दीवार-ओ-दर से चाहे तो रिश्ता बना के रखलेकिन बुरा न माने तो...दस्तक बचा के रखदुश्मन भी हो तो उस के हलक़ से उतर सकेलहजे के जाम को ज़रा...मीठा बना के रख(अज्ञात)
दीवार-ओ-दर से चाहे तो रिश्ता बना के रख
लेकिन बुरा न माने तो...दस्तक बचा के रख
दुश्मन भी हो तो उस के हलक़ से उतर सके
लहजे के जाम को ज़रा...मीठा बना के रख
(अज्ञात)
Comments