इसलिए सैफई में रंगों की होली बन्द करके फूलों की होली का प्रचलन शुरू किया... नेता जी

भाई लिखते हैं....
नेता जी जानते थे कि क्षेत्र के सारे किसान यहाँ उन्हें देखने आते है होली पर मिलने आते है पैर छूकर अभिवादन करके होली मनाते हैं उन्हें बखूबी पता था किसान के पास कपड़े ज्यादा नही होते है कुछ ऐसे है जिनके पास ढंग का एक ही कुर्ता है उस पर रंग डालकर गोबर मिट्टी डालकर खराब कर देंगे।

तो बेचारा बाजार हाट क्या पहनकर जाएगा....?

इसलिए सैफई में रंगों की होली बन्द करके फूलों की होली का प्रचलन शुरू किया...

2020 की होली पर मैं भी गया था।। बड़े करीब से देखा था पैर भी छुए। बेहद छोटा कद, धोती कुर्ता में बड़े सुंदर लग रहे थे शरीर उनका इतना मज़बूट नही था कि अकेले मंच पर चढ़ जाएं लोग उन्हें पकड़ कर मंच तक ले गए थे।

मंच पर चढ़े भाषण के कुछ अंश बताता हूं।

"आप लोग इतनी दूर से गाड़ी में तेल जलाकर यहाँ तक आये इतने नौजवान आये महिलाएं भी आई हैं पूरा इलाका यहाँ है सबका धन्यवाद..
क़भी कोई दिक्कत हो चिट्ठी लिख देना लखनऊ आ जाना हमसे मिलना हम अपकीं समस्या सुलझाएंगे।

आप हमको अपने जन्मदिन पर या किसी त्योहार पर बुलाओ मैं आ जाऊँगा।।
हर साल सैफई में इसी तरह होली मनाई जाती रहेगी। अगली साल और तगड़ी होली मनाएंगे।
आप लोग यगर हमसे प्यार करटे हो होली की शुभकामना देना चाहते हो तो आसपास पता किरिये किसके घर पूड़ी नही हो रही उसके घर मदद पहुचाइए पूड़ियाँ करबाइये

गड़ीब से गरीब का त्योहार मनाया जाना चाहिए। और मदद करके किसी से कहना नही है कि तुमने मदद की यह गुप्त मदद होनी चहिये।"

ऐसे ही थे उनका व्यक्तित्व इतना ही विशाल था। क्षेत्र के लोग में यदि कोई  उनके दरवाजे किसी असाध्य रोग को लेकर पहुच गया किसी जाती धर्म का हो इलाज का पूरा पूरा पैसा तक देते थे अच्छे अस्पताल में भिजवाने का भी प्रबंध करते थे। विदेश तक भेजकर कईयों का इलाज करवाया।
किसी होनहार छात्र ने आकर गुहार लगाई तो उसे विदेश तक पढ़ाने का खर्च दे देते थे।

गाँव मे फाग बन्द न हो इसलिए लगभग हर फगुआ के घर किसी न किसी को  नौकरी दी रोजगार ढिया उत्साहित किया फाग बन्द नही होने दी।
उनसे कुछ तो सीखना पड़ेगा। 
आज पहली होली उनके बिना है। एक तरफ त्योहार का हर्ष है दूसरी तरफ उन्हें देखकर भी मन में शोक प्रकट होता है।

श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव से बड़ा  देवता मसीहा नेता किसान हितैषी दुनियां में कोई हो नही सकता।।

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