में ऋग्वेद सबसे पुराना है। वेदों में बहुत ज्ञान है, ऐसा बहुत लोग बोलतें है, लेकिन ज्ञान क्या है यह कोई नहीं बताता। शूद्रों या स्त्रियों के प्रति निरादर के लेख अगर रामायण, महाभारत या पुराणों में दिखा दो तो बोलतें है कि वेद प्रमाणिक है, उसमे ऐसा नहीं है। मुझे लगता है कि जो लोग ऐसा बोलते है उन्होंने कभी वेद की किताब देखी भी नहीं होगी। मैं ऋग्वेद के मंडल 10 सूक्त 86 के मंत्र 12 से 17 वाला पन्ना लगा रहा हूं। इसमें इन्द्र अपनी पत्नी इंदार्णी से देखो क्या बात करता है :-

 में ऋग्वेद सबसे पुराना है। वेदों में बहुत ज्ञान है, ऐसा बहुत लोग बोलतें है, लेकिन ज्ञान क्या है यह कोई नहीं बताता। शूद्रों या स्त्रियों के प्रति निरादर के लेख अगर रामायण, महाभारत या पुराणों में दिखा दो तो बोलतें है कि वेद प्रमाणिक है, उसमे ऐसा नहीं है। मुझे लगता है कि जो लोग ऐसा बोलते है उन्होंने कभी वेद की किताब देखी भी नहीं होगी। मैं ऋग्वेद के मंडल 10 सूक्त 86 के मंत्र 12 से 17 वाला पन्ना लगा रहा हूं।  इसमें इन्द्र अपनी पत्नी इंदार्णी से देखो क्या बात करता है :-

" यज्ञ करने वालों को इंद्राणी प्रेरित करती है, जिससे वह  इन्द्र के लिए  15/20 बैल  पकाते है। वृषो की हवी ( यज्ञ में  अग्नि भेट करने वाली सामग्री)  को मैं खा जाऊं। इन पके हुए (15/20) बैलों को खा कर मै मोटा होता है। सोम रस से पेट भरता हूं।"

"जिस प्रकार तीखे सींगों वाला सांड गायों के बीच गरजना करता हुआ रमण करता है उसी प्रकार इंद्राणी तुम मेरे साथ रमण करो "

" जिस पुरुष का लिंग दोनों जांघों के बीच लटक जाता है वह मैथुन नहीं कर सकता।"

"जिसका लिंग फैलता है वहीं मैथुन कर सकता है"

मोदी सरकार हिंदुओं का मान सम्मान बढ़ाने के लिए वेदों का प्रचार करने हेतु vedic heritage नामक  नई सरकारी वेबसाइट बनाई है जहां से मैने यह पन्ना प्राप्त किया है। मुझे यह भी पता है कि आजकल बहुत से  प्रकाशकों, अनुवादकों ने  वेदों के मन्त्रों को बदल दिया है। इसलिए यह शायद ही लोग खुद से ढूंढ पाएं। 

इस पन्ने से साबित हुआ कि यज्ञों में बैलों, सांडों की बलि दी जाती थी, मांस खाया जाता था।

जो लोग कहते है कि वेदों में बहुत ज्ञान है, कृपया वेदों के 5/7 पन्नो का स्क्रीन शॉट पोस्ट करें जिसमें अद्भुत विज्ञान का ज्ञान हो।
श्री राम ने जब श्रीलंका पर चड़ाई किया था तब उसके पास सेना की कितनी नफरी थी ? अंदाजा लगा सकते हो ? 

भारत की आबादी 135 करोड़। 100 करोड़ का होता है  एक अरब, और 100 अरब का एक खरब।

बाली का ससुर सेना लेकर आया 10 अरब यानी 1000 करोड़, भारत की आबादी का 7.4 गुना।
👉महाभारत की एक कथा 

एक राजा शशबिंदू, उसकी एक लाख पत्नियां, प्रत्येक पत्नी से 1000 बच्चे।
100000 x  1000 = 10,00,00,000 बच्चे, 100000 उनकी माताएं और एक राजा
10 करोड़ एक लाख एक ( 10, 01,00,001) का परिवार

(इन पर सवाल किसी ने नहीं पूछा इसलिए जो जी में आया लिखते चले गए)
उच्च वर्ग के लोगों के साथ बैठने की इच्छा रखने वाले शूद्र की कमर को दाग़ करके उसे वहां से निकाल भगाना चाहिए अथवा उसके नितम्ब को इस तरह से कटवा देना चाहिए जिससे वह न मरे और न 


Truth of the Hindu dhram.. totally based on inequality,, discrimination,, injustice,,caste,, creed,, inhumanity 
मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27 फ़ीसद आरक्षण देने की कोशिश हुई. जिसके
विरोध में कोर्ट गया एक "दुबे" व विरोध में फ़ैसला सुनाने वाले जज हैं रविशंकर "झा" व संजय "द्विवेदी".

अखंड हिन्दू राष्ट्र का कंधा बने ओबीसी लोग यह सवाल पूछेंगे क्या कि ब्राह्मणों ने ओबीसी आरक्षण का विरोध क्यों किया?
अगर किसी को ये भ्रम है कि योग का धर्म से लेना-देना नहीं है तो उसे योग का कोई भी सिलेबस उठाकर पढ़ लेना चाहिए। ये @ugc_india का मास्टर्स इन योगा का सिलेबस है। कसरत, फ़िटनेस , व्यायाम अच्छी बात है लेकिन मौजूदा सरकार योग के बहाने पुराण, उपनिषद ठेल रही है। #YogaDay
SC, ST और EWS यानी सवर्णों को आबादी के अनुपात में 15%, 7.5% और 10% आरक्षण मिल चुका है. सिर्फ OBC है जिनको आबादी से आधे से भी कम आरक्षण मिला है. उनका बचा हुआ हिस्सा सवर्ण खा रहे हैं. कई लाख नौकरियां और सीट्स इस तरह हड़प ले रहे हैं सवर्ण.

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My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)