साथ पढ़ा है। कमाता नहीं है। फटेहाल है। माँगने आया। राजा है। दे दिए होंगे कुछ दान में। या कह दिए होंगे कि कमा कर खाओ। पैर कौन धोता है? दोस्तों के पैर धोने का विश्व में कोई और उदाहरण हो तो बताइए। जिन लोगों ने ये कथा लिखी वे काहे नहीं दोस्तों के पैर धोते हैं? कथा लिखने वाले ने ये सब कारनामा किया है। भगवान से भी खुद को ऊपर बताने के लिए। ताकि जनता तो यूँही फ़्लैट हो जाए।
साथ पढ़ा है। कमाता नहीं है। फटेहाल है। माँगने आया। राजा है। दे दिए होंगे कुछ दान में। या कह दिए होंगे कि कमा कर खाओ। पैर कौन धोता है?
दोस्तों के पैर धोने का विश्व में कोई और उदाहरण हो तो बताइए। जिन लोगों ने ये कथा लिखी वे काहे नहीं दोस्तों के पैर धोते हैं?
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