एक गिद्ध का बच्चा अपने बाप से बोला "पापा आज मुझे इंसान का गोश्त खाना है"

एक गिद्ध का बच्चा अपने बाप से बोला "पापा आज मुझे इंसान का गोश्त खाना है"
गिद्ध बोला "ठीक हैं बेटा शाम को ला दूँगा.. गिद्ध उड़ा ओर एक सुअर का गोश्त ले कर आया।" 
गिद्ध का बच्चा बोला "पापा ये तो सुअर का गोश्त है , मुझे तो इंसान का गोश्त खाना है !"
गिद्ध बोला "रूक शाम तक मिल जाऐगा.. गिद्ध फिर उडा ओर एक मरी गाय का गोश्त ले कर आया।"
गिद्ध का बच्चा बोला "पापा ये तो गाय का गोश्त है, मुझे तो इंसान का गोश्त खाना है।"
गिद्ध उडा ओर उसने सुअर का गोश्त एक मस्जिद के पास और गाय का गोश्त मंदिर के पास फेक दिया। 
थोडी देर के बाद वहाँ ढेर सारी इंसानों की लाशे बिछ गई बाप-बेटे ने जम के इंसान का गोश्त खाया। 
गिद्ध का बच्चा बोला "पापा ये कैसे हुआ, इतना सारा गोश्त ?" 
गिद्ध बोला "बेटा ये इंसान है ही ऐसा, ऊपरवाले ने तो इसे इंसान बना के पैदा किया पर धर्म के नाम पर इसे "जानवर" से भी बदतर बनाया जा सकता है..  
और ये काम इन इंसानों में बैठे कई गिद्ध पहले से कर रहे हैं। 
आज पेट भरने के लिए हमने भी कर दिया। 
PNGangwar

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)

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