देख लो माननीय अखिलेश यादव द्वारा किया गया समाजवादी पार्टी का काम

देख लो अंध भक्तो समाजवादी काम
1.)अखिलेश थे तो कन्यादान मिलता था
2.)अखिलेश थे तो लैपटॉप मिलता है
3.)अखिलेश थे तो विधवा पेंशन मिलती थी
4.)अखिलेश थे तो आगरा एक्सप्रेसवे बनवाया था
5.)अखिलेश थे तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनवाया था
6.)अखिलेश थे तो मेदांता अस्पताल बनवाया था
7.)अखिलेश थे तो HCL बनवाया था
8.)अखिलेश थे तो इंटरनेशनल Ekana स्टेडियम बनाया 
9.)अखिलेश थे तो महिला सुरक्षा 1090 बनवाया था
10.)अखिलेश थे तो डायल 100 बनवाया था
11.)अखिलेश थे तो एंबुलेंस सेवा 108 बनवाया था
12.)अखिलेश थे तो मेट्रो बनवाई थी
13.)अखिलेश थे तो जनेश्वर मिश्र पार्क बनवाया था
14.)अखिलेश थे तो गोमती रिवरफ्रंट बनवाया गया था
15.)अखिलेश थे तो बेरोजगारी भत्ता मिलता था
16.)अखिलेश थे तो लोहिया बस सेवा लाए थे
17)अखिलेश थे तो लखनऊ आलमबाग टर्मिनल बस अड्डा बनवाया था
18.)अखिलेश थे तो  साइकिल ट्रक बनवाया गया था
19.)अखिलेश थे तो लोहिया ग्रामीण आवास बनवाया था
20.)अखिलेश थे तो गरीबों की सहायता होती थी
21.)अखिलेश थे तो लखनऊ में JNPIC बनवाया था
22.)अखिलेश थे तो  developing power sector
23.)अखिलेश थे तो कामधेनु योजना थी
24.)अखिलेश थे तो किसान आवाम सर्वहित बीमा योजना थी
25.)अखिलेश थे तो किसान बाजार बनाया था
26.)अखिलेश थे तो ऐसे अन्य कई विकास कार्य व सहायता की जाती थी
27.)अखिलेश थे तो सर्वाधिक वृक्षारोपण का Guinness World Records का सम्मान मिला
28.)अखिलेश थे तो गोरखपुर- देवरिया फोर लेन मिला
29.) अखिलेश थे तो हर मंडल को फोरलेन सड़को से जोड़ा गया। 
30.) अखिलेश थे तो सैमसंग मोबाइल मैनुफैक्चरिंग यूनिट ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया।

#धन्यवाद_आदरणीय_राष्ट्रीय_अध्यक्ष_अखिलेश_यादव_जी
पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

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My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)