एक बार एक जादूगर जंगल से गुजर रहा था।अचानक उसकी निगाह एक चूहे पर पड़ी।
एक बार एक जादूगर जंगल से गुजर रहा था।अचानक उसकी निगाह एक चूहे पर पड़ी।
चूहा अकेला बैठा था। जादूगर ने चूहे से कहा, “भाई चलो, जंगल घूमने चलो।”
चूहे ने कहा कि वो ऐसे बाहर नहीं घूम सकता। उसे डर लगता है।
जादूगर ने पूछा, “किसका डर?” चूहे ने कहा, “मुझे बिल्ली से डर लगता है। लगता है कि बिल्ली मुझे मार देगी।”
जादूगर ने कहा कि चलो मैं तुम्हें बिल्ली बना देता हूं और उसने जादू से चूहे को बिल्ली बना दिया।
चूहा बिल्ली बन गया। अब जादूगर ने कहा कि चलो अब तो तुम्हारा डर खत्म हुआ। चलो, मेरे साथ चलो। बिल्ली ने कहा, “नहीं मैं ऐसे नहीं घूम सकता। मुझे डर लग रहा है।”
जादूगर हैरान था। “अब किसका डर?” बिल्ली ने कहा, “मुझे लगता है कि कुत्ते मुझे नोच खाएंगे।”
जादूगर हंसा। जादूगर ने बिल्ली से कहा, लो तुम्हें मैं जादू से कुत्ता बना देता हूं और उसने छड़ी घुमाई। वो बिल्ली से कुत्ता बन गया।
जादूगर ने उसका हौसला बढ़ाया। “हां जी, अब तो बाहर निकलो। पूरा जंगल घूमो।”
कुत्ता हैरान था। हैरान होकर उसने जादूगर से कहा, “ना, मैं ऐेसे खुलेआम कैसे घूम सकता हूं। जंगल में शेर होता है। कुत्ते की उसके आगे क्या बिसात? शेर तो मुझे देखते ही खा जाएगा।”
जादूगर सोचने लगा कि चूहा कितना बुद्धिमान है। ये अब शेर बनने की फिराक में है।
जैसे ही कुत्ते ने जादूगर से कहा कि शेर के आगे कुत्ते की क्या बिसात तो जादूगर ने अपनी छड़ी उसके सिर पर घुमाई और कहा, “जा शेर बन जा।”
अब कुत्ता शेर बन गया था। जादूगर ने कहा,"भाई अब तो बाहर निकलो। चलो जंगल घूमते हैं।"
पर शेर टस से मस नहीं हुआ। कहने लगा कि उसे डर लग रहा है।
जादूगर ने शेर से पूछा, “अब किससे डर लग रहा है?”
शेर ने डरते हुए कहा, “मुझे शिकारी से डर लग रहा है। मुझे लग रहा है कि मैं बाहर निकलूंगा तो शिकारी मुझे मार डालेंगे।”
जादूगर समझ गया कि ये जन्मजात चूहा है, इसे शरीर चाहे जिसका भी मिल जाए, पर जिगर चूहे का ही रहेगा। इसका शरीर बदला है, डीएनए नहीं। उसने छड़ी घुमाई और कहा कि भाई तुम चूहा ही ठीक हो। रहो बिल में। पूरी ज़िंदगी डरते रहो ओर चल पड़ा आगे।
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