आरएसएस और बीजेपी देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन हिन्दू नाम का कोई भी शब्द या धर्म ना किसी ब्राह्मण धर्म ग्रंथ में है और ना ही भारतीय संविधान में हिन्दू नाम का कोई धर्म है !

आरएसएस और बीजेपी देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन हिन्दू नाम का कोई भी शब्द या धर्म ना किसी ब्राह्मण धर्म ग्रंथ में है और ना ही भारतीय संविधान में हिन्दू नाम का कोई धर्म है !
सब से महत्वपूर्ण बात ये भी है कि देश की बड़ी आबादी वाले ओबीसी समाज के लोग खुद को हिंदू समझ कर ब्राह्मणों के जाल में फंसे हुए हैं और इसी हिन्दू राष्ट्र को बनाने में ब्राह्मणों का साथ दे रहे हैं  !
तो फिर ये ब्राह्मण भारत को हिन्दू राष्ट्र क्यों बनाना चाहते हैं !
इस का सही उत्तर ये है कि वो हिन्दू राष्ट्र के नाम पर ब्राह्मण राज स्थापित करना चाहते हैं, जहां भारतीय संविधान की जगह मनुस्मृति लागू करने का षड्यंत्र है ! भारत में ब्राह्मणों की आबादी मात्र साढ़े तीन प्रतिशत है, इसलिए वो जानते हैं कि यदि हम ब्राह्मण राज्य की बात करेंगे तो एससी एसटी ओबीसी और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय ब्राह्मणों के खिलाफ बगावत कर देंगे, इसलिए वो इसे हिन्दू राष्ट्र का नाम देते हैं !
अब सवाल ये है कि
👉आख़िर हिन्दू शब्द का मतलब क्या है ?
इस पोस्ट में हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे !
आज इस देश पर हिन्दू धर्म के नाम पर राज करने की कोशिश की हो रही है, फिर भी कोई भी पार्टी राज नहीं कर सकती, संशोधन हुवा तो पता चला है की हिन्दू धर्म नाम का कोई धर्म ही नहीं. हिन्दू (ही+न+दू=हिन्+दू) इस शब्द का पर्शियन भाषामे इसका अर्थ है काला, चोर, गुलाम. और शब्दशः अर्थ है हिन् घानेरडा, गलिच्छ. अगर किसी हिन्दू को पूछा आप हिन्दू हो, तो ओ... कहेगा हिन्दू, हिन्दू में कोण हो, तो उसको बताना पड़ता है की ओ किस वर्ण का है, दुबारा उसको पूछा तो उसको बताना पड़ता है की ओ किस जात का है, और आगे पूछ जाय तो उसको अपनी पोटजात बतानी पड़ती है, हो सकता है और आगे जाना पड़ेगा
डी. के खापर्डे साहब एक उदहारण देते थे की अगर किराणा दुकान में जाय तो आप को सब प्रकार का गेहू, ज्वारी, चावल, दाल, मसाला, गरम मसाला, तीखा मसाला ऐसे अलग अलग प्रकार का माल मिलेगा. लेकिन किराणा नाम की कोई चीज, वस्तु नहीं मिलेगी. मतलब नाम किराणा दुकान लेकिन किराणा वस्तु नहीं मिलेगी. वैसा ही हिन्दू में है. नाम हिन्दू लेकिन कोई हिन्दू नहीं मिलेगा. मिलेंगे तो हजारो जाती के लोग मिलेंगे. लेकिन हिन्दू नहीं. आज का जो हिन्दू धर्म है, ओ हिन्दू धर्म नहीं ओ वैदिक धर्म, ब्राहमनी धर्म मतलब वर्नास्रम धर्म है. हिन्दू धर्म के नाम पर यहाँ के मूलनिवासी लोगो को बेवकूफ बनाने की कोशिश हो रही है, जल्दी ही इसका पुरे देश में चर्चा होगी, लोगो को पता चल जायेगा यहाँ कोई भी हिन्दू नहीं. जो है ओ ७५००० जाती, पोट जाती में बटाया हुवा, बटवारे किये हुए यहाँ के मूलनिवासी है, जो सिन्धु संस्कृति के नाग वंशीय लोग है, बाबासाहब ने कहा था भारत का इतिहास है की आर्य और नागो का संघर्ष का इतिहास है और नाग लोगोने बौद्ध धम्म का प्रचार और प्रसार ज्यादा किया था. वही कुछ गिने चुने नाग लोगोने पेशवाई का सत्यानाश किया, नष्ट किया. जिस दिन ये सब नाग वंशीय लोग सिधु संस्कृति के मालक सब इकठ्ठा आयेंगे तो ये देश दुबारा सोने की चिड़ियाँ बनेगा. पूरी दुनिया पर राज कर सकता है, दुबारा महासत्ता बन सकता हैइसलिए हिन्दू शब्द और धर्म का भंडाफोड़ करना जरुरी है. तो ही ये देश दुबारा सही रस्ते पर चल सकत है और भविष्य आगे सही हो सकता है
कुल मिलाकर हम कहना ये चाहते हैं कि जब भारतीय संविधान में हिन्दू धर्म नाम का कोई धर्म है ही नहीं है तो हिन्दू राष्ट्र की कल्पना करना ही गैर संविधानिक है, मतलब संविधान विरोधी है !

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