जिस धर्म के धर्मसास्त्रों में ऐसी बातें लिखी है,* आपका दिमाग खुल जाएगा और आप चक्कर खा जाएंगे

*जिस धर्म के धर्मसास्त्रों में ऐसी बातें लिखी है,*

1 - मेरी शरण में आकर स्त्री ,वैश्य , शूद्र भी जिन कि उत्त्पति पाप योनि से हुई है, परम  गति को प्राप्त हो जाते है। 
           -:भगवत गीता 9-32

2  - शूद्र का प्रमुख कार्य तीनों वर्णो की सेवा करना है।
         -: महाभारत  4/50/6 

3 - शूद्र को सन्चित धन से स्वामी कि रक्षा करनी चाहिये। 
    -:  महाभारत 12/60/36

4 - शूद्र तपस्या करे तो राज्य निर्धनता में डूब जायेगा।
      -: वाo .रामायण 7/30/74

5 - ढोल .गवार .शूद्र पशु नारी  |
 सकल ताड़ना के अधिकारी ||
       -: रामचरित मानस 59/5

6 - पूजिये विप्र सील गुन हीना, शूद्र न गुण गन ग्यान प्रविना। 
            -:रामचरितमानस 63-1

7- वह शूद्र जो ब्राम्हण के चरणो का धोवन पीता है राजा उससे कर TAX न ले।
 -: आपस्तंबधर्म सूत्र 1/2/5/16

8 - जिस गाय का दूध अग्निहोत्र के काम आवे शूद्र उसे न छुये।  
  - : कथक सन्हिता 3/1/2
9 - शूद्र केवल दूसरो का सेवक है इसके अतिरिक्त उसका कोइ अधिकार  नही है।
  -: एतरेय ब्राम्हण 2/29/4

1o-  यदि कोइ ब्राम्हण शूद्र को शिक्षा दे तो उस ब्राम्हण को चान्डाल की भाँति त्याग देना चाहिये। 
    -: स्कंद पुरान  10/19
11 - यदि कोइ शूद्र वेद सुन ले तो पिघला हुआ शीशा, लाख उसके कान में डाल देना चाहिये। 
यदि वह वेद का उच्चारण करे तो जीभ कटवा देना चाहिये। वेद स्मरण करे तो मरवा देना चाहिये।
  -: गौतम धर्म शूत्र 12/6 
12 - देव यज्ञ व श्राद्ध में शूद्र को बुलाने का दंड 100 पर्ण।
     - : विष्णु स्मृति 5/115
13 - ब्राम्हण कान तक उठा कर प्रणाम करे, क्षत्रिय वक्षस्थल तक, वैश्य कमर तक व शूद्र हाथ जोड़कर एवं झुक कर प्रणाम करे।
 -: आपस्तंब धर्म शूत्र 1,2,5,/16

14 - ब्राम्हण की उत्पत्ति देवता से, शूद्रो की उत्पत्ति राक्षस से हुई है।
 -: तेत्रिय ब्राम्हण 1/2/6/7

15 - यदि शूद्र जप ,तप, होम करे तो राजा द्वारा दंडनिय है।
  -: गौतम धर्म सूत्र  12/4/9 

16- यज्ञ करते समय शूद्र से बात नहीं करना चाहिये।
  -: शतपत ब्राम्हण

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My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)