यूपी हो बिहार हो या हो गुजरात,यादव #न_डरे_हैं_न_डरेंगे‼️_____ सूरत की लेडी कॉन्स्टेबल सुनीता यादव की बहादुरी को सलाम है, जिन्होंने सूरत(गुजरात) के भाजपाई स्वास्थ्य मंत्री कुमार कानानी को बता दिया कि में यदुकुल की बेटी हूं, #न_डरूंगी_तुझसे न तेरे बाप से।।▪️मामला दरअसल ये है कि रात के समय मंत्री कुमार कानानी का बेटा बाप की गाड़ी लेकर सड़कों पर घूमता हुआ कोविड-19 के प्रतिबंधात्मक हुक्मों को तोड़ रहा था। कर्तव्यनिष्ठ लेडी कॉन्स्टेबल ने उसे रोका तो #बदतमीजी_पर_उतर आया। ▪️बाप के मंत्रिपद के नशे में लेडी कॉन्स्टेबल को 365 दिन वहीं खड़े होने की सजा की बात करने लगा। मगर उस चूतिया को नेम प्लेट पर लिखे सरनेम पर गौर नहीं किया, उसके ऐसा कहने पर #सुनीता___यादव_ने बोला कि सुन बे अमीर बाप की बिगड़ी औलाद ये वर्दी कानून की है, #तेरे_बाप_की दी हुई नहीं है,ऑर #365_दिन खड़ा करने की औकात तेरी तो क्या तेरे बाप की भी नहीं है, जिस पर कानूनन कार्यवाही की गई...▪️आला अफसर ने मंत्रीजी के कहने पर इस कॉन्स्टेबल को फोन पर हड़काने लगे,(ऑडियो क्लिप कॉमेंट बॉक्स में मिल जाएगी), तो सुनीता यादव ने #माफी_मांगने_से_इनकार करते हुवे इस्तीफा दे दिया।______ गर्व है मेरी ऐसी बहना पर ,जिसने सम्मान से समझौता नहीं किया,हमारी यादव सेना टीम जल्द सूरत जाकर मुलाकात कर मंत्री के बेटे के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग करेंगे,व #गुजरात_के सभी #यदुवंशी विधायक,सांसद,मंत्रियों से आग्रह है कि जल्द से जल्द उस #मंत्री_के_बेटे_को उसकी औकात बताएं 😍💪▪️वरना 26 करोड़ यदुवंशी सड़कों पर उतरकर पूरी सरकार को हिला देगा।। ऑर ये हम नहीं हमारा इतिहास बोलता है कि जब यदुवंशी सड़क पर उतरते हैं,________तो ब्रह्माण्ड डोलता है‼️

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My thesis on Brahmin Privilege (read the entire thred)1. If I am a Brahmin, I will be revered in the society and a “Ji” will be added to my name. I will be known as a pundit, although I. #dilip c mandal

ये फोटो में जिस जज को आप देख रहे हैं इनका नाम है जस्टिस कर्णन...पूरा नाम है चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन....ये जज साहेब न्यायालय की अवमानना ​​के लिए छह महीने की जेल की सजा काटकर अब बाहर आ रहे हैं... वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश और पहले दलित न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले भी पहले न्यायाधीश हैं--सजा किस बात की दी गई....सच बोलने की...!!!आइए थोड़ा पीछे ले चलते हैं ...वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा....इस पत्र में 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी....पत्र "सच्चा" था इसलिए "विवाद बड़ा" था! सच से संवैधानिक संकट पैदा हो गया...!! क्योंकि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाये थे। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज कर लिया..! अब बारी थी सच को "कैद-ए-बामशक्कत" देने की....! सब सच के खिलाफ लट्ठ लेकर खड़े हो गये...!!!न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सच को कैद कर दिया। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित न्यायाधीश ने छह महीने की जेल की सजा काटी। उस समय उनका विरोध करने वालों ने कहा था कि वे पागल हैं....लेकिन फिर समय बीता....फटाफट तमाम जज मलाई खाने के लिए जगह-जगह फिट कर दिए गये...फिर एक जज के यहां करोड़ों रूपए निकल आए...!!!चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन उर्फ दलित जज सजा काट कर बाहर आ गये और सच भी बाहर आ‌ गया लेकिन...!!बकलम-चंदन कुमार.. ✍🏻 (लेखन में भाषाई सजावट मैंने की है)