लखनऊ : चंद्रिका देवी मंदिर के कुंड में मिला युवती का शव,नहीं हो सकी पहचान

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लखनऊ : चंद्रिका देवी मंदिर के कुंड में मिला युवती का शव,नहीं हो सकी पहचान 

लखनऊ के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में बने चंद्रिका देवी मंदिर के कुंड में सुबह एक युवती की लाश पानी में तहारती मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोर की मदत से शव को पानी से बहार निकाला,पुलिस प्रशाशन ने शव की पहचान कराने की कोशिश की लेकिन उसकी शव की पहचान नहीं हो सकी है, फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा दिया गया है, पुल‍िस CCTV कैमरे की दो दिन की फुटेज खंगाल रही है।

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मृतका हरे रंग की सलवार सूट पहने थी उसका रंग सांवला है,पुलिस ने मेला कमेटी के आफिस में CCTV रात की फुटेज देखी, लेकिन रात की फुटेज में लड़की आते जाते नहीं दिखी। मृतका का शरीर पानी में डूबने की वजह से अकड़ मिला है,बता दें युवती के शरीर पर कोई भी जाहिरा चोट के निशान नहीं देखने को मिले है सीसी कैमरे की दो दिन की फुटेज देखी जा रही है।

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 पुलिस ने शव की पहचान कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा दिया गया है। इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह ने बताया मेला परिसर और कुंड की ओर लगे सीसी कैमरों की दो दिन की फुटेज की जांच की जा रही है।   

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    My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

    ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)