महात्मा बुद्ध ने कहा____ “तुम किसी बात को इसलिए मत स्वीकार करो क्योंकि ये पहले कभी नहीं सुनी, इसलिए मत स्वीकार करो क्योंकि ये सदियों से चली आ रही हैं, किसी चीज को इसलिए मत मानो की ये किसी धर्मग्रन्थ के अनुकूल है।
महात्मा बुद्ध ने कहा____
“तुम किसी बात को इसलिए मत स्वीकार करो क्योंकि ये पहले कभी नहीं सुनी, इसलिए मत स्वीकार करो क्योंकि ये सदियों से चली आ रही हैं, किसी चीज को इसलिए मत मानो की ये किसी धर्मग्रन्थ के अनुकूल है। किसी चीज को इस लिए मत स्वीकार करो क्योंकि कहने वाले का व्यक्तित्व आकर्षक है। किसी चीज को इसलिए मत स्वीकार करो क्योंकि ये स्वयं मैंने कही है❗
किसी चीज को मानने से पहले यह सोचो की क्या ये सही है, किसी चीज को मानने से पहले ये सोचो की क्या इससे आप का विकास संभव है, किसी चीज को मानने से पहले उसको बुद्धि की कसोटी पर कसो और स्वानुभव से हितकर जानो तो ही मानो नहीं तो मत मानो"
दुनिया आप के लिए रुकने वाली नहीं है। दुनिया आगे बढ़ेगी। अगर आप दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चलोगे तो दुनिया आप को पीछे छोड़ देगी। क्योंकि दुनिया परीवर्तनशील है। बुद्ध ईश्वर नहीं बल्कि एक चिंतन, मनन और तर्क का नाम है। बुद्ध स्वयं से साक्षात्कार है। बुद्ध खुद को जानने, समझने का मार्ग है❗
एक बार फिर आप सभी को गौतम बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं।
Comments