आरक्षण में आपको चावल, गेहूँ, नमक मिल गया और चपरासी, मास्टर, पटवा ikरी आदि में नौकरी लग जाये तो इसे आरक्षण न समझें।*✍️j in

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आरक्षण किसे कहते हैं इसे 7कुछ उदाहkरणों से समझते हैं:
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2. जब बि ना kmi परीक्षा और इंटरव्यू km menके सीधा हाईकोर्ट और सुप्रीम lOकोर्ट में अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं रिस्तेदारी के कारण जज नियुक्त j kहैं,  उसेuu in v कहते हैं आरक्षण।l
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K सKmकूल और कॉलेज खोल9lKने वाले मैनेlजर अपने रिस्तेदारों, बहू-बेटों कोmT
Hm, बिना किसी योग्यता और पा ikoत्रता के  आधार पर और सरकारी अनुदान पर नियुक्तkok करा लेते हैं, तो इसे कहते हैं आरक्षण।9
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4. जब तमाम अकेडमिक परीक्षाएं पास करने तथा पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी सिर्फ जाति के आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया जाता है अर्थात "नlokoटेबल"( कोई पद के योग्य नहीं मिला)। ताकि आगे उन पदों पर अपने वर्ग के हितों के अनरूप नियुक्ति की जा सके  तो उसे कहते हैं आरक्षण।


5. जब केन्द्रीय मंत्री 6के पुत्रb को बिना किसी प्रतियोगी परीक्षा के राज्य सरकार बड़े पद पर नियुक्त कर देती है तो इसे कहते हैं आरक्षण।
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6.  जब पहली बार सांसद अथवा विधायक बनने पर कैबिनेट मंत्रालय में अहम मंत्रालय सौंपा जाता है तो इसे कहते हैं आरक्षण।

7. जब बिना IAS की परीक्षा पास किए किसी वर्ग-विशेष के  लोगों को सीधे  संयुक्त-सचिव बना दिया जाता है  तो इसे कहते हैं आरक्षण।


8. जब लॉकडाउन में भी मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री मंदिरों में जाते हैं या विवाह-पार्टी अटैंड करते हैं जबकि दूसरी तरफ मरीजों व मजदूरों को सड़क पर मुर्गा बनाकर पीटा जाता है  तो इस विशेषाधिकार को कहते हैं आरक्षण।

9. आज तक तीर-कमान भी न बनाने का अनुभव रखने वाली कम्पनी को सीkधे राफेल लड़ाकू विमान बनाने का ठेका दे दिया जाता है  तो  उसे कहते हैं आरक्षण।

10. जब एक ही तरह के मुकदमें में यादव को जेल और मिश्रा को बेल (रिहाई) मिल जाती है  तो यहाँ दिखाई देता है वर्ग और जाति विशेष का आरक्षण |
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11. जब हजारों-करोड़ों रूपयों का  कर्जा माफ और दस-बीस हज़ार रूपये के लिये कुर्की की जाती है  तो उसे कहते हैं आरक्षण।

12. प्राईमरी स्कूल खोलने लायक भी इंफ्रास्ट्रक्चर न होने के बावज़ूद " कागज़ी जियो यूनिवर्सिटी" को 10,000 करोड़ रूपये मिलते हैं वो भी "सेंटर आफ एक्सीलेंस" बनाने के लिये  तो इसे कहते हैं आरक्षण।

13. जब राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की भर्ती चुनिन्दा जातियों से की जाती है  तो उसे कहते हैं आरक्षण।

14. सारे मंदिर के पुजारी एक वर्ग विशेष को बनाया जाता है तो उसे कहते है आरक्षण।

15. जब सेनाध्यक्षों की पूरी टोली एक वर्ग से आती है तो इसे कहते है आरक्षण।

16. जब राम मंदिर ट्रस्ट में वर्ग विशेष को ही ट्रस्टी बनाया जाय तो उसे कहते है आरक्षण।

17. जब पिछड़े वर्ग के बदमाशों को अपराधी और सवर्ण वर्ग के बदमाशों को बाहुबली कहा जाय तो उसे कहते है आरक्षण।

जिसको भारत में आरक्षण नजर आता है, वो सिर्फ प्रतिनिधित्व है। जो सभी यूरोपीय, अमेरिकी, अफ्रीकी और जापान आदि देशों में भी अपनाया गया है।

    " संख्या के अनुपात मे प्रतिनिधित्व " लोकतंत्र का प्राण होता है, जिसे "भारतीय संविधान " ने अपने प्रत्येक नागरिक को प्रदान किया है।

*जय भीम, जय भारत, जय संविधान*

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