108 सालों के भारतीय सिनेमा के इतिहास के विकास यात्रा में किसी भी फिल्मकार को दलित नायक नायिका नहीं मिल पाए !
108 सालों के भारतीय सिनेमा के इतिहास के विकास यात्रा में किसी भी फिल्मकार को दलित नायक नायिका नहीं मिल पाए !
हॉलीवुड को गुलामी की पृष्ठभूमि पर फ़िल्म बनानी है तो क्या वे रोल के लिए मार्लोन ब्रैंडो, एलिजाबेथ टेलर, मर्लिन मुनरो या सोफिया लॉरेन को लेंगे. और रोल में फिट करने के लिए उनपर काले रंग का मेकअप करेंगे या किसी ब्लैक नायक नायिका को लेकर फ़िल्म बनाएंगे ?
आप का जवाब होगा ब्लैक नायक नायिका को लेकर फ़िल्म बनाएंगे. हॉलीवुड ने अपने शुरुआती चरण में गुलामी के रोल के लिए बल्कि सहायक अभिनेता अभिनेत्री के रूप ब्लैक समुदाय को काम देना शुरू किया !
इसका अर्थ है निर्माता निर्देशक बाध्य नही थे. उन्होंने ब्लैक समुदाय को प्रतिनिधि मानकर फिल्मों में प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया. गुलामी प्रथा पर बनने वाली फिल्मों में ब्लैक करैक्टर अनिवार्य है. लेकिन एक्शन कॉमेडी थ्रिलर रोमांटिक फिल्मों में भी ब्लैक कलाकारों को हॉलीवुड सिनेमा ने सहायक और लीड रोल करने को भरपूर मौका प्रदान किया !
आज हॉलीवुड के पास सिडनी पोटियार, मॉर्गन फ्रीमैन, देंज़ेल वाशिंगटन, एड़ी मर्फी, विल स्मिथ, सैमुएल जैक्सन, व्हिटनी हॉस्टन, हैली बेरी, लुपिता नयोंग जैसी अनगिनत ब्लैक कलाकार हैं !
1970 में सत्यजीत रे की बंगाली फ़िल्म अरण्येर दिन रात्री में दुली नाम की आदिवासी लड़की का चरित्र था. सत्यजीत रे ने इस रोल के लिए सिमी ग्रेवाल को लिया और काला मेकअप चढ़ाकर दुली का रोल कराया !
सत्यजीत रे चाहते तो किसी आदिवासी लड़की को रोल देकर फिल्मों में ला सकते थे. लेकिन इन सवर्णो के भीतर जातिवाद कूट कूट कर भरा है. वे सिर्फ पिछड़ों का शोषित चित्रण सवर्ण कलाकारों से कराएंगे. गाली या मार खा खा कर मरते हुए !
भारतीय सिनेमा जगत में सुधार की गुंजाइश नजर नही आ रही है. 2019 की बाला फ़िल्म में सांवली लड़की का रोल भूमि पेडनेकर ने निभाया, इस रोल में उन्हें बेहद सांवला दिखाया गया. हाल में आयी फैमिली मैन वेब सीरीज़ में सामांथा रुथ प्रभु ने एलटीटीई सदस्य का रोल अदा किया जिसमें उन्हें बेहद सांवले रंग में दर्शाया गया है. ऐसे रोल करने के लिए देश में लाखों लोग हैं !
सवर्ण अपने ही जाति के काले रंग वालों को कास्ट नही करते, तो सोचिए वे OBC SC ST को लीड में क्यों कास्ट करने लगे ?
भारतीय सिनेमा जातिवादी ही नही रंगभेदी भी है. इसीलिए सवर्ण नीना गुप्ता अपनी बेटी मसाबा को कहना पड़ा तुम्हारी शक्ल हीरोइन जैसी नही है !
✍🏻✍🏻Kranti Kumar
✍️✍️Kranti Kumar!! ," महार " नाम का अर्थ" ..
