पूरा पढ़ना पढ़े लिखे हों तो.. 🙏 🙏 *ब्राह्मण और आदिवासी का विवाद* 🙅🏻♂🤷🏻♂
पूरा पढ़ना पढ़े लिखे हों तो.. 🙏 🙏
*ब्राह्मण और आदिवासी का विवाद* 🙅🏻♂🤷🏻♂
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- जय श्रीराम...
🤷🏻♂ *आदीवासी*- जय जोहार ...
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- अरे..तुम्हे एक दिन जय श्रीराम बोलना ही होगा..तुम्हारा नारा नहीं चलेगा।
🤷🏻♂ *आदीवासी*- क्यो नहीं चलेगा..?
पिछले 70 सालसे हमारे बाबासाहब के संविधान से भारत देश चल रहा है तो हमारा ही नारा चल रहा है और आगे भी चलेगा।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- (हा..हा..हा) अरे! अज्ञानी..
हमारे पूर्वज 5000 साल से पूरे भारत पर राज कर रहे है, तुम सिर्फ 70 साल की बात कर रहे हो।
1925 से हमने ब्राह्मण राष्ट्र को बनाने की शुरूआत की है जो ब्राह्मण राष्ट्र 2025 को हम इस संविधान को तोड़ कर बनाऐंगे..। तुम देखते रह जाओगे...
🤷🏻♂ *आदीवासी*- (गुस्से में आकार) ऐसे कैसे हम चुप बैठेंगे..अगर भारत के संविधान को कोई हाथ भी लगायगा तो हम उसका हाथ तोड देंगे..।।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- अरे बावले.. अभी तो संविधान हमारे ही हाथ मे है, तू हाथ लगाने की बात कर रहा है...।।
जिस दिन राज्यसभा पर कब्जा हो जाएगा हम संविधान को पूरा बदलेंगे और *"ब्राह्मण राष्ट्र"* का निर्माण होगा..।।
🤷🏻♂ *आदीवासी*- लेकिन तुम तो *"हिंदू राष्ट्र"* बनाना चाहते हो ना..?
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- यही तो हमारी चाल है,हिंदू समाज हमारा गुलाम था, गुलाम है और गुलाम रहेगा
तुम आदिवासी बनकर छूट गये लेकिन जब धर्म पर आधारित *ब्राह्मण राष्ट्र* बनेगा तब हम तुम्हे फिर से हिंदू जैसा ही गुलाम बनाएगे..।।
🤷🏻♂ *आदीवासी*- हम यह होने नहीं देंगे..।।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- क्या कर लोगे..?
तुम लोग आपस में लड़कर एक-दुसरे से झगड रहे हो,तुम मे कभी भी एकता नहीं हो सकती,तुम लोग समाज और देश के बारे में कभी नहीं सोचते, सिर्फ अपने स्वार्थ के बारे में सोचते हो, हमारे हजारो-लाखो लोग सबसे पहले ब्राह्मण समाज के बारे में ही सोचते है, हम आपस में कभी नहीं लड़ते बल्कि तुम जैसो को आपस मे लड़ाने का प्रबंध करते है।
🤷🏻♂ *आदिवासी* - कितने दिन हमें लड़वाओगे हमारे नेता तुम्हे ठीक कर देगे...
🙅🏻♂ *ब्राह्मण* - (जोरो से हँसता है) तुम्हारे नेता...? कौन है तुम्हारे नेता..? तुम्हारा एक ही नेता था..जो हम पर बहुत भारी पडा,जिसने *5000* साल से चलने वाली हमारी व्यवस्था को जला दिया। बाकी तुम्हारे नेता हमें उनका बंदोबस्त करना आता है.जाओ उनमें से बहुत सारे नेता हमारे *"घरजमाई"* है
और घरजमाई ससुराल वालों से झगडा किया तो भी हमें फर्क नहीं पडता,तुम्हारे नेताओं के घर में एक *"भक्त प्रहलाद"* हम पैदा करते है।सिर्फ तुम्हारे बाबासाहब का बंदोबस्त करने मे हमे बहुत देर हो गई,वरना तुम आज मुझसे बात भी नहीं कर पाते..।
🤷🏻♂ *आदिवासी **- बाबासाहब के विचारों से ही हम तुम्हे रोकेंगे।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- अरे हटो..तुम्हे बाबासाहब पढने के लिए फुरसत कहाँ है।तुम तो अपनी बीवी,बच्चे,रिश्तेदार, गाडी,बंगला, बडी-बडी प्रापर्टी बनाने में लगे हो..। बाबासाहब को हमने पढ़ा है..और सिर्फ पढ़ा ही नहीं बल्कि अमल मे भी लाते है।
उन्होने कहा-शिक्षित बनो..आज भारत में सबसे ज्यादा शिक्षित हम है। उन्होने कहा-संघटित रहो आज काश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और पश्चिम बंगाल से लेकर गुजरात तक ब्राह्मण संघटित है। बाबासाहब ने कहा-संघर्ष करो..हम तुम्हारे खिलाफ संघर्ष करते है।तुम्हारे जैसे आपस मे संघर्ष नहीं करते समझे...।
🤷🏻♂ *आदिवासी **- हम भी संघर्ष करते
है..मोर्चा-आंदोलन,रास्ता रोको करते है।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- और फिर जेल जाते हो...फिर मोर्चा निकालते हो.. यही करते रहो..हम भारत पे राज करते है...।
🤷🏻♂ *आदिवासी **- हम भी भारत पे राज करेगे।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण*- अरे..अकल के दुश्मन गली में बैठकर राजा नहीं बनता,हमारी पार्टी- एक,हमारा झंडा-एक,हमारा नेता-एक. तुम्हारी पार्टी अनेक, तुम्हारे झंडे-अनेक,तुम्हारे नेता अनेक. राज करना कोई बच्चों का खेल नहीं,जाओ हमारी सेवामें मग्न रहो।
और हाँ...बाबासाहब को कभी भी पढना मत...क्योकि जिस दिन बाबासाहब को पढोगे और अमल करोगे उस दिन हमे तुम्हारी सेवा में लगना पडेगा। मुझे पूरा भरोसा है, तुम बाबासाहब का नाम लेकर नाचते रहो,उनके बडे-बडे पुतले बनाते रहो,अपने समाज की परेशानी पर कुछ मत करो...खाओ..पिओ..मजा करो..।।।
🤷🏻♂ **आदिवासी **- मै तुम्हारी बात को समझ रहा हूँ..लेकिन तुम भी मेरी बातको समझ जाओ,अब हम बाबासाहब को पढेगे जरूर.. बस हो गया.. नाच-गाना.. मै अपने समाज और देशको तुम्हारे चंगुल से जरूर बचाऊँगा..।।।
🙅🏻♂ *ब्राह्मण-* (जोर जोर से हँसता है)
तुम्हारा सपना अच्छा है...लेकिन यह सिर्फ सपना ही रहेगा..।।।
में जानता हूँ मेरी पोस्ट को शेयर करने लाइक करने में मेरे आदिवासी भाई लोग भी डरते इस प्रकार की पोस्ट से हमेशा दुर भागते हे
मनुवादीयो का डर दिमाग मे अच्छी तरह से घर कर गया है
🙏🙏 *जय जोहार*
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