❓#वर्ण_व्यवस्था❓"वर्ण-व्यवस्था आपको गलत नहीं लगता पापा❓""हाँ, लगता है, पर हमारे मनीषियों ने तो इसे परिवर्तनशील बनाया था❗"
❓#वर्ण_व्यवस्था❓
"वर्ण-व्यवस्था आपको गलत नहीं लगता पापा❓"
"हाँ, लगता है, पर हमारे मनीषियों ने तो इसे परिवर्तनशील बनाया था❗"
"नहीं पापा, ये पाखंड था कि वर्ण-व्यवस्था परिवर्तनशील है❗"
भंगी, चमार, मुसहरों को पढ़ाता कौन था❓क्या ये अछूत सवर्णों के साथ बैठकर पढ़ सकते थे❓
गंदगी साफ करने वालों से लोग उस समय कैसे पेश आते थे, क्या आपको पता नहीं❓
और पापा हमारी जाति भंगी और चमार की होती तो भी क्या आप हिन्दू धर्म और वर्ण-व्यवस्था का गुणगान करते❓बोलिए पापा❓
सवर्णों को तो वर्ण-व्यवस्था ही क्यों, वेद-पुराण, उपनिषद सब भारत ही नहीं विश्व द्वारा अनुकरणीय लगते हैं क्योंकि वे किसी दलित के घर नहीं जनमे❗
दलितों के तो मासूम बच्चों तक को हिकारत के नजर से देखा जाता है, क्योंकि वो आपके महान हिन्दू धर्म के एक वर्ण विशेष में पैदा हुए हैं❗
वर्ण-व्यवस्था इतनी ही अच्छी मनीषियों ने बनाई थी तो इतनी हिकारत क्यों❓
बल्कि होना तो ये चाहिए पापा कि जो लोग "छूने तक के काबिल नहीं", जन्म से ही 'नींच' हैं उन्हें अभियान चलाकर "महान" हिंदू धर्म से खुद ही बाहर कर दिया जाए❗
जाएं जहाँ जिस धर्म में जाना चाहें, हमारी बला से❗ पर नही उन्हें तो हिंदू धर्म में बनाए रखने की मजबूरी है❓
"पर हम....
"आपको लगता है पापा जिस किसी धर्म के लोग जन्म से ही नींच हैं, उस धर्म को इन कुछ जन्मजात नींच लोगों के रहते हम उच्च और महान कैसे कह सकते हैं❓"
"बस कर छोटी, इन सब बातों के लिए तू अभी बहुंत छोटी है.... पापा अपनी बात पूरी नहीं कर पा रहे हैं❗"
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