चूड़ी बिछिया सिन्दूर सब महिला के लिये ही क्यों?और अगर ये सौंदर्य हैंतो शादी के बाद ही क्यो?
चूड़ी बिछिया सिन्दूर सब महिला के लिये ही क्यों?
और अगर ये सौंदर्य हैं
तो शादी के बाद ही क्यो?
समाज महिलाओ द्वारा विवाह सम्बन्धी निशानियों के नकारने से बड़ा बौखलाया हुआ है।।
आज की महिलाएं सवाल उठाती हैं कि
चूड़ी बिछिया सिंदूर सभी चीजें महिला के सौंदर्य से जोड़कर देखी जाती हैं।अगर यह सौंदर्य बढ़ाते हैं तो शादी से पहले क्यों नहीं
और यह मात्र सौंदर्य है तो सुहाग की निशानी समाज बताता है क्यों ?
जब एक लड़की किसी लड़के से शादी करती है तब एक लड़का भी उसी रिश्ते में बंधता है,जब लड़के के शरीर पर किसी तरह के शादी होने के सबूत नहीं पाए जाते तो लड़की के शरीर पर चूड़ी बिछिया सिंदूर अनेकों तरह के निशान क्यों ?
समाज इन चीजों को महिला के ऊपर लाध कर यह साबित करना चाहता है कि महिला किसी पुरुष की संपत्ति या सामान बन गई है इस पर अब किसी का अधिकार हो गया है अब वह दीवारों से बाहर झांके क्यों?
समाज या यह साबित करना चाहता है कि अब यह आजाद नहीं वरन किसी की पत्नी हो चुकी है और कुछ लोग यहां पर तर्क देंगे कि वो किसी के घर की इज्जत हो जाती है। पर अकेली महिला ही इज्जत क्यों
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