आजादी के बाद से हर राज्य में सिर्फ ब्राह्मण और ठाकुर CM होते थे। ये जाति की राजनीति नहीं थी।
आजादी के बाद से हर राज्य में सिर्फ ब्राह्मण और ठाकुर CM होते थे। ये जाति की राजनीति नहीं थी।
लेकिन जब कर्पूरी ठाकुर, मुलायम सिंह, लालू यादव, मायावती अखिलेश यादव , शिबू सोरेन, माँझी करुनानिधि कुमारस्वामी जैसे लोग CM बनने लगे। तो मीडिया इसे जाति की राजनीति कहने लगा।
हमारे पढ़े लिखे लोग भी मीडिया के झांसे में आ गये। मीडिया ने सामाजिक न्याय को जातिवाद और मनुवाद को विकास का नाम दे दिया है।
हमारे लोग भी ऐसा ही समझ रहे हैं।
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