*बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने अपनी पूरी जिन्दगी में क्या-क्या किया ??*

*बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने अपनी पूरी जिन्दगी में क्या-क्या किया ??*

*1->* जनता के लिए महाड़ तालाब पर सत्याग्रह किया ।
*2->* जनता को कालराम मन्दिर में प्रवेश दिलाया ।
*3->* जनता के उद्धार के लिए मनुस्मृति का दहन किया ।
*4->* जनता में कोई भेदभाव न रहे , केवल समानता रहे इसके लिए संविधान लिखा ।
*5->* जनता को एक दूसरे दबा ना  सके इसके लिए नागपुर में धर्मान्तरण किया ।
*6->* जनता की भलाई के लिए बाँधो का निर्माण किया । 
*7->* महिलाओं को कोई दबा ना सके उसके लिए हिन्दू कोड बिल लिखा ।
*8->* जनता को , जातिवाद कितना चरम सीमा पर है , इसका एहसास कराया । 
*9->* नए समाज की स्थापना की ।
*10->* समाज में परिवर्तन किया ।
*11->* अस्पर्शयों को प्रतिनिधित्व दिलाया ।
*12->* समाज में सामाजिक जाग्रति लायी ।
*13->* RTC ( Rights For Untouchables ) लिखा ।
*14->* जनता के उद्धार के लिए Low Minister बने ।
*15->* जनता के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त की । 
*16->* जनता के लिए Labour Member बने ।
*17->* भारत की सभी जनता को Voting Power दी ।
*18->* जनता को Untouchability Rights दिए ।
*19->* जनता के लिए ही पूना पैक्ट लिखा ।
*20->* जनता के साथ भेदभाव ना हो , इसके लिए Caste Discrimination के आधार पर Reservation ( आरक्षण ) दिया ।  
*21->* जनता के बारे में हर एक प्रकार का ज्ञान प्राप्त हो , हर एक अधिकारों के बारे में पता हो , इसके लिए बाबा साहब ने ज्यादा से ज्यादा डिग्रीयां लीं ।
*22->* बाबा साहब ने , जनता को भी अपने अधिकार पता चले , इसके लिए बहुत सी किताबें लिखी । 
*23->*  भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी रहे इसके लिए RBI का निर्माण किया ।
*24->* भारत में *Grid System* का निर्माण किया । यही एक ऐसा काम है जो भारत का कोई भी नागरिक सपने में भी नही सोच सकता था । वो बाबा साहब ने करके दिखाया ।  
*25->* भारत की जनता को Revival Of Buddhism दिया । 
*26->* भारत के नागरिक को ज्यादा समय तक मजदूरी करनी पड़ती थी । इसके लिए 8 घण्टे का समय रखा । मतलब *Labour Problem* को दूर किया । 
*27->* जानवर की जिन्दगी जी रहे इन्सानों को , एक काबिल इंसान बनाया । 
*28->* लोकतंत्र का निर्माण किया ।
*29->* जनता के लिए अपने परिवार की परवाह नही की । जनता के लिए पूरी जिन्दगी अपनी न्यौछावर कर दी । 
*30->* हमेशा सामाजिक परिवर्तन किये । 

*फिर भी हमारे बाबा साहब के आखिरी जिन्दगी में जाते समय शब्द क्या थे मालूम है ?? आप लोगों को* 

बाबा साहब ने अपने परिनिवार्ण के 2 साल पहले सन 1954 ईस्वी मुम्बई में आखिरी समय में कहा था कि -> 
*मुझे केवल इस बात का दुख है कि मैं अपनी जनता के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्य नही कर पाया ।😭😭😭*

*1->* Sc , St , Obc , Dt , Nt , Minority etc.. में एकता की भावना का निर्माण नही कर पाया ।

*2->* मेरा काम हमेशा ऐसे ही आगे चलता रहे इसके लिए मैं संगठन नही बना पाया ।

*3->* और मेरी आप लोगों से ऐसी अपेक्षा है कि आप लोग मेरा काम जारी रखें । और इसे पीछे ना जाने दें । 

*कितने महान थे हमारे बाबा साहब ।* 

मेरी भी आप लोगों से एक गुजारिश है , कि इस जानकारी को हर जगह भेजें । ताकि बाबा साहब की महानताओं के बारे हर वर्ग के लोगों को पता चले।
🙏🙏👏👏💐💐

Comments

Popular posts from this blog

My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)