सेवा में,,,,,,, माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ,। उत्तर प्रदेश,। भारतीय जनता पार्टी,। आपके शासन काल में जिला कानपुर में संजीत यादव का अपहरण करके फिरोती ली, ओर हत्या करके शव को नाले में डाल दिया,। क्यों कि पुलिस प्रशासन भ्रष्ट ओर रिश्वत खोर लापरवाह है,। राम राज्य कहो या गुंडा राज,। आने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देगी,। क्यों जनता की आंखें खुल चुकी है,। उत्तर प्रदेश की जनता एक जुट होकर आवाज उठाएं,। अपने हित ओर अधिकार के लिए,। आये दिन हत्या बलात्कार लूटपाट, जेसे घिनोने अपराध बढ़ते जा रहे हैं रूकने का नाम नहीं ले रहा है,। इस सरकार में हद से भी ज्यादा अपराध करने वाले अपराधी सांसद मंत्री अनपढ़, संसद भवन तक पहुंच गये है,। खुले सांड की तरह घूम रहे हैं अपराधी गरीब जनता की फरियाद कहा ओर कोन सुनेगा,। क्यों कि पुलिस प्रशासन भ्रष्ट ओर रिश्वत खोर लापरवाह, अंधा बहरा लूला लंगड़ा अपाहिज हो गया है,। सरकार का भी यही हाल है,। चोर चोर मोसेरे भाई तो अपराध कहा रूकेगा,। बेटी बचाओ बेटी बचाओ अभियान के तहत बोट मांगने का नया अवतार जनता को दिया,। महिलाओं का सम्मान देश का सम्मान,। उत्तर प्रदेश की जनता देख रहीं हैं,। किस्को कितना सम्मान मिल रहा है,।

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)

यदि कोई तथाकथित ऊंची जाति वाला किसी तथाकथित छोटी जाति वाले के यहां धोखे से कुछ खा पी लेता है