अपनी #कहानी ख़ुद लिखते हैं ,ख़ुद ही #डायरेक्टर होते हैं ,हम लोग #वकील हैं ,हमारे अपने #पर्दे अपने #थियेटर होते हैं .
अपनी #कहानी ख़ुद लिखते हैं ,
ख़ुद ही #डायरेक्टर होते हैं ,
हम लोग #वकील हैं ,
हमारे अपने #पर्दे अपने #थियेटर होते हैं .
सामाजिक न्याय की लड़ाई में और समाज को संगठित करने में जो भी हमारी भूमिका और हमारा प्रयास हो सकेगा और गरीबों को विधिक सहायता और जो भी सहायता हो सके कि हम अपने पूरे सामर्थ्य और कर्तव्य निष्ठा के साथ करते रहेंगे और इसमें सभी जुड़ने वाले आने वाले सभी एडवोकेट और अन्य लोगों का स्वागत और अभिनंदन है धन्यवाद
Comments