Skip to main content

गोरखपुर: युवती से गैंगरेप, अंगों को सिगरेट से जलाया, रोहिणी बोलीं- रामराज्य में आपका स्वागत है


गोरखपुर: युवती से गैंगरेप, अंगों को सिगरेट से जलाया, रोहिणी बोलीं- रामराज्य में आपका स्वागत है

August 17, 2020

बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं घट रही हैं। जो योगी सरकार के राज में गिरती कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। इस वक्त हर राज्य में अपराध अपनी चरम सीमा पर जा पहुंचा है और योगी सरकार इस पर लगाम लगाने में असफल साबित हो रही है।

महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार के राज में हर दिन महिला अपराध की कई घटनाएं घटती हैं।

इसी बीच गोरखपुर से 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हैवानियत का ऐसा मामला सामने आया है, जो किसी का भी दिल दहला दे। यहां एक दलित युवती का रेप करने के बाद आरोपियों ने उसके शरीर पर जलती हुई सिगरेट दाग दीं। यह घटना गोरखपुर के गोला बाजार की बताई जा रही है।

पीड़िता के पिता ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी होने के बाद जब पीड़िता के माता-पिता घटनास्‍थल पर पहुंचे, तो उनकी बेटी बेहोश हालात में पड़ी हुई थी।

जानकारी के मुताबिक, युवती को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवा दिया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।दरअसल पीड़िता शुक्रवार की रात पानी भरने के लिए हैंडपंप पर गई थी। जहां बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बिठा लिया और तालाब के पास बनी झोपड़ी में ले जाकर उसके साथ रेप किया।

दोनों आरोपियों के खिलाफआईपीसी की धारा 363, 376, 326 आईपीसी और पाक्सो एक्‍ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया हैं। पीड़िता ने एक आरोपी की पहचान कर ली है। इनके नाम अर्जुन निषाद और छोटू हैं।

इस मामले में पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा- एक बेटी का सामूहिक रेप किया, अंगों को सिगरेट से दागा और छोड़ दिया. ये है आज के गोरखपुर में रामराज्य की गुडमॉर्निंग. इसे इंतहा नहीं करेंगे, तो किसे कहेँगे? क़ानून का डर कहाँ है, साहिब जी?

वहीं पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा- एक ‘संत’ मुख्यमंत्री है और उनके क्षेत्र गोरखपुर की बात है। बीती रात एक बेटी घर से पानी लेने निकली और अगवा कर ली गयी, दो युवकों ने उस 17 साल की बेटी का रेप किया, सिर्फ मजे के लिए उसके शरीर को सिगरेट से जलाया, तब तक रेप किया जब तक वो बेहोश नहीं हो गयी। रामराज्य में आपका स्वागत है।


Comments

Popular posts from this blog

My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)