झारखंड के रामगढ़ - बोकारो मार्ग पर गोला के निकट बौद्ध खीरी मठ की हालत खास्ता है.....

झारखंड के रामगढ़ - बोकारो मार्ग पर गोला के निकट बौद्ध खीरी मठ की हालत खास्ता है.....

पुरातत्व विभाग कृपया ध्यान दें, इसकी जीवन - लीला कभी भी खत्म हो सकती है....

खीरी बौद्ध मठ करीब 40 वर्गफीट के घेरे में कोई 80 फीट ऊँचा है....

मठ से कुछ दूरी पर भिक्खुओं के स्नान के लिए सरोवर है.....

पूरब और पश्चिम दिशा में 5 फीट ऊँचा दो द्वार बने हैं......

पूरबी द्वार के ठीक ऊपर 40 फीट की ऊँचाई पर भूमि स्पर्श मुद्रा में बुद्ध की मूर्ति लगी है, पास में बुद्धिज्म के प्रतीक दो मछलियाँ हैं.....

पश्चिमी द्वार के ऊपर सिर्फ मछलियों की आकृति है.....

खीरी मठ की पूरी संरचना बोध गया के महाबोधि मठ से मेल खाती है....

महाबोधि मठ की स्थापना सम्राट असोक ने की थी, बाद में उसका विस्तार हुआ है.....

ऐसा जान पड़ता है कि खीरी बौद्ध मठ की स्थापना भी सम्राट असोक ने की होगी, बाद में इसका विस्तार हुआ है.....

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