गुजरात में मंत्री के बेटे को सबक सिखाने वाली महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ दो और जांचें शुरू

गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) में पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता यादव (Constable Sunita Yadav) 8 जुलाई को चर्चा में आई थीं। सुनीता ने राज्य के मंत्री कुमार कनाणी (Minister Kumar Kanani) के बेटे प्रकाश (Prakash Kanani) को लॉकडाउन का उल्लंघन (Surat Lockdown) करने के लिए फटकार लगाई थी। सुनीता को इसके लिए पूरे देश का समर्थन मिला, लेकिन उनके खिलाफ तीन जांचें शुरू हो गई हैं।
सूरत
गुजरात में मंत्री कुमार कनाणी के बेटे प्रकाश को लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर आड़े हाथों लेने वाली पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता यादव की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ दो और जांचों का आदेश दिया गया है। इससे पहले उसके खिलाफ एक जांच चल रही थी। अब सुनीता के खिलाफ कुल मिलाकर तीन जांचें हो गई हैं। इधर सुनीता यादव ने दावा किया है कि उसने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सुनीता के ऊपर आरोप लगा है कि वह लोगों को सड़क पर उठक-बैठक कराती थी। इस बात को लेकर उसके खिलाफ जांच शुरू की गई हैं। वहीं दूसरा आरोप उनके ऊपर बीते 9 जुलाई से अपनी ड्यूटी से गायब होने का लगा है। इसके अलावा उसके खिलाफ मंत्री के बेटे को फटकार लगाने की जांच पहले से चल रही है।
सुनीता पर लगे हैं तीन आरोप

सुनीता के खिलाफ जांच के आदेश सूरत पुलिस कमिश्नर आरबी ब्रह्मदत्त ने दिए हैं। कहा जा रहा है कि 8 जुलाई को मंत्री के बेटे के साथ हुए विवाद के अगले दिन 9 जुलाई से सुनीता ड्यूटी पर नहीं जा रही हैं। सुनीता यादव ने कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं।

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ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)

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