एक बार किसी के घर में में मिट्टी हुई हो और उसे बधाई देकर देखना या जिसके घर में मिट्टी हुई हो वो दूसरों को बधाई दे और हर्षोल्लास से एक दूसरेको गले लगाए। क्या कोई ऐसा कर सकता है ?नहीं कर सकता क्योंकि वो दुखों के समंदर में डूबा रहता है।फिर ये कौन से वीर हैं जो एक नारी को जलाकर खुशी जाहिर करते हैं?शायद इसीलिए ये एक दूसरे के अवीर {कायर}लगा उन्हें सिद्ध करते हैं।आर्यों द्वारा मूल निवासी भारतीयों के उत्सवों में किस प्रकार कुरीतियों को जबरन घुसेड़ा गया है जबकि फाल्गुन माह में ये उत्सव महीने भर मनाया जाता था।
एक बार किसी के घर में में मिट्टी हुई हो और उसे बधाई देकर देखना या जिसके घर में मिट्टी हुई हो वो दूसरों को बधाई दे और हर्षोल्लास से एक दूसरेको गले लगाए।
क्या कोई ऐसा कर सकता है ?
नहीं कर सकता क्योंकि वो दुखों के समंदर में डूबा रहता है।
फिर ये कौन से वीर हैं जो एक नारी को जलाकर खुशी जाहिर करते हैं?
शायद इसीलिए ये एक दूसरे के अवीर {कायर}लगा उन्हें सिद्ध करते हैं।
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