भगवान मुर्ख हैं और उसको मानने वाले #महामूर्ख। #पेरियार साहब
#भगवान मुर्ख हैं और उसको मानने वाले #महामूर्ख। #पेरियार साहब
मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका आई जिसमें कहा गया था कि तमिलनाडु में #पेरियार की मूर्तियों के नीचे जो बातें लिखी हुई हैं, वे आपत्तिजनक हैं और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं इसलिए उन्हें हटाया जाना चाहिए। याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ईरोड वेंकट रामास्वामी पेरियार जो कहते थे, उस पर विश्वास रखते थे इसलिए उन के शब्दों को उन की मूर्तियों के पैडेस्टर पर लिखवाना गलत नहीं है
पेरियार की मूर्तियों के नीचे क्या लिखा हैं ?
‘ईश्वर नहीं है और ईश्वर बिलकुल नहीं है।
जिस ने ईश्वर को रचा वह बेवकूफ है, जो ईश्वर का प्रचार करता है वह दुष्ट है और जो ईश्वर की पूजा करता है वह बर्बर है।
ग्रेट पेरियार नायकर के ईश्वर से सवाल :-
1. क्या तुम कायर हो जो हमेशा छिपे रहते हो, कभी किसी के सामने नहीं आते?
2. क्या तुम खुशामद परस्त हो जो लोगों से दिन रात पूजा, अर्चना करवाते हो?
3.क्या तुम हमेशा भूखे रहते हो जो लोगों से मिठाई, दूध, घी आदि लेते रहते हो?
4. क्या तुम मांसाहारी हो जो लोगों से निर्बल पशुओं की बलि मांगते हो?
5. क्या तुम सोने के व्यापारी हो जो मंदिरों में लाखों टन सोना दबाये बैठे हो?
6. क्या तुम व्यभिचारी हो जो मंदिरों में देव दासियां रखते हो ?
7. क्या तुम कमजोर हो जो हर रोज होने वाले बलात्कारों को नही रोक पाते?
8. क्या तुम मूर्ख हो जो विश्व के देशों में गरीबी-भुखमरी होते हुए भी अरबों रुपयों का अन्न, दूध,घी, तेल बिना खाए ही नदी नालों में बहा देते हो?
9. क्या तुम बहरे हो जो बेवजह मरते हुए आदमी, बलात्कार होती हुई मासूमों की आवाज नहीं सुन पाते?
10. क्या तुम अंधे हो जो रोज अपराध होते हुए नहीं देख पाते?
11. क्या तुम आतंकवादियों से मिले हुए हो जो रोज धर्म के नाम पर लाखों लोगों को मरवाते रहते हो?
12. क्या तुम आतंकवादी हो जो ये चाहते हो कि लोग तुमसे डरकर रहें?
13. क्या तुम गूंगे हो जो एक शब्द नहीं बोल पाते लेकिन करोड़ों लोग तुमसे लाखों सवाल पूछते हैं?
14. क्या तुम भ्रष्टाचारी हो जो गरीबों को कभी कुछ नहीं देते जबकि गरीब पशुवत काम करके कमाये गये पैसे का कतरा-कतरा तुम्हारे ऊपर न्यौछावर कर देते हैं?
15. क्या तुम मुर्ख हो कि हम जैसे नास्तिकों को पैदा किया जो तुम्हे खरी खोटी सुनाते रहते हैं और तुम्हारे अस्तित्व को ही नकारते हैंं?
पेरियार कहते थे
"नास्तिक" होना आसान नही कोई भी "नासमझ" इंसान "ईश्वर" के अस्तित्व को मानकर फ्री हो जाता है उसके लिए उसे "बुद्धि" की जरुरत नही होती परंतु नास्तिक होने के लिए "दृढ विश्वास और साहस" की जरूरत होती है ऐसी "योग्यता" उन लोगो के पास होती है जिनके पास "प्रखर तर्क बुद्धि" होती है "अंधश्रद्धा" ऐसा "केमिकल" है जो इंसान को "मूर्ख" बनाने मे काम आता है !
पेरियार ई.वी. रामास्वामी
के अनुसार हिन्दू धर्म का विचित्र इतिहास।
1- मंदोदरी " मेंढकी " से पैदा हुई थी !
2- " श्रंगी ऋषि " " हिरनी " से पैदा हुये थे !
3- " सीता" " मटकी" मे से पैदा हुई थी !
4- " गणेश " अपनी " माँ के मैल " से पैदा हुये थे !
5- " हनुमान " के पिता पवन " कान " से पैदा हुये थे !
6- हनुमान का पुत्र मकरध्वज था जो मछ्ली के मुख से पैदा हुआ था !
7- मनु सूर्य के पुत्र थे उनको छींक आने पर एक लड़का नाक से पैदा हुआ था !
8- राजा दशरत की तीन रानियो के चार पुत्र जो फलो की खीर खाने से पैदा हुये थे !
9- सूर्य कर्ण का पिता था। भला सूर्य सन्तान कैसे पैदा कर सकता है वो तो आग का गोला है !
10- " ब्रह्मा " ने तो 4 वर्ण यहां वहां से निकले हद है !!
" अछुत " का बनाया हुआ " चमड़े का ढोल" मंदिर में बजाने से मंदिर अपवित्र नहीं होता!
" अछुत " मंदिर में चला जाय तो मंदिर " अपवित्र " हो जाता है।
उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं की ढोल किस जानवर की चमड़ी से बना है।
उनके लिए मरे हुए जानवर की चमड़ी पवित्र है, पर जिन्दा "अछुत" अपवित्र....!!
" लानत है ऐसे धर्म पर" ....!!!
यदि " पूजा-पाठ " करने से ही " बुद्धि " और " शिक्षा " आती।
तो..." पंडों की औलादें " ही विश्व में वैज्ञानिक-डॉक्टर-इंजीनियर " होती..!!
" वहम् " से बचों अपने बच्चों को " उच्च शिक्षा " दिलवाओ क्योंकि,
तू ख़ुद की खोज में निकल
तू किसलिए हताश है
तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
जला के भस्म कर उसे
जो क्रूरता का जाल है
तू आरती की लौ नहीं
तू क्रोध की मशाल है
तू ख़ुद की खोज में निकल
तू किसलिए हताश है
तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश
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