❗ आपके अधिकार ❗जब पुलिस आप को गिरफ्तार करने आए तो CRPC की धारा 50 के अनुसार आपको यह अधिकार दिया गया है कि आप पुलिस से अपनी गिरफ्तारी का कारण पहुंच सके और पुलिस को ये कारण बताना पड़ेगा और जो भी अधिकारी गिरफ्तार करने और उनका वर्दी में होना आवश्यक है

❗ आपके अधिकार ❗

जब पुलिस आप को गिरफ्तार करने आए तो 
CRPC की धारा 50 के अनुसार आपको यह अधिकार दिया गया है कि आप पुलिस से अपनी गिरफ्तारी का कारण पहुंच सके और पुलिस को ये  कारण बताना पड़ेगा और जो भी अधिकारी गिरफ्तार करने और उनका वर्दी में होना आवश्यक है
2 PRPCकी धारा 50 के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति को अधिकार है कि वह अपनी गिरफ्तारी की जानकारी अपने परिवार को दे सके अगर वह जानकारी देने में असमर्थ है तो पुलिस को खुद उसके परिवार को जानकारी देनी होगी
3,CRPC की धारा 41 ( B)के अनुसार पुलिस को एक अरेस्ट मेमो तैयार करना होता है जिसमें गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मी अधिकारी की रैंक गिरफ्तार करने का टाइम और पुलिस अधिकारी के अतिरिक्त वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी के भी हस्ताक्षर भी होते हैं जिसमें में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से भी हस्ताक्षर कराना अनिवार्य है
3.CRPC तीन धारा 54 के मुताबिक गिरफ्तार किया गया व्यक्ति अगर मेडिकल जांच करनी होगी मेडिकल जांच कराने का फायदा यह है कि अगर आपके शरीर में कोई चोट नहीं है तो पुलिस कस्टडी में अगर आपको चोट लगती है तो उसकी जिम्मेदार पुलिस होगी और यह आपके पास पुलिस के खिलाफ एक सबूत होगा 
4.CRPC की धारा 57 के मुताबिक पुलिस किसी व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं ले सकती अगर पुलिस किसी को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखती है तो उसे CRPC की धारा 56 के मुताबिक मजिस्ट्रेट की इजाजत लेनी होगी और मजिस्ट्रेट को यह बताना होगा कि हिरासत की अवधि क्यों बढ़ाई जा रही है
5.CRPC की धारा 41 ( D) के अनुसार गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के पास यह अधिकार होता है कि वह पुलिस जांच के दौरान कभी भी अपने वकील और परिजनों से बातचीत कर सकता है अगर कोई अपराध गंभीर नहीं है तो गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तारी वारंट देखने का अधिकार है लेकिन अगर अपराध गंभीर है तो पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है 

भारतीय दंड संहिता में महिलाओं को कुछ विशेष अधिकार दिए
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1 ,CRPC की धारा 46(A) के अनुसार किसी भी महिला को सूरज डूबने के बाद और सूरज निकलने से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता लेकिन अगर कोई ऐसी परिस्थिति आई कि  महिला को रात में गिरफ्तार करना होगा तो पुलिस को एरिया मजिस्ट्रेट से इजाजत लेनी होगी 
2,CRPC की धारा 46 के मुताबिक महिला को केवल महिला पुलिसकर्मी ही गिरफ्तार कर सकती है कोई पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को हाथ नहीं लगा सकता
3.CRPC की धारा 55 ( 1) के मुताबिक गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ख्याल पुलिस को रखना है होता है
4.दंड संहिता के अलावा भारतीय संविधान में भी आपको कुछ मौलिक अधिकार दिए हैं अगर किसी व्यक्ति को गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तार किया जाता है तो यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 ,21 और 22 में दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन है
संविधान के अनुच्छेद 20 के अनुसार कोई एक अपराध के लिए सिर्फ एक बार सजा होगी
अपराधी को अपराध करते वक्त जो कानून है उसी के हिसाब से सजा मिलेगी अपराध करने के बाद अगर कोई नया कानून बनता है तो उसके हिसाब से सजा नहीं हो सकती
5. संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त उसके जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता है 
6. संविधान के अनुच्छेद 22 के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को मनमाने तरीके से हिरासत में लिया गया हो तो उसे तीन तरह की स्वतंत्रता मिलती है
1. हिरासत में लेने का कारण बताना होगा
2. 24 घंटे के अंदर उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा
3. गिरफ्तार व्यक्ति को अपने मन पसंद का वकील चुनने का अधिकार है
आप सभी  समाज के भाइयों बहनों से अपील है कि अपने मौलिक अधिकारों को जाने एवं अपने अधिकारों के लिए लड़े 🙏
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