ब्राह्मणों के बीच समाज सुधार आंदोलन की सख़्त ज़रूरत है। राम मोहन राय के बाद किसी ने ब्राह्मण समाज सुधार की कोशिश की नहीं है। आज उत्तर भारत के ढेर सारे डॉन ब्राह्मण हैं। सैकड़ों श्रीप्रकाश शुक्ला और विकास दुबे इसके प्रमाण हैं।
ब्राह्मणों के बीच समाज सुधार आंदोलन की सख़्त ज़रूरत है। राम मोहन राय के बाद किसी ने ब्राह्मण समाज सुधार की कोशिश की नहीं है। आज उत्तर भारत के ढेर सारे डॉन ब्राह्मण हैं। सैकड़ों श्रीप्रकाश शुक्ला और विकास दुबे इसके प्रमाण हैं।
ब्राह्मण युवाओं को आपराधिक मानसिकता से बचाने की सख़्त ज़रूरत है।
ठाकुर तो फ़िल्मों के कारण मुफ़्त बदनाम हैं। बॉलीवुड में राइटर्स और डायरेक्टर ठाकुर होते तो ये न होता। बढ़ते शहरीकरण और कृषि आय में कमी के कारण रहे सहे ठाकुर डॉन भी अब कुछ और करने लगे हैं। डॉन अब कहीं और से आ रहे हैं।
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