#विकास दुबे का एपिसोड और हस्र देखने के बाद श्री अजय सिंह बिष्ट/ सरकार से पुनः अपील है कि वह माननीय श्री आजम खान साहब ,उनकी पत्नी वा बेटे पर लगे फर्जी मुकदमे वापस लेकर उन्हें रिहा करें या कम से कम उनकी जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी दे ।विकास दुबे का एपिसोड और हस्त्र देखने के बाद कि जिस तरह से हाईवे पर गाड़ी फिसल कर पलटी और विकास दुबे हथकड़ी लगे हुए हाथों से असलहा छीनने लगा, फायरिंग भी करने लगा और भागने भी लगा और मीडिया की लंबी फौज हाथ पर हाथ रखे बैठी रह गई ।यह सब देख कर श्री अजय सिंह बिष्ट जी को धन्यवाद भी देने का मन करता है कि उन्होंने हमारे इतने बड़े नेता माननीय श्री आजम खान साहब की जान बख्शी और आगे के लिए उनसे प्रार्थना एवं गुजारिश भी है कि हमारे नेता माननीय श्री आजम खान साहब की जान बख्शे रहे ।अब डर करोना से नहीं, चोर, बदमाश, डकैत से नहीं बल्कि श्री अजय सिंह बिष्ट से लगने लगा है। इसलिए श्री अजय सिंह बिष्ट/ सरकार से मेरी पुनः अपील है और इस प्रदेश की इंसाफ पसंद जनता से भी अपील है कि वह अजय सिंह बिष्ट/ सरकार से अपील करें कि वह जिस तरह से मुख्यमंत्री श्री अजय सिंह बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य उर्फ स्टूल मंत्री अपने द्वारा किए गए जघन्य अपराधों के अपने ऊपर के मुकदमे वापस लिए हैं उसी आधार पर माननीय श्री आजम खान साहब उनकी पत्नी श्रीमती तंजीन फातिमा साहिबा और बेटे श्री अब्दुल्ला आजम जिन्होंने कभी भी अपराध के नाम पर एक चिंटी तक नहीं मारी और भ्रष्टाचार के नाम पर एक पैसे का गबन नहीं किया है उनका भी केस अपने केस के आधार पर वापस लेकर उन्हें रिहा करें। जहां एक तरफ सरकार माननीय श्री आजम खान साहब को परिवार सहित जेल भेज कर उन्हें प्रताड़ित करने का काम किया है और उनके ऊपर बकरी चोरी, किताब चोरी और भैंस चोरी का केस लगा कर अपनी भी जग हंसायी कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है ।यह काम उन्हें नरेंद्र दामोदरदास मोदी उर्फ चौकीदार की सरकार के नेतृत्व में हो रहा है जिनके नेतृत्व में गुजरात में गोधरा नरसंहार हुआ और उन्हें उस में क्लीन चिट भी मिल गई। कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए राजीव गांधी फाउंडेशन से बेस्ट मुख्यमंत्री का अवार्ड भी मिल गया ।माननीय श्री आजम खान साहब उन नरेंद्र दामोदरदास मोदी सरकार के नेतृत्व में जेल काट रहे हैं जिन नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने महाराष्ट्र में भाजपा सरकार बनवाने के प्रयास में अजित पवार का 70000 करोड़ का भ्रष्टाचार का मामला रात भर में वापस ले लिया ।नीरव मोदी, राहुल मेंकुसी और विजय माल्या से लेकर कई गुजराती और भ्रष्टाचारी अरबो का भ्रष्टाचार करके विदेश चले गए तब आपको उनकी चोरी नहीं दिखी आपको दिखी तो केवल आजम खान साहब की तथाकथित किताब चोरी ,बकरी चोरी और भैंस चोरी दिखी। खैर बात किताब चोरी, बकरी चोरी और भैंस चोरी की है भी नहीं और ना ही आपने उनको इस वजह से गिरफ्तार ही किया है ।