ज्योतिषियों से दूर रहने के उपाय --*1-स्वयं पर विश्वास करें आत्मविश्वास को बढ़ाएँ ।

*ज्योतिषियों से दूर रहने के उपाय --*
1-स्वयं पर विश्वास करें आत्मविश्वास को बढ़ाएँ ।

2- किसी भी कार्य के होने या न होने के पीछे ग्रह नहीँ है - स्वयं आप ही है. अत: कहां कमी रह गई उन पर विचार करें।

3- लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम करेँ. लक्ष्य प्राप्ति की दिशा मे ही आगे बढ़ते रहेँ. दिन रात उसी के सपने देखे. जो लक्ष्य तय किया है उसी अनुसार परिश्रम करेंगें तो सफलता निश्चित है।

4-कार्य को करने से पहले लक्ष्य की प्राप्ति हेतु अपने पास मौजूद साधनों और सहयोगीयों पर अवश्य विचार करें।

5- कर्म पर विचार करे - जो कर भी रहेँ है या नहीँ कर रहे क्या वे ठीक है?
 क्योँकि वही है जो आपको पता है और आपके सामने है , उन के लिए उतरदायी भी आप ही है।

*6- तर्कवादी बने. क्या ,क्योँ और कैसे इन शब्दो का प्रयोग करना सीखे. किसी भी बात को ऐसे ही सच न माने. स्वयं विचार कर के अच्छी तरह से तथ्य को परख कर ही विश्वास करे. फिर कोई भी आपको मूर्ख नहीँ बना पाएगा।*

7- किसी टोटके आदि मे विश्वास करना त्याग दें. नहीँ त्याग सकते है तो एक बार इस बात पर विचार करे कि जिस काम को मनुष्य होकर भी आप कर नहीँ पाए उसे मसूर दाल, बताशे, रेवङिया, हल्दी, चन्दन मौसी तवीज धातू नीबूंं किस प्रकार से करेगें??

8- भविष्य को जान कर उसे बदलने की बजाय, अपने वर्तमान को पहचान कर उसे बेहतर बनाए - भविष्य अपने आप संवर जाएगा।

*9- भविष्य पूर्व निश्चित नहीँ है वह कर्म से बनता है. अत: कर्म प्रधान बने.*

10- भाग्य को दोष देना बन्द करें. यदि भाग्य मे लिखे लेख के अनुसार ही जीवन चक्र चलित हो, तो कर्म की आवश्यकता ही क्या है ?

11- वर्तमान में जियें!  एक वही है जो पास है. क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारा नियंत्रण है।

12- सदैव याद रखेँ कि आपके जन्म के समय आपके साथ उसी क्षण मे और. व्यक्ति भी उत्पन्न हुए है, अतः यह भ्रम मन से निकाल दे कि ग्रहो के कारण आपके साथ ऐसा हो रहा है।

13- यह समझे कि अगर ज्योतिषी ही सब का भविष्य जानता है वे स्वयं अपना भविष्य क्यों नहीं संवारता ।
आपसे पैसे या नगीने बेच कर धन क्यों कमा रहा है ??
 वे भी मूर्ख बनाने का करम कर रहा है ।

14- ज्योतिषी से पूछे क्या उसके घर दुख तकलीफ़ असफलता मृत्यु कभी नहीं आई!  अगर आई है तो ये सब  कर्म विधान को माने व विश्वास करें ।

15- कुछ समय के लिए ज्योतिषी का पैन या जुता छुपा लें फिर देखें वे दूंढ पाता है या नही । फिर विचारें दुसरों के भविष्य और कष्ट कैसे जान सकता है।

*16- विज्ञान को माने । ग्रह किसी के ऊपर न चढ़ सकते है, न कोई उतार सकता है वे प्राकृतिक चक्र है लोगों को परेशान करने के लिए नहीं बनाएँ।*

अंधश्रद्धा से मुक्त होइए।।
तार्किक और प्रगतिशील भारत का निर्माण कीजिये।
🌼🎍🌼

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)

यदि कोई तथाकथित ऊंची जाति वाला किसी तथाकथित छोटी जाति वाले के यहां धोखे से कुछ खा पी लेता है