958. #अधूरा_इंसाफ़.....✍️✍️“किसी को भी बलात्कार के बारे में बताएगी तो #तेरी_बदनामी होगी ”

958.     #अधूरा_इंसाफ़.....✍️✍️

“किसी को भी बलात्कार के बारे में बताएगी तो #तेरी_बदनामी होगी ”

1.   दसवीं में पढ़ने वाले #चार_लड़के अपनी ही क्लास की एक लड़की का बारी-बारी से #बलात्कार करते हैं,बाद में उसे ऊपर लिखी लाइन कह कर वहाँ से चले जाते हैं,

यह #गैंगरेप_देहरादून के एक #बोर्डिंग_स्कूल की कैंपस में होता है,
14अगस्त को,
लड़की बदनामी की डर से गैंगरेप वाली बात किसी को भी नहीं बताती,
पिरीयड मिस होने के बाद उसे लगता है कि कहीं वो प्रैगनेंट तो नहीं,
लड़की हॉस्टल सूपरिंटेंडेंट को बताती है,
उसके बाद मामला प्रिंसपल और डाईरेक्टर के पास पहुँचता है,
लड़की को #प्राइवेट_हॉस्पिटल में ले जा कर #अबॉर्शन करवा दिया जाता है 
और साथ में धमकी मिलती है प्रिंसिपल की तरफ़ से,

“अगर किसी को भी बताया तो स्कूल से #तुम और #तुम्हारी_बहन दोनों निकाल दी जाओगी ”
लड़की फिर से चुप हो जाती है मगर लड़की की बहन घर पर फ़ोन करके सारी कहानी बताती है और मामला सामने आता है,
फिर FIR दर्ज होती है,
कुछ लोग गिरफ़्तार होते है, 
बलात्कारी लड़कों को भी हिरासत में ले लिया जाता है,

2.  अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर इस बलात्कार में ऐसी कौन सी नयी बात है,
जो पोस्ट लिखना पड़ा, 
बलात्कार तो छींक और सर्दी होने जितना कॉमन है न, अपने यहाँ।

बिलकुल सही सोच रहे हैं, 
लिखने की कोई दरकार नहीं थी,
मगर उन लड़की द्वारा कहीं बात अटक गयी मुझमें,

आख़िर दसवीं में पढ़ने वाले उन लड़कों के दिमाग़ में,
ये बात आयी कहाँ से? 
कैसे उन्होंने सोचा कि बलात्कार कर देंगे हम,
और #इज़्ज़त_जाएगी_लड़की_की? 
क्या इस सोच के लिए #हम_ज़िम्मेदार_नहीं_हैं?
जब भी बलात्कार होता है, 
हमारा पहला रिएक्शन आता है,
“हाय इज़्ज़त लूट गयी उसकी ”

3.   अब मुझे बताइए कि बलात्कार होने से,
उस लड़की की इज़्ज़त कैसे लूट गयी, 
#इज़्ज़त तो #उन_लोगों_की_गयी_न,
जिन्होंने ये दुष्कर्म किया है।

फिर हमारा समाज भी ऐसा है, 
कि बलात्कार पीड़िता को सामान्य होने ही नहीं देता,
इन फ़ैक्ट बलात्कार के दौरान,
जो लड़कियाँ अपनी जान गँवा देती,
इस सो कॉल्ड इज़्ज़त को बचाने के लिए, 
उसका महिमामंडन करते नहीं थकती।

ये महिमामंडन करके हम कहीं न कहीं उसी सोच को बढ़ावा दे रहे कि, 
“बलात्कार के बाद लड़कियों का सब कुछ छिन जाता है,
उनके पास सिवाय मरने के कोई रास्ता नहीं बचा है”

इसके अलावा हम उस लड़की का चेहरा ढक देते हैं,
नाम बदल देते हैं,
वहीं बलात्कारी ‘#पोस्टर_ब्वाय’ बन अपना चेहरा दिखाते फिरते हैं,
कहीं न कहीं ये करके हम बलात्कारी प्रवृति को और भी बढ़ावा दे रहें।

4.   जबकि होना तो ये चाहिए कि हम अपनी लड़कियों के अंदर, 
ये बात डालें कि बलात्कार होना भी बाक़ी की #दुर्घटनाओं की तरह है,
इसके बाद भी ज़िंदगी है,
जान बची रहेगी तो हम बलात्कारी को #सज़ा भी दिलवा देंगे।

सबसे अहम् यह बात कि #बलात्कार और #इज़्ज़त का कोई वास्ता नहीं है,
तुम खुल कर उन अपराधियों के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करो,
इज़्ज़त उनकी जाएगी,
कालिख उनके चेहरे पर पुतेगी।

तुम सर्वाईवर हो,
तुम बहादुर हो,
और आख़िर में एक ज़िम्मेदारी हमारी भी बनती है 
कि हम अपने लड़कों को, 
ये समझाएँ कि बलात्कार करने से तुम्हारी इज़्ज़त जाएगी, 
तुम कभी भी सिर उठा कर नहीं रह पाओगे, 
#मर्दांगी_नहीं_कायरता_है_ये,
लड़कियाँ #प्रेम और #सम्मान के लिए बनीं है
न कि #मार_डालने और #बलात्कार करने के लिए।

यदि आप मेरे विचारों से सहमत हो,
तो एक #शेयर भी कर दीजियेगा।
जिससे कि मैसेज ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास पहुंच सके...🙏

Vishwambar Singh

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