." महार " नाम का अर्थ सबसे बेहतरीन तरीके से सिर्फ महत्मा फुले जी ने बताया है अपनी किताब " गुलामगिरी " में। .....
भारत में रहने वाले जो बौद्ध लोग थे उनपर पुष्यमित्र शुंग ( परशुराम ) ने जब आक्रमण किया , तब बाकी के सब पुष्यमित्र शुंग ( परशुराम ) के सामने हार गए थे लेकिन बौद्ध लोगों में से कुछ लोग परशुराम के साथ २१ बार लडे थे। ...
२१ बार लड़ने वाले वही शूरवीर लोगों को पुष्यमित्र शुंग ने नाम दिया था " महार " ..... " महा " मतलब बड़ा और " अरि "मतलब दुश्मन , महारी ( महार ) मतलब ब्राह्मणों का सबसे बड़ा दुश्मन। ....और महारों का मुख्य राज्य " महार-रठ्ठा " ( Now - महार-राष्ट्र ) था .......
इतना बड़ा इतिहास महात्मा फुले जी ने बताया है .....
👉महात्मा फुले जी को जब उनके पिता ने घर के बाहर निकाल दिया था , तब महात्मा फुले जी ने अपने पिता गोविंदराव से कहा था ,
" बाबा , इस देश का इतिहास अगर बदलने की हिम्मत किसी में है तो वो केवल " महारों " में है। ... क्यों की वो एक ही समाज जागृत है ,
बाकी के सब सोये हुए है यहाँ। ...
इसलिए भले ही आप मुझे घर के बाहर निकाल दे लेकिन मैं इन्हे पढ़ाऊंगा ही "
और जिस तरह से महत्मा फुले बोले थे , उसी तरह से इस देश का इतिहास एक महार ने ही बदला है ,
जिनका नाम था बाबासाहब आंबेडकर। .....
👉" आरक्षण " मूवी में सैफ अली खान एक डायलॉग बोलते है ,
" हमारी quality क्या है आप अच्छी तरह से जानते है , हमे बस एक chance चाहिए सर। ....
हमे एक chance अगर मिल जाए , तो हममे से एक देश का संविधान लिख देता है। .... "
👉 singing के लिए अगर bollywood में chance मिल जाए तो हममे से एक सोनू निगम होता है .....
और अगर हीरो बनने के लिए chance मिल जाए , तो इन महारों में से एक सीधे " रजनीकांत " होता है ,
जो एक मूवी के लिए 140 करोड़ रुपये लेते है। .......
कहाँ रहे एक मूवी के 4.6 करोड़ लेने वाले अमिताभ बच्चनजी
और कहाँ रहे एक मूवी के लिए 140 करोड़ रुपये लेने वाले रजनीकांत ,
ये फरक है तुममे और हम में। .... ये है हमारी quality
👉 जो महार अपना मूल बौध्द धम्म और उनका गौरव शाली इतिहास भूल गये थे !
जीन बौध्द राजा वों ने लगभग 1200 साल तक राज किया हो और चक्रवर्ती सम्राट अशोक जिसका राज ईरान, अफगानिस्तान,पाकिस्तान,नेपाल,बांग्लादेश और पूरा भारत( जम्बूद्वीप )पे रहा हो हम उनकी संतान है!
बाबासाहाब ने १४ऑक्ट १९५६ को फिर से उन महारो को अपने मूल बौध्द धम्म मे ले आये जो अपना इतिहास भूल गये थे !
👉इसलिए मेरे महार भाईयो,मेरे बहुजन मूलनिवासी भाईयो जागो और अंधविश्वास की आंख पर लगी पट्टी खोलो।।
👉 इस मैसेज को हर बहूजन मूलनिवासी भाईयों तक पहुंचाया जाये, जिससे हमारा समाज अंजान है!
और ब्राह्मणवाद के छल कपट नीति को जान सके.
💐 बहुजन हिताए बहुजन सुखाये।।। 💐
…समयबुद्धा....
🙏 !! नमो बुद्धाय !! 🙏
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