तेजस्वी यादव अभी भारत के उन नेताओं में शुमार हैं जिनके नाम के साथ कोई भी दाग नहीं है, उनकी छवि उनके नाम के अनुकूल तेजस्वी हैं लेकिन उनकी छवि को धूमिल करने के लिए कुछ भी उलुल जुलुल मामले उछाले जा रहे हैं

तेजस्वी यादव अभी भारत के उन नेताओं में शुमार हैं जिनके नाम के साथ कोई भी दाग नहीं है, उनकी छवि उनके नाम के अनुकूल तेजस्वी हैं लेकिन उनकी छवि को धूमिल करने के लिए कुछ भी उलुल जुलुल मामले उछाले जा रहे हैं 
ताकि तेजस्वी यादव कि प्रोग्रेसिव राजनीति में धब्बा लगाकर 2024 के चुनाव में उनको बदनाम किया जाय और नीतीश कुमार जो तेजस्वी यादव को अपनी विरासत सौंपने कि मंशा बनाए हैं वो उसके लिए एक बार फिर से सोच लें , 

अब आते हैं मामले पर तो तथाकथित Land For Jobs का मामला 2004 से 2009 के बीच का है, तब तेजस्वी यादव की उम्र महज 15 साल थी और वो दिल्ली में अपने क्रिकेट कैरियर को लेकर मशगूल थे।

तेजस्वी जी ना तो अभियुक्त है, ना ही उनका नाम FIR में है फिर भी CBI उनसे पूछताछ करना चाहती थी तो आखिर क्यों ? 
तेजस्वी जी जब इस मामले में Highcourt गए तो कोर्ट ने CBI के पक्षपाती रवैए को भांप CBI को तत्काल ऐसा करने से रोक दिया है।

अब 25 मार्च को फिर तेजस्वी जी को बातचीत करने बुलाया है ,जब पटना आकर छापेमारी कर सकती है तो पटना में आकर बात भी कर सकती है लेकिन वो ऐसा नहीं करना चाहती है क्योंकि बीजेपी को मालूम है कि बिहार में तेजस्वी के युवा आर्मी से टकराना उसके औकात के बस कि बाहर कि बात है।
अगर गिरफ़्तार भी होंगे तो केवल इसके लिए कि इनको दो बार सीबीआई बुलाई थी लेकिन तेजस्वी जी बिहार के उप मुख्यमंत्री हैं और अभी बिहार के सदन में उनकी व्यस्तता देखी जा सकती है।

मनीष सिसोदिया को भी केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था और उनको फंसाते हुए विपक्षी कड़ी को कमजोर करने कि मंशा से गिरफ्तार कर लिया, 
25 तारिख को बीजेपी के टट्टू अगर तेजस्वी जी को छल से गिरफ्तार करती है तो बीजेपी के तोते को बिहारियों का रौद्र रूप का सामना करना पड़ेगा ...

हम दिल्ली पर चढ़ाई करेंगे, तेजस्वी दिल्ली अकेले नहीं अपने युवा आर्मी के साथ आ रहे हैं।।

“ 25 मार्च को दिल्ली चलो साथियों ”

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