☸️जब जागो तब सबेराआज ही संकल्प करें.......

☸️जब जागो तब सबेरा
आज ही संकल्प करें.......
🇪🇺अपने बच्चों के नाम स्वयं रखें. 
🇪🇺शादी की तारीख स्वयं तय करें, 
🇪🇺मृत्युभोज पर रोक लगाऐं.
🇪🇺 मकान तैयार होने पर स्वयं मुहूर्त करें.
🇪🇺 पाखंड  का बहिष्कार करें.
🇪🇺दूसरो को सत्य मार्ग दे
🇪🇺पाखंडी त्योहारों का बहिष्कार करें. 
🇪🇺नया सामान लाने पर कोई भी दिन स्वीकारें और महूर्त न निकलवायें.
🇪🇺 नशापान, सारी बुरी बाते त्यागे
🇪🇺बच्चों की उच्च #शिक्षा पर जोर दें.
🇪🇺बनावट ढोंग त्यागें
🇪🇺पाखंडी स्थल और पाखंड के ठेकेदारों, धर्म व्यवसाय का त्याग करें.
🇪🇺पाखंड की यात्रा की जगह पर्यटन पर जायें.
🇪🇺अंधविश्वास त्यागें.
🇪🇺फिजूलखर्ची से बचें.
🇪🇺बच्चों का बाल-विवाह न करें.विवाह से पहले उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं
🇪🇺भूत-प्रेत स्वर्ग- नरक और आत्मा के ऊपर विश्वास न करके. 
डाक्टरों की सलाह से इलाज करें.
🇪🇺अपने घर में अपने समाज के महापुरुष, महानायिका *जैसे* #तथागत बुद्ध, सम्राट अशोक, #चंद्रगुप्त मौर्य, #ज्योतिबा फुले,सावित्री बाई फुले की फोटो अवश्य रखें *और* उनके द्वारा किये गये *कार्यों, #उपदेशों को स्मरण रखें,* उन पर चर्चा-परिचर्चा करें. 
सामाजिक #संगठन का सदस्य बनकर सामाजिक जागरूकता के लिए दिलसे कार्य करें.
🇪🇺 समाज की सभी उपजातियों को खत्म करके एक बनकर रहें और *आपस में रोटी-बेटी का संबंध स्थापित करें
👨🏻‍🎓
 अप्प दीपो भव:(अपना दीपक स्वयं बने)
 सत्यमेव जयते
 भवतु सब्ब मंगलम

भीमराज अहिरवार👨🏻‍🎓
जिला सत्र न्यायालय भोपाल

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My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)