आइए हिसाब करें आजादी के बाद के इन 72 सालों का ! आजादी के बाद केंद्र में इन 72 सालों में से 52 साल कांग्रेस ने, 12 साल भाजपा ने और 8 साल अन्य गठबंधन की सरकारों ने शासन किया. इस हिसाब से इन 72 सालों में से 1/6 हिस्सा भाजपा ने शासन किया. तो क्या भाजपा ने देश निर्माण में 1/6 हिस्से का योगदान दिया है ? आइये देखते हैं --1) क्या देश के 18लाख स्कूलों में से 3लाख स्कूल भाजपा ने खुलवाए ?2) क्या देश के 8200रेलवे स्टेशनों में से 1300 भाजपा ने बनवाये हैं ?3) क्या देश के 45000 कन्या विद्यालयों में से 7500 भाजपा ने खुलवाए ?5) क्या देश भर के 1200नहरों में से 200 नहर भाजपा ने खुदवाये ?6) क्या देश के लगभग 65 बैंकों (सरकारी व गैर सरकारी ) बैकों में से भाजपा ने कोई खुलवाया ?7) क्या कोई स्टील प्लांट, गैस प्लांट, परमाणु संयंत्र, इसरो, आईआईटी, एम्स, एयरपोर्ट, सेल, गेल, भेल, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल आदि आदि भाजपा शासन में शुरू हुआ या बना ?8) देश भर के 200 राष्ट्रीय राजमार्गों में से भाजपा ने कितनों का निर्माण कराया ? 9) कितने केंद्रीय विद्यालय, सैनिक विद्यालय, नवोदय विद्यालय का निर्माण भाजपा शासन में हुआ ? 10 )एलआईसी, जीआईसी, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट या अन्य सरकारी संस्थानों में से कितनों का निर्माण भाजपा ने कराया ? 11)देशभर में कितने कल कारखानों का निर्माण भाजपा शासन में हुआ ?12) निर्माण भवन, शास्त्री भवन, उद्योग भवन, रेल भवन, शास्त्री भवन, विज्ञान भवन आदि आदि में से क्या किसी का निर्माण भाजपा शासन में हुआ ?13) आरटीआई, मनरेगा, आधार, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन जैसी कोई कल्याणकारी योजना भाजपा शासन में शुरू हुई ?नहीं न !ये भाजपाई किसके बनाए विद्यालयों में पढ़े हैं ? इनसे केवल बकवास या उन्माद सीख सकते हैं. दूसरों की बहन बेटियों की बेइज्जती करना, गाली देना ही उनसे आप सीख सकते हैं, देश हित में कोई एक अच्छा सा काम इन्होंने किया हो तो बताना.इसके उलट देश भर में धर्म जाति के नाम पर नफरत फैलाकर दंगा कराना और लोगों की हत्या कराना ही इनका शगल रहा है.इनसे सावधान रहें ! इसी में आपकी भी भलाई है और देश की भी भलाई है ! जय भारत.

आइए हिसाब करें आजादी के बाद के इन 72 सालों का !

 आजादी के बाद केंद्र में इन 72 सालों में से 52 साल कांग्रेस ने, 12 साल भाजपा ने और 8 साल अन्य गठबंधन की सरकारों ने शासन किया. इस हिसाब से इन 72 सालों में से 1/6  हिस्सा भाजपा ने शासन किया. तो क्या भाजपा ने देश निर्माण में 1/6 हिस्से का योगदान दिया है ? आइये देखते हैं --

1) क्या देश के 18लाख स्कूलों में से 3लाख स्कूल भाजपा ने खुलवाए ?

2) क्या देश के 8200रेलवे स्टेशनों में से 1300 भाजपा ने बनवाये हैं ?

3) क्या देश के 45000 कन्या विद्यालयों में से 7500 भाजपा ने खुलवाए ?

5) क्या देश भर के 1200नहरों में से 200 नहर भाजपा ने खुदवाये ?

6) क्या देश के लगभग 65 बैंकों (सरकारी व गैर सरकारी ) बैकों में से भाजपा ने कोई खुलवाया ?

7) क्या कोई स्टील प्लांट, गैस प्लांट, परमाणु संयंत्र, इसरो, आईआईटी, एम्स, एयरपोर्ट, सेल, गेल, भेल, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल आदि आदि भाजपा शासन में शुरू हुआ या बना ?

8) देश भर के 200 राष्ट्रीय राजमार्गों में से भाजपा ने कितनों का निर्माण कराया ? 

9) कितने केंद्रीय विद्यालय, सैनिक विद्यालय, नवोदय विद्यालय का निर्माण भाजपा शासन में हुआ ?

 10 )एलआईसी, जीआईसी, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट या अन्य सरकारी संस्थानों में से कितनों का निर्माण भाजपा ने कराया ? 

11)देशभर में कितने कल कारखानों का निर्माण भाजपा शासन में हुआ ?

12) निर्माण भवन, शास्त्री भवन, उद्योग भवन, रेल भवन, शास्त्री भवन, विज्ञान भवन आदि आदि में से क्या किसी का निर्माण भाजपा शासन में हुआ ?

13) आरटीआई, मनरेगा, आधार, विधवा  पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन जैसी कोई कल्याणकारी योजना भाजपा शासन में शुरू हुई ?

नहीं न !

ये भाजपाई किसके बनाए विद्यालयों में पढ़े हैं ? 

इनसे केवल बकवास या उन्माद सीख सकते हैं. दूसरों की बहन बेटियों की बेइज्जती करना, गाली देना ही उनसे आप सीख सकते हैं, देश हित में कोई एक अच्छा सा काम इन्होंने किया हो तो बताना.

इसके उलट देश भर में धर्म जाति के नाम पर नफरत फैलाकर दंगा कराना और लोगों की हत्या कराना ही इनका शगल रहा है.

इनसे सावधान रहें ! इसी में आपकी भी भलाई है और देश की भी भलाई है !

                                                        जय भारत.

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)

यदि कोई तथाकथित ऊंची जाति वाला किसी तथाकथित छोटी जाति वाले के यहां धोखे से कुछ खा पी लेता है