आधुनिक भारत में ब्राह्मणों का चक्रव्यूह*

*आधुनिक भारत में ब्राह्मणों का चक्रव्यूह*
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एक ब्राह्मणों ने  -----  दुसरे ब्राह्मणों ने
    "कांग्रेस"                    "BJP"
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1. कांग्रेस संगठन     1. RSS संगठन          
     बनाया।                    बनाया ।   

2. हिदू महासभा       2. विश्व हिन्दू का                  
     गठन किया।            परिषद गठन।            

3. बानर सेना            3. बजरंग दल 
      बनाया।                    बनाया।   

4. करणी सेना           4. कार सेवक 
      बनाया।                    बनाया।                

5. युवा भारती     5. हिन्दू युवा वाहनी 

6. बाबरी मस्जिद    6. बाबरी मास्जीद  
का ताला तोड़वाया।          को तोड़ा।

7.भरतीय राष्ट्रीय      7. भरतीय जनता                     
    कांग्रेस पार्टी का         पार्टी बनाया।
    गठन किया।         

8.देश में निजीकरण   8.देश में पुर्णरुप                     
     लाया ।                   से लागू किया।

9. संविधान समाप्त      9.लोकतंत्र
    कर रहा है।          खत्म कर रहा है। 

10. EVMघोटाला  10.EVM घोटाला 
     कर 10 साल               कर 10   
    साल  राज किया ।      राज करेगा ।         

11.BJP का      11.मुसलमानों का 
डर दिखाकर         डर दिखाकर sc,st 
मुसलमानों का       obc का वोट प्राप्त 
वोट प्राप्त करता है।         करता है ।

12. नोट बन्दी का    12.नोट बंदी का 
      प्रस्ताव लाता है ।     प्रस्ताव पारित       
                                    करता है ।

13.भारत में NRC    13. भारत मे 
     प्रस्ताव लाया।    NRC लागू किया 

14. दोनों का मूल भारतीयों के कार्यपालिका, व्यवस्थापिका, न्यायपालिका, मीडिया, शासन-प्रशासन, संपत्ति ... पर कब्ज़ा है।

इस प्रकार दोनो में एक सांपनाथ तो दूसरा नागनाथ रूपी भाई-भाई है।

*जागो बहुजन मूलनिवासी जागो *


*✍️नाम *=🇪🇺शैलेन्द्र गौतम सूर्यवंशी 🇪🇺 *
*📱मोबाइल नंबर= 📱 9335502815📲*


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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)