पाखंड छोड़ो कलम उठाओ,परिवर्तन आ जायेगा।

🌹पाखंड छोड़ो कलम उठाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।
शिक्षा को हथियार बनाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।।
🌹दारू छोडो ज्ञान बढ़ाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।
हर कीमत पर पढ़ो पढ़ाओ,
परिवर्तन आ जायेगा ।।
🌹मनुवादी साधू सन्यासी,
ढोंगी पाखंडी पंडे।
जनम-जनम से किया है शोषण
मत थांमो इनके झंडे।।
🌹इनको हमसे काम चाहिए,
सन्डे हो या मंडे।
इनके झांसे में ना आओ,
परिवर्तन आ जायेगा।।
🌹शूद्रों के बच्चों को,
कोई दुलार नहीं करता।
दलित उज्जवल भविष्य,
कोई स्वीकार नहीं करता।।
🌹अपने महापुरुषों का भी,
कोई सम्मान नहीं करता।
इनके महापुरषो के आगे सर ना झुकाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।।
🌹कहने को तैतीस करोड़ देवता हैं,
लेकिन कोई नहीं अपना।
कोई नहीं चाहता कि,
दलित का सच हो सपना।।
🌹सपना अपना सच करने को,
खुद आगे आना होगा।
बात यही सबको समझाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।।
🌹मानवता के धर्म को मानो,
कर्म को ही मानो पूजा।
माता पिता से बढ़के जग में,
देव नहीं कोई दूजा।।
🌹भला चाहते हो तो ऊँची,
करलो अपनी सीढ़ी को।
संसद तक पहुँचाओ,
आने वाली पीढ़ी को।।
🌹खुद अपनी तुम राह बनाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।
आज भी गॉवों में देखो,
जिन्दा हैं बस मज़बूरी में ।।
🌹नहीं गुजारा हो पाता है,
गॉवों की मजदूरी में।अपने शोषित समाज को जगा के,
तुम अपना कर्तव्य निभाओ,
परिवर्तन आ जायेगा।।
🙏🙏🙏🙏 🙏
*।।।शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो।।।*
*नमो बुद्धाय जय भीम जय सविधान *

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My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)