भागवत गीता की पोल खोल*

*भागवत गीता की पोल खोल*

 *💥चारों वर्णों को मेरे(ईश्वर के) द्वारा ही बनाया गया है (श्लोक 4, अध्याय 13)* 
 * *,भारत के अलावा कही भी वर्णव्यवस्था नहीं है 🤣 , तो क्या‌ इस  ईश्वर की भारत के अलावा कही नहीं चलती थी 😂 
 *💥पापयोनि युक्त शूद्र , नारी ,चाण्डाल, वैश्य को मेरे (क्रष्ण के) शरण में आकर ही परमगति प्राप्त होती है (अध्याय 9, श्लोक 32)* 
 * *ये मनुवादी भगवान शूद्र , स्त्री, चाण्डाल, वैश्य को पापयोनि बता रहा है , और खुद को खुद ही ईश्वर घोषित कर रहा है 🎭
युद्ध के वक्त ये जातिवादी मानसिकता कोई क्यों दिखायेगा ‽ और भागवत गीता में विज्ञान बताने वाले , बताएं कि इस बात में विज्ञान किधर है 😂

 _*अब आते हैं भगवत् गीता के उस विज्ञान पर जो नासा को भी परेशान कर देता है*  😰😂_ 
  *💥"हे अर्जुन , ये दिव्य ज्ञान मैंने तुमसे पहले सूर्य को दिया था" (अध्याय 4 starting)* 
  * *अब भागवत गीता में विज्ञान बताने वाले बताएं कि सूर्य कोई इंसान हैं क्या 🤣‌ या फिर उसका दिमाग होता है🧠 जो उसको ज्ञान दे दिया 🤣
 *💥"सभी प्राणी अन्न से उत्पन्न होते हैं ,‌ अन्न बारिश से उत्पन्न होता है और बारिश यज्ञ से उत्पन्न होती है 🤭(अध्याय 3,श्लोक 14)* 
 *जब नासा को ये बात पता चली तो उसके सभी वैज्ञानिकों को हार्ट अटैक आ गया 🤖
 *ये किधर का विज्ञान है कि वर्षा यज्ञ से उत्पन्न होती है🌨️ 😁, 
 *💥"कर्म करो , फल की इच्छा मत करो (अध्याय 2,श्लोक 47)* 
 * *अगर ये बात किसी चोर या बलात्कारी को कही जाय कि तू चोरी और बलात्कार कर , फल की इच्छा मत कर 🤣, तो गीता के भक्त यहीं रो😩 पड़ेंगे 
 *पहले ये पता होगा कि इस काम को करने से मुझे क्या फल मिलेगा , तभी तो मैं कोई काम करुंगा 😂 
 * *वरना मैं अगर बिना फल की इच्छा किये हवाई जहाज ✈️से कूद जाऊं तो मेरा क्या हाल होगा 🤣🤣

 _यह था भगवत् गीता का विज्ञान , जिससे नासा हुआ परेशान 😂_

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)

यदि कोई तथाकथित ऊंची जाति वाला किसी तथाकथित छोटी जाति वाले के यहां धोखे से कुछ खा पी लेता है