विष्णु भगवान के 10वे अवतार बताने वाले ढोंगी बाबा कल्कि महाराज ने अंधविश्वास, ढोंग और पाखंड के बल पर हज़ारो करोड़ की संपत्ति कैसे बनाई और 1 lic क्लर्क से कैसे इंटरनेशनल बाबा बन गया।

विष्णु भगवान के 10वे अवतार बताने वाले ढोंगी बाबा कल्कि महाराज ने अंधविश्वास, ढोंग और पाखंड के बल पर हज़ारो करोड़ की संपत्ति कैसे बनाई और 1 lic क्लर्क से कैसे इंटरनेशनल बाबा बन गया। हमारे देश की मूर्ख जनता पता नहीं कैसे ऐसे ढोंगियों के चंगुल में फंस जाती है। धर्म को धंधा बनाने वाले लोग खूब फल फूल रहे हैं। देश मे जो जितना पढ़ा लिखा है वो उतना ही मूर्ख है और इन बाबाओ के पास खूब जाता है। चाहे वो डॉक्टर हो या इंजीनियर हो या कोई दूसरे व्यवसाय में क्यो न हो।
उसे अपनी शिक्षा और योग्यता पर भरोसा नहीं बल्कि ऐसे ढोंगियों, पाखंडियो के आशीर्वाद पर भरोसा है। जिसका परिणाम ये निकलता है कि ऐसे पाखण्डी ढोंगी बाबा खुद को देवता, भगवान घोषित कर देते हैं और लोग अंधे होकर उनकी पूजा करने लगते हैं। और अपना धन, संपत्ति पैसा उनपर लुटाते हैं। और गरीब जनता का खून चूसते हैं। हमे इसपर गहन विचार करना होगा और ऐसे ढोंगी, पाखंडी बाबाओं से बचना होगा।

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)