समय निकालकर पुरा लेख पढे।जब लार्ड वैवल गवर्नर जनरल ने 1946 मे रेडियो पर स्पीच दिया कि हम जब भारत छोड कर जाँएगे तो सत्ता के 3 हिस्से होंगे..!

समय निकालकर पुरा लेख पढे।

जब लार्ड वैवल गवर्नर जनरल ने 1946 मे रेडियो पर स्पीच दिया कि हम जब भारत छोड कर जाँएगे तो सत्ता के 3 हिस्से होंगे..!
1.हिंदू
2.मुस्लिम
3.SC ST OBC

जब यह स्पीच गांधी ने सुना तो गांधी ने सत्ता के तीसरे हिस्से SC ST OBC का विरोध किया और लॉर्ड वेवल गवर्नर जनरल को टेलीग्राम भेजकर विरोध किया।


फिर 17 अगस्त 1932 को कमन्यूल अवार्ड घोषित किया गया। टेलीग्राम की काॕपी डॉक्टर अंबेडकर को प्राप्त हुई ( गांधी और कांग्रेस में अछूतों के लिए क्या किया पुस्तक में लिखा है) कि अंग्रेज 1946 तक तीन हिस्से बनाने के लिए राजी थे। लॉर्ड वेवल गवर्नर जरनल तो चले गए उनकी जगह पर लॉर्ड माउंटबेटन आये। लॉर्ड माउंटबेटन आना नहीं चाहते थे। लॉर्ड माउंटबेटन एक शर्त पर तैयार हुए की मेरे लिए गए हुए फैसले पर लंदन की सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी। माउंटबेटन ने गांधी को विभाजन के लिए मनाने को जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल को अपनी ओर खींच लिया।

गांधी मौलाना आजाद के पास बैठे थे वहा संदेश आया कि माउंटबेटन आप से वार्ता करना चाहते हैं गांधी ने मौलाना आजाद से कहा यदि मैं पाकिस्तान का विरोध करूं तो आप किसका साथ दोगे। मौलाना आजाद ने कहा मैं आपका साथ दूंगा। जब गांधी लॉर्ड माउंटबेटन से मिले तो माउंट बेटन ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू और सरदार बल्लभ भाई पटेल ने विभाजन के लिए सहमति दे दी है तो आप भी सहमति दे दे। गांधी ने कहा होगा कि अगर विभाजन के लिए सहमति दूं तो इसमें मेरा क्या फायदा होगा? लॉर्ड माउंटबेटन ने कहां तो आप क्या चाहते हैं? तो गांधी ने माउंटबेटन से कहा होगा कि सत्ता के तीन हिस्सा होंगे मैं इसका विरोध करता हूं। यदि आप तीसरे हिस्से यानी OBC SC ST को समाप्त कर दोगे तो मैं विभाजन के लिए सहमति दे दूंगा।

1918 में साउथ बरो कमीशन भेजा गया तो गांधी ने उसका विरोध किया।

1931 गोलमेज सम्मेलन में गांधी ने कहा कि यदि अंग्रेज लोग मुझे आजादी देते हैं और उस आजादी में OBC SC ST को उनके अधिकार देते हैं तो मुझे ऐसी आजादी नहीं चाहिए।

गांधी ने मुसलमानों से कहा कि मैं आपकी 14 मांगों को मानने के लिए तैयार हूं। गांधी ने मौलाना शौकत अली से कहा यदि आप अछूतों के अधिकारों का विरोध करें तो मैं आपकी सभी मांगों को मानने के लिए तैयार हूं।

उन 14 मांगों में से एक मानी है। वो थी कि गौ हत्या करने का अधिकार मुसलमानों को होना चाहिए। गांधी उनकी यह भी मांग मानने के लिए तैयार थे। मौलाना शौकत अली ने साफ इंकार कर दिया और कहा कि मैं OBC SC ST के साथ धोखा नहीं कर सकता। मौलाना शौकत अली ने राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस मैं OBC SC ST के अधिकारों का समर्थन किया।

मौलाना शौकत अली डॉक्टर अंबेडकर को वह सभी बातें बता दी जो गांधी और मौलाना के बीच में हुई थी।

डॉक्टर अंबेडकर ने गांधी को चेतावनी दी यदि आप ऐसे षड्यंत्र से बाज नहीं आए तो मैं आप को दुनिया के सामने नंगा कर दूंगा!

*"जो लोग अपना इतिहास नहि जानते वो लोग अपना भविष्य निर्माण नहि कर सकते।"*

देशहित मे जारी..!

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