आपने उन्हें अन्य 2 वजह से गिरफ्तार किया है एक तो यह कि वह आपकी सरकार की कलई और कच्चा चिट्ठा खोल रहे थे और आपका भ्रष्टाचार उजागर कर रहे थे सड़क से लेकर संसद तक और दूसरा यह कि आपने जिस तरह से अपने भक्तों और अंध भक्तों का जहन जिस लिए पिछले 100 सालों में तैयार किया है कि अगर मुसलमान को परेशान करो तो हिंदू बहुत खुश होता है इसलिए ही आप लोगों ने आजम खान साहब को जेल भेजकर अपने संघी और गुमराह हिंदुओं को खुश करने का काम किया है लेकिन आप यह जान लीजिए कि ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है। अभी कुछ दिन पूर्व माननीय श्री रामगोविंद चौधरी साहब नेता विरोधी दल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र से जानकारी मिलने के बाद और उस पत्र द्वारा माननीया श्रीमती तंजीन फातिमा साहिबा की दर्द विदारक स्थिति सुनने के बाद मैं बेहद दुखी हुआ उनके कूल्हे का कुछ दिन पूर्व ऑपरेशन हुआ था जिसमें पस आ गया था और जेल में ही फिसल कर गिरने के बाद उनका हाथ टूट गया था जिसमें प्लास्टर बंधा हुआ है लेकिन इस मानवता विहीन और संवेदनहीन सरकार को जरा सा भी उन पर दर्द और रहम नहीं आया जबकि सरकार एक से एक जघन्य अपराधियों को जेल से निकालने और मुकदमा वापस लेने का काम कर रही है , इस क्रम में जहां जेसिका लाल हत्याकांड के अभियुक्त मनु शर्मा को जेल में उनके अच्छे व्यवहार के कारण जेल से बाहर किया गया है और चिन्मयानंद जैसे घोर एवं जघन्य अपराधी पर से लगे मुकदमा वापस लेने की तैयारी है और कुलदीप सिंह सेंगर जैसे दुर्दांत अपराधी को जमानत मिल रही है ऐसे में सवाल उठता है कि क्या माननीय आजम खान साहब माननीया श्रीमती तंजीन फातिमा साहिबा और विधायक श्री अब्दुल्ला आजम जी का व्यवहार जेल में खराब है या कुलदीप सेंगर ,चिन्मयानंद और मनु शर्मा से बड़े अपराधी हैं जिसकी वजह से ना तो उनको जमानत मिल सकती है और ना ही उनके ऊपर लगे केस वापस लिए जा सकते हैं या उनको विश्वविद्यालय बनाने की सजा मिल रही है जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब के गरीब बच्चे पढ़ते हैं और सब को एक नजर से देखा जाता है ।मैं बता दूं कि आजम खान साहब केवल नाम और धर्म से मुसलमान हैं कर्म से धर्मनिरपेक्ष और विशुद्ध इंसान हैं ।उन्होंने जीवन में कभी भी कोई चीज हिंदू मुसलमान की नजर से नहीं देखी उनका चरित्र मौलाना साद और ओवैसी की तरह नहीं है अगर इन लोगों की तरह उनका भी दोहरा चरित्र होता तो आज उनके सर पर भी भाजपा और आर.एस.एस.की छतरी लगी होती ।मैं इस लेख के माध्यम से सरकार को बताना भी चाहता हूं और चेताना भी चाहता हूं कि जिस दिन हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव जी ने माननीय श्री आजम खान साहब के लिए और सरकार के दमन चक्र के खिलाफ संघर्ष का ऐलान कर दिया उस दिन सरकार को अपनी हैसियत का पता चल जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार की सारी जेले छोटी पड़ जाएंगी। मुझे इस बात का पूरा यकीन है कि वह इस समय कोरोना को लेकर भ्रम की स्थिति में होंगे कि अगर वह माननीय श्री आजम खान साहब की रिहाई और सरकार के दमन चक्र के खिलाफ संघर्ष का एलान करते हुए सड़कों पर निकलते हैं तो सरकार उन्हें जहां एक तरफ लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने के लिए जेल भेज सकती है वही जनता में अफवाह फैला सकती है कि सपा ने ही कोरोना फैलाया है और उसका फायदा आगामी चुनाव में उठा सकते हैं ।माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के और माननीय श्री आजम खान साहब के जितने पुराने राजनीतिक और भावनात्मक संबंध है उसके आधार पर में यह कह सकता हूं कि कोरोना का संक्रमण कम होते ही माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी माननीय श्री आजम खान साहब के लिए किसी भी हद तक जाकर संघर्ष कर सकते है........!!

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