीशन निकाल ले रहे हैं..ऐसा फिल्मी भूत चढ़ा हुआ है कि बिना दो तीन पेपर में फेल हुए यह उतरने वाले नही है... और एक बात 16 घण्टा काम करके पढ़ाई करने का नाटक वही दिखा सकता है जो पहले ही पेपर पास कर चुका हो..इसलिए हवा में मत रहिये, जमीन पर चलिए। यही लड़की जो मनोज का साथ दे रही थी ये भी मनोज को एरोनॉटिकल इंजीनियर समझ कर ही उनसे नजदीक आई थी। चक्की वाला मजदूर जानती तो ताकती नही...( अपवाद होते है वैसे)खैर कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जो बिना लात खाये समझ नही आते।साभार 🙏
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प्यार एक पूंजीवादी विचारधारा है। लड़कियों के सपने में आईएएस/आईपीएस ही आते हैं.. चक्की पर काम करने वाले मजदूर नही। पहली लड़की को पहचान रहे हैं जो अपने करियर के लिए विवाह की रात में भाग गई थी.. मजे की बात देखिये लड़का उस फिल्म में आईएएस इसलिए बना क्योंकि उसको बदला लेना था। उसको देश दुनिया समाज से कोई लेना देना नही था, वरना वो क्लर्क की नौकरी में भी खुश था। मोटिवेशन तो ऐसा पागल किया है कि पढ़े लिखे लड़के राह चलते मदारी से भी प्रेरित हो जाते हैं। फिर ये तो फ़िल्म थी.. अब ऐसा लग रहा सब आईपीएस बन जाएंगे लेकिन उनको साथ देने वाली चाहिए। साथ छोड़ देगी कोई तो ज्यादा ऊंची पोस्ट मिल जाएगी। पर बिना दिल टूटे कुछ होने वाला नही है..😐 अब कोचिंग इंस्टीट्यूटों की आवश्यकता नही है। बस प्यार मोहब्बत सिखाया जाए.. सब सेल्फ स्टडी से ही कॉम्पटीशन निकाल ले रहे हैं.. ऐसा फिल्मी भूत चढ़ा हुआ है कि बिना दो तीन पेपर में फेल हुए यह उतरने वाले नही है... और एक बात 16 घण्टा काम करके पढ़ाई करने का नाटक वही दिखा सकता है जो पहले ही पेपर पास कर चुका हो.. इसलिए हवा में मत रहिये, जमीन पर चलिए। यही लड़की जो...