दुनिया में जो मुख्य स्वस्थ्य समस्यायें है उसमें कैंसर के बाद जो सबसे गंभीर समस्या है वो मेंटल हेल्थ है ।

दुनिया में जो  मुख्य स्वस्थ्य समस्यायें है उसमें कैंसर के बाद जो  सबसे गंभीर समस्या है वो मेंटल हेल्थ है ।
काफ़ी महत्वपूर्ण पर बहुत कम चर्चा होता है  । 
एक आँकड़े के हिसाब से दुनिया में १३% लोग , लगभग हर मिलने वाले लोगों में नवे या दसवे व्यक्ति को  मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) की समस्या है । हम स्वयं भी उस समस्या से ग्रसित हो सकते है और दूसरे के लिए वो नौवाँ या दसवाँ व्यक्ति हो सकते है ।
मेंटल हेल्थ या मानसिक स्वास्थ्य में हमारा भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक अच्छा होना शामिल  है। यह हमारे सोचने, अनुभव या महसूस करने और किसी काम को  करने के तरीके को बहुत ही प्रभावित करता है। 
यह इसमे भी मदद करता है कि हम किसी तनाव पूर्ण स्थिति से  कैसे अपने आप को समहलते हैं, दूसरों से सम्बंध के प्रति कितने सकारात्मक हैं और विभिन्न परिस्थितियों में किस निर्णय को चुनते है । 
बचपन और किशोरावस्था से लेकर वयस्कता तक, जीवन के हर चरण में मानसिक स्वास्थ्य बहुत ही महत्वपूर्ण है।, यदि हम  मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव करते हैं, तो वह हमारी  सोच, मनोदशा और सामाजिक व्यवहार को  प्रभावित कर सकता हैं। 
कई सारे कारक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में योगदान करते हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्न शामिल हैं:
- जैविक कारक, जैसे जीन या मस्तिष्क रसायन./ हार्मोन्स
- जीवन के कड़वे अनुभव, जैसे आघात या दुर्व्यवहार.
- मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पारिवारिक इतिहास

मेंटल हेल्थ या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोग बेहतर हो सकते हैं , अधिकतर पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। पर एक गम्भीर प्रयास की आवश्यकता होती है । कभी कभी पूरा प्रयास के बावजूद परिवार और समाज की असहयोग उसे ठीक नही होने देता ।
यदि शंका हो की आप या आपका कोई परिचित मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ जी रहा है तो निम्नलिखित में से कुछ एक  भावनाओं या व्यवहारों का अनुभव किसी समस्या का प्रारंभिक चेतावनी संकेत हो सकता है:
-बहुत अधिक या बहुत कम खाना या सोना ।
-लोगों से और सामान्य गतिविधियों से दूर होना।
-बहुत ही आलसी हो जाना ।
-हर चीज़ के प्रति उदासीन हो जाना  या कुछ भी पसंद नहीं करना जो पहले मायने रखता था ।
-असहाय या निराश महसूस करना।
-धूम्रपान, शराब पीना, या सामान्य से अधिक नशीली दवाओं का उपयोग करना।
-असामान्य रूप से भ्रमित, भुलक्कड़, क्रोधित, परेशान, चिंतित या डरा हुआ महसूस करना ।
-परिवार और दोस्तों के साथ चिल्लाना या लड़ना ।
-लगातार दिमाग़ में कुछ ख़ास विचार और यादें आना जिसे आप हटा नही पाते ।
-कुछ अजीब आवाजें सुनना या उन बातों पर विश्वास करने लगना जो आप जानते थे सच नहीं हैं ।
-खुद को या दूसरों को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच आने लगना ।
-अपने बच्चों की देखभाल करने या किसी भी दैनिक कार्यों को करने में असमर्थता ।

वैसे तो सभी जानते है कि अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य से हम अपने जीवन को पूर्ण रूप से अपने लिए और दूसरों के लिए उपयोगी बना सकते है वैसे ही अच्छा मानसिक स्वस्थ्य भी आवश्यक है । अच्छे मानसिक स्वस्थ्य से हम ….
-अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर पाते है ।
-जीवन के तनावों का अच्छे से सामना कर पाते है ।
-कम समय में ज़्यादा  काम कर पाते है ।
-अपने परिवार समाज के लिए सार्थक योगदान कर पाते है ।

अच्छा मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने केलिए  नीचे कुछ महत्वपूर्ण तरीक़े शामिल हैं: 

- जरूरत पड़ने पर किसी पेशेवर की  मदद ले ।
- दूसरों के साथ जुड़े , मिले जुले 
- सकारात्मक रहे , बार बार अपने  को चुनौती दे / ललकारे की कैसे और पोज़िटिव सोचू ( जहां आप ज़्यादा समय बिताते है वहाँ अपने लिए लिख दीजिए की “निगेटिव माइंड पजिटिव लाइफ़ नही देता” )
- शारीरिक रूप से सक्रिय हो, टहलने या दौड़ने जाए
- दूसरों की मदद करे 
- पर्याप्त नींद ले
- कुछ कौशल सीखे अपने को समहलने का (जैसे मेडिटेसन , या और तरीक़े )

अपना और अपनो पर नज़र रखे और ध्यान रखिए । कोई अस्वस्थ्य है तो उसकी आलोचना नही मदद कीजिए (सहानुभूति नही मदद ) 